Income Tax भर रहे हैं तो सावधान, आ गई फर्जी ईमेल की बाढ़; एक गलती कर देगी कंगाल
Income Tax भरने का प्लान कर रहे हैं, तो तोड़ा संभल के भरिएगा, क्योंकि एक छोटी सी गलती आपको बड़े नुकसान में डाल सकती है। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि Fake Income Tax ईमेल की बाढ़ सी आ गई है। आपकी एक गलती आपको मुसीबत में डाल सकती है।

अगर आप Income Tax भरने का प्लान कर रहे हैं, तो तोड़ा संभल के भरिएगा, क्योंकि एक छोटी सी गलती आपको बड़े नुकसान में डाल सकती है। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि Fake Income Tax ईमेल की बाढ़ सी आ गई है, जो खासतौर से भारतीयों को निशाना बना रही हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर 2025 में, साइबर सुरक्षा कंपनी Kaspersky ने ढेर सारे मलिशियस ईमेल का पता लगाया, जो भारत के इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से आए आधिकारिक ईमेल से बहुत मिलते-जुलते थे। कुछ हफ्तों बाद, जनवरी 2026 में, इसी तरह का एक कैंपेन रूसी संगठनों को निशाना बनाने लगा। उसके बाद, यही अभियान इंडोनेशिया में भी शुरू किया गया।
मेल में छिपी है मलिशियस फाइल
कैस्परस्काई का कहना है कि यह मलिशियस ईमेल एक 'APT' (Advanced Persistent Threat) कैंपेन है, जिसमें नुकसान पहुंचाने वाली मलिशियस फाइल्स को टैक्स उल्लंघन से जुड़े दस्तावेजों के रूप में छिपाया गया है। एक बार इन्फेक्शन होने पर, हमलावर प्रभावित डिवाइस तक रिमोट एक्सेस हासिल कर सकते हैं और संवेदनशील डेटा चुरा सकते हैं।
कैस्परस्काई का कहना है कि उन्होंने इस गतिविधि का श्रेय Silver Fox थ्रेट ग्रुप को दिया है, क्योंकि इन मलिशियस ईमेल कैंपेन की दोनों लहरों की बनावट लगभग एक जैसी थी; इनमें फिशिंग ईमेल को टैक्स ऑडिट से जुड़े आधिकारिक नोटिस के रूप में पेश किया गया था, या फिर यूजर्स को एक ऐसी आर्काइव फाइल डाउनलोड करने के लिए कहा गया था जिसमें "टैक्स उल्लंघनों की लिस्ट" होने का दावा किया गया था।
अब, जैसे ही आप इस आर्काइव को डाउनलोड करने के लिए क्लिक करते हैं, एक पब्लिक रिपॉजिटरी से लिया गया, Rust-बेस्ड एक मॉडिफाइड लोडर आ जाता है। यह लोडर, जाने-माने ValleyRAT बैकडोर को डाउनलोड और एग्जीक्यूट करेगा।
कैस्परस्काई की जांच के दौरान, उन्हें यह भी पता चला कि हमलावर पीड़ित डिवाइसों पर एक नया ValleyRAT प्लगइन भेज रहे थे, जो पहले से अननोन Python-बेस्ड बैकडोर के लिए लोडर का काम करता था। उन्होंने इस बैकडोर का नाम ABCDoor रखा है।
कैस्परस्काई के एक रेट्रोस्पेक्टिव एनालिसिस से पता चलता है कि ABCDoor कम से कम 2024 के आखिर से ही Silver Fox के हथियारों के जखीरे का हिस्सा रहा है, और 2025 की पहली तिमाही से लेकर अब तक इसका इस्तेमाल असल दुनिया के हमलों में किया गया है। वह फिशिंग ईमेल, जो आयकर विभाग के आधिकारिक कम्युनिकेशन से काफी मिलता-जुलता है।
इसका भारतीयों पर क्या असर पड़ा
5 मई, 2026 की प्रेस रिलीज के अनुसार, कैस्परस्काई की Global Research & Analysis Team (GReAT) ने SilverFox ग्रुप द्वारा किए गए साइबर हमलों की कई नई लहरों का एनालिसिस किया, जिन्हें दिसंबर 2025 से देखा जा रहा था। इस कैंपेन ने भारत, इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका और रूस की उन कंपनियों को निशाना बनाया जो औद्योगिक, कंसल्टिंग, व्यापार और परिवहन क्षेत्रों में काम करती हैं। फिशिंग ईमेल इस तरह से तैयार किए गए थे कि वे आधिकारिक टैक्स ऑडिट नोटिफिकेशन्स जैसे दिखें, या प्राप्तकर्ताओं को एक आर्काइव डाउनलोड करने के लिए प्रेरित करें, जिसमें कथित तौर पर "टैक्स उल्लंघनों की लिस्ट" होने का दावा किया गया था। हमलावर का उद्देश्य पीड़ितों को फाइल डाउनलोड करने के लिए मनाना और हमले की प्रक्रिया को शुरू करना था। अकेले जनवरी और फरवरी के बीच ही, 1600 से अधिक दुर्भावनापूर्ण ईमेल दर्ज किए गए।
सेफ रहने के लिए क्या करना चाहिए
सुरक्षित रहने के लिए आप नीचे दिए गए कुछ टिप्स को फॉलो कर सकते हैं:
- अपनी डिजिटल लेटरेसी के स्तर को नियमित रूप से बेहतर बनाएं। यह विशेष कोर्स या ट्रेनिंग प्रोग्राम के जरिए किया जा सकता है।
- ऐसे समाधान का इस्तेमाल करें जो अपने-आप संदिग्ध ईमेल को ब्लॉक कर सके, पासवर्ड से सुरक्षित आर्काइव को स्कैन कर सके और CDR टेक्नोलॉजी लागू कर सके।
- साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स को साइबर खतरे की जानकारी तक एक्सेस दें, ताकि आप हमलावरों की नई तकनीकों के बारे में जानकारी रख सकें।
- साइबर सिक्योरिटी कंपनियों के ऐसे समाधानों का इस्तेमाल करके अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को कई तरह के खतरों से बचाएं, जो रियल-टाइम सुरक्षा, खतरे की पहचान, जांच और एडवांस्ड रिस्पॉन्स जैसी क्षमताएं प्रदान करते हैं।
लेखक के बारे में
Arpit Soniअर्पित सोनी को शुरुआत से ही नए-नए गैजेट्स को एक्सप्लोर करने और उन्हें आजमाने का शौक रहा है। अब अर्पित ने अपनी इस हॉबी को ही अपना पेशा बना लिया है। भोपाल के रहने वाले अर्पित को नए-नए गैजेट्स का रिव्यू करना और उनके बारे में लिखना काफी पसंद है। टेक्नोलॉजी, रोबोट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इनसे जुड़ी खबरें लिखना भी इन्हें काफी भाता है। लाइव हिन्दुस्तान में अर्पित पिछले चार साल से बतौर सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रहे हैं। मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें करीब 9 साल का अनुभव है। अर्पित ने मीडिया जगत में शुरुआत एक रीजनल चैनल से की थी। इससे बाद उन्होंने नवभारत टाइम्स और दैनिक भास्कर की गैजेट्स बीट में काम किया। अर्पित की स्कूलिंग भोपाल से हुई है। उन्होंने कंप्यूटर साइंस से इंजीनियरिंग की है। मीडिया में झुकाव के चलते उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU) से पोस्ट ग्रेजुएशन करके मीडिया जगत में एंट्री की। मीडिया में इन्हें आठ साल से ज्यादा समय हो चुके हैं और सफर अभी जारी है। गैजेट्स के अलावा, इन्हें नई-नई जगहों पर घूमना और उनके बारे में जानने का भी बहुत शौक है।
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