घर में लगा Smart TV चुराता है आपका डाटा; क्या जानते हैं पूरा सच?

Dec 20, 2025 09:38 pm ISTPranesh Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
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स्मार्ट टीवी इंटरनेट से जुड़े होने के चलते आपकी देखने की आदतें, ऐप यूजेस और कभी-कभी वॉइस डाटा को ट्रैक कर सकते हैं। सही प्राइवेसी सेटिंग्स अपनाकर आप अपनी प्राइवेसी को काफी हद तक सेफ रख सकते हैं।

घर में लगा Smart TV चुराता है आपका डाटा; क्या जानते हैं पूरा सच?

आज के दौर में स्मार्ट टीवी सिर्फ कंटेंट देखने का जरिया नहीं रह गए हैं। ये इंटरनेट से जुड़े ऐसे डिवाइस बन चुके हैं, जो ऐप्स, वॉइस असिस्टेंट और ऑनलाइन सर्विसेज के जरिए हमारी रोज की आदतों का हिस्सा बन गए हैं। इसी के साथ एक बड़ा सवाल भी उठता है कि क्या स्मार्ट टीवी हमारे डाटा को ट्रैक करते हैं और क्या ये हमारी प्राइवेसी पर नजर रखते हैं? आइए आपको पूरा सच बताएं।

पहले तो यह समझना जरूरी है कि स्मार्ट टीवी कुछ हद तक डाटा कलेक्शन जरूर करते हैं। जब आप टीवी को इंटरनेट से कनेक्ट करते हैं, तब कंपनी यह जान पाती है कि आप कौन-से ऐप इस्तेमाल कर रहे हैं, क्या देख रहे हैं और कितनी देर तक देख रहे हैं। इस जानकारी का इस्तेमाल ज्यादातर कंटेंट रिकमेंडेशन और ऐड दिखाने के लिए किया जाता है। यानी टीवी आपके कंटेंट देखने के पैटर्न को समझने की कोशिश करता है।

मिलती है खास ACR टेक्नोलॉजी

कई स्मार्ट टीवी मॉडल्स में Automatic Content Recognition (ACR) नाम की टेक्नोलॉजी होती है। यह टेक्नोलॉजी स्क्रीन पर चल रहे कंटेंट को पहचान लेती है, चाहे आप केबल टीवी देख रहे हों या किसी OTT ऐप पर मूवी। इसके जरिए कंपनियां यह समझ पाती हैं कि यूजर किस तरह का कंटेंट पसंद करता है। यही वजह है कि आपको टीवी या उससे जुड़े ऐप्स पर आपकी पसंद के हिसाब से ऐड और सजेशंस दिखाई देते हैं।

टीवी सुन सकता है आपकी आवाज

वॉइस असिस्टेंट वाले स्मार्ट टीवी एक और चिंता की वजह बनते हैं। अगर आपके टीवी में माइक्रोफोन है और आपने वॉइस कमांड फीचर ऑन किया हुआ है, तो टीवी आपकी आवाज भी सुन सकता है। आमतौर पर यह फीचर तभी एक्टिव होता है जब आप कोई कमांड देते हैं, लेकिन अगर सेटिंग्स ठीक से ना देखी जाएं तो प्राइवेसी को लेकर रिस्क बढ़ सकता है। कुछ हाई-एंड मॉडल्स में कैमरा भी होता है, जो सही तरह से कंट्रोल ना होने पर खतरा बन सकता है।

बता दें, ज्यादातर मामलों में डाटा कलेक्शन यूजर की सहमति से होता है, जो लंबी-चौड़ी प्राइवेसी पॉलिसी में छुपा रहता है। समस्या ये है कि ज्यादातर लोग टीवी सेट करते समय इन नियम और शर्तों को पढ़ते नहीं हैं और सीधे Accept पर क्लिक कर देते हैं।

इन बातों का ध्यान रखना जरूरी

अगर आप अपनी प्राइवेसी को सेफ रखना चाहते हैं, तो कुछ सावधानियां जरूरी हैं। टीवी की सेटिंग्स में जाकर ACR और पर्सनलाइज्ड ऐड्स का ऑप्शन बंद किया जा सकता है। वॉइस असिस्टेंट और माइक्रोफोन को तभी ऑन रखें जब उनकी जरूरत हो। चाहें तो टीवी को सीमित समय के लिए ही इंटरनेट से कनेक्ट करें या अलग नेटवर्क पर रखें।

Pranesh Tiwari

लेखक के बारे में

Pranesh Tiwari

प्राणेश तिवारी पिछले चार साल से लाइव हिन्दुस्तान में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर टेक्नोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। खुद को दिल से लेखक और पेशे से पत्रकार मानने वाले प्राणेश, आठ साल से ज्यादा वक्त से साइंस और टेक्नोलॉजी की दुनिया को शब्दों में ढाल रहे हैं। गैजेट्स इनसाइट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) उनकी एक्सपर्टीज हैं, जहां वह मुश्किल टेक्नोलॉजी को सरल और असरदार भाषा में पाठकों तक पहुंचाते हैं। लेटेस्ट गैजेट्स रिव्यू करना और नए ऐप्स पर वक्त बिताना उन्हें जॉब का पसंदीदा हिस्सा लगता है।
करियर की शुरुआत नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से करने वाले प्राणेश ने न्यूजबाइट्स में सीनियर टेक जर्नलिस्ट के रूप में भी भूमिका निभाई। लॉकडाउन में 'सिर्फ दोस्त: नए जमाने की प्रेम कहानियां' लघुकथा संग्रह भी लिखा। IIMC, नई दिल्ली में PTI अवॉर्ड से सम्मानित प्राणेश ने स्मार्टफोन, AI, कंज्यूमर टेक और डिजिटल इनोवेशन जैसे विषयों पर गहराई से तथ्यात्मक रिपोर्टिंग की है। काम के अलावा उन्हें लिखना और सफर करना पसंद है, दोनों ही उनके लिए दुनिया को समझने और कहानियों में बदलने का जरिया हैं।

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