आपके फोन और SIM कार्ड में होता है सोना! क्या इसे निकालकर कमाए जा सकते हैं पैसे?

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आपके पुराने मोबाइल फोन और SIM कार्ड में बेहद कम मात्रा में सोने का इस्तेमाल होता है, लेकिन इससे घर बैठे आसानी से पैसे कमाना संभव नहीं है। आइए आपको इस बारे में विस्तार से बताते हैं। 

Gold in Phone
स्मार्टफोन्स और SIM कार्ड दोनों में बहुत कम मात्रा में सोना इस्तेमाल किया जाता है।

अगर आपने कभी सुना है कि आपके पुराने मोबाइल फोन और SIM कार्ड में सोना छिपा होता है, तो यह बात पूरी तरह से झूठी नहीं है। इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज में सच में थोड़ी मात्रा में सोने का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि घर में पड़े कुछ पुराने फोन या SIM कार्ड से सोना निकालकर आसानी से अच्छी कमाई की जा सकती है। आइए आपको इस बारे में विस्तार से बताते हैं।

मोबाइल फोन में सोना खास तौर से इलेक्ट्रॉनिक सर्किट और Printed Circuit Board (PCB) के कुछ हिस्सों में इस्तेमाल होता है। दरअसल, सोने की खासियत यह है कि इसमें जंग नहीं लगती और यह अच्छी इलेक्ट्रिकल कंडक्टिविटी देता है, इसलिए बेहद छोटे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज और कनेक्शंस में इसका इस्तेमाल किया जाता है।

रिसर्च में सामने आई ये जानकारी

साल 2026 में पब्लिश एक रिसर्च में 1998 से 2021 के बीच बने 45 मोबाइल फोन्स की PCBs का अध्ययन किया गया। इसमें पाया गया कि स्मार्टफोन PCB में सोने की मीडियन कंसन्ट्रेशन करीब 428 ppm थी, जबकि पुराने फीचर-फोन PCB में यह आंकड़ा करीब 1,244 ppm था। यानी समय के साथ PCB में सोने की कंसन्ट्रेशन कम हुई है।

एक और स्टडी में अलग-अलग मोबाइल PCB में सोने की मात्रा लगभग 0.009 प्रतिशत से 0.017 प्रतिशत वजन तक पाई गई थी। यह मात्रा बहुत छोटी है, लेकिन जब हजारों या लाखों पुराने फोन एक साथ रिसाइकल किए जाते हैं, तो यही छोटी मात्रा महत्वपूर्ण हो जाती है।

क्या SIM कार्ड में भी सोना होता है?

हां, SIM कार्ड के कॉन्टैक्ट पॉइंट्स पर गोल्ड प्लेटिंग का इस्तेमाल किया जा सकता है। भारत के टेलीकम्युनिकेशंस इंजीनियरिंग सेंटर के SIM स्पेसिफिकेशंस में कॉन्टैक्ट्स को निकल की लेयर और उसके ऊपर गोल्ड लेयर से प्रोटेक्ट करने की बात बताई गई है। इसका मकसद बेहतर मकैनिकल प्रोटेक्शन और भरोसेमंद इलेक्ट्रिकल कॉन्टैक्ट देना है। हालांकि, SIM कार्ड पर सोने की लेयर बेहद पतली होती है। ऐसे में एक-दो पुराने SIM कार्ड से सोना निकालना बिल्कुल फायदे का सौदा नहीं है।

फिर पुराने फोन से कमाई कैसे होती है?

सोने की असली कीमत बड़े पैमाने पर ई-वेस्ट रिसाइकलिंग में है। अमेरिकी EPA के मुताबिक, 10 लाख पुराने मोबाइल फोन को रिसाइकल करने पर लगभग 75 पाउंड (करीब 34 किलोग्राम) तक सोना रिकवर किया जा सकता है। इसके अलावा करीब 35000 पाउंड कॉपर, 772 पाउंड सिल्वर और 33 पाउंड पलैडियम भी रिकवर हो सकते हैं। औसत देखें तो एक फोन में सोने की मात्रा बेहद कम होती है, लेकिन लाखों फोन इकट्ठा होने पर यही मात्रा कई किलोग्राम तक पहुंच सकती है।

भारत के NITI Aayog के एक हालिया डॉक्यूमेंट में भी बताया गया है कि मोबाइल फोन वाले ई-वेस्ट में कीमती मेटल्स की कंसन्ट्रेशन सामान्य ओर्स की तुलना में काफी ज्यादा हो सकती है। इसमें मोबाइल फोन ई-वेस्ट के लिए लगभग 300-400 ग्राम सोना प्रति टन का आंकड़ा दिया गया है।

क्या घर पर सोना निकाल सकते हैं?

तकनीकी तौर पर इलेक्ट्रॉनिक कचरे से सोना रिकवर किया जा सकता है, लेकिन यह आसान घरेलू काम नहीं है। इडस्ट्रियल रिसाइकलिंग में पहले इलेक्ट्रॉनिक्स को डिस्मेंटल और प्रोसेस किया जाता है और फिर अलग-अलग धातुओं को रिकवर किया जाता है। घर पर पुराने फोन के PCB को जलाना या तेजाब जैसे केमिकल्स से सोना निकालने की कोशिश करना खतरनाक हो सकता है।

आसान भाषा में समझें तो घर में आप फोन या सिम कार्ड में लगा सोना निकालकर पैसे नहीं कमा सकते। एक या कुछ फोन और SIM कार्ड से सोना निकालकर मिलने वाली कीमत इतनी कम होगी कि ऐसा करने की लागत और मेहनत ही उसके मुकाबले कहीं ज्यादा हो सकती है।

Pranesh Tiwari

लेखक के बारे में

Pranesh Tiwari

प्राणेश वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां वे पिछले चार वर्षों से टेक्नोलॉजी सेक्शन का अहम हिस्सा हैं। खुद को दिल से लेखक और पेशे से पत्रकार मानने वाले प्राणेश के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में आठ वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने अपने पूरे करियर में साइंस और टेक्नोलॉजी की जटिलताओं को आम पाठकों के लिए सरल, सहज और रोचक भाषा में प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान दिया है।

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