
Apple की नई टेंशन, अचानक पिंक हो रहे ऑरेंज iPhone, यूजर्स परेशान, कंपनी ने दी यह सफाई
Apple अब नए iPhone के कलर के कारण विवादों में उलझता नजर आ रहा है। कई यूजर्स ने शिकायत की है कि ऑरेंज कलर के नए आईफोन का कलर पिंक हो गया है। दरअसल, iPhone 17 Pro और iPhone 17 Pro Max के कई यूजर्स ने शिकायत की है कि उनके नए कॉस्मिक ऑरेंज आईफोन का कलर रोज गोल्ड या पिंक में बदल गया है।
सम्बंधित सुझाव
और मोबाइल देखें
Apple अब नए iPhone के कलर के कारण विवादों में उलझता नजर आ रहा है। कई यूजर्स ने शिकायत की है कि ऑरेंज कलर के नए आईफोन का कलर पिंक हो गया है। दरअसल, iPhone 17 Pro और iPhone 17 Pro Max के कई यूजर्स ने शिकायत की है कि उनके नए कॉस्मिक ऑरेंज आईफोन का कलर रोज गोल्ड या पिंक में बदल गया है। यूजर्स सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स रेडिट और एक्स पर इसकी शिकायत कर रहे हैं।
सम्बंधित सुझाव
और मोबाइल देखें
दरअसल, पिछले हफ्ते, कई ऐसे रेडिट और एक्स पोस्ट सामने आए हैं जिनमें नए आईफोन्स की ऑरेंज फिनिश समय के साथ फीकी पड़ती या बदलती दिखाई दी। सबसे पहली शिकायत रेडिट यूजर DakAttack316 ने की थी, जिन्होंने बताया कि उनके कॉस्मिक ऑरेंज आईफोन 17 प्रो मैक्स में "बिना किसी असामान्य ट्रीटमेंट के" एक गुलाबी रंगत आ गई है।

इसके बाद, कई अन्य लोगों ने भी इसी तरह के अनुभव शेयर किए हैं। ज्यादातर का कहना है कि ग्लास बैक पैनल अपने ओरिजनल कलर में ही बना हुआ है, लेकिन एनोडाइज्ड एल्युमीनियम फ्रेम और कैमरा प्लेटू धीरे-धीरे गुलाबी रंग में बदल गए हैं, जो दिन के उजाले में सबसे ज्यादा दिखाई देता है। एक यूजर ने तो यहां तक कहा कि उनके फोन का कैमरा वाला हिस्सा, सिर्फ चार दिनों के इस्तेमाल के बाद, बाकी फ्रेम के मुकाबले ज्यादा गहरा दिखाई देने लगा, जबकि वह ऐप्पल के ऑफिशियल क्लियर केस में रखा हुआ था।

ऐप्पल ने बताया कलर चेंज होने के पीछे का साइंस
तो आखिर हो क्या रहा है? कुछ लोगों का मानना है कि इसका कारण पेरोक्साइड-बेस्ड क्लीनर या तेज यूवी लाइट का एक्सपोजर हो सकता है। दरअसल, ऐप्पल की सपोर्ट साइट विशेष रूप से हाइड्रोजन पेरोक्साइड युक्त उत्पादों से आईफोन साफ करने के खिलाफ चेतावनी देती है।
सम्बंधित सुझाव
और मोबाइल देखें
कंपनी के आधिकारिक निर्देशों में लिखा है, "70 प्रतिशत आइसोप्रोपिल अल्कोहल वाइप, 75 प्रतिशत एथिल अल्कोहल वाइप, या क्लोरॉक्स डिसइन्फेक्टिंग वाइप्स का इस्तेमाल करके, आप अपने आईफोन की बाहरी सतहों को हल्के हाथों से पोंछ सकते हैं। ब्लीच या हाइड्रोजन पेरोक्साइड युक्त उत्पादों का इस्तेमाल न करें। किसी भी छिद्र में नमी आने से बचें, और अपने आईफोन को किसी भी क्लीनिंग एजेंट में न डुबोएं। कीटाणुरहित करने के बाद, एक मुलायम, थोड़े नम (पानी से) और लिंट-फ्री कपड़े से पोंछ लें।"
ऐप्पल ने कभी यह नहीं बताया कि पेरोक्साइड पर प्रतिबंध क्यों लगाया गया है, लेकिन मटेरियल एक्सपर्ट्स का कहना है कि एनोडाइज्ड एल्युमीनियम कोटिंग्स तेज ऑक्सीडाइजर के प्रति संवेदनशील हो सकती हैं। एनोडाइजिंग प्रक्रिया में एक छिद्रयुक्त ऑक्साइड परत बनाई जाती है जिसमें कलरफुल डाई मिलाए जाते हैं और फिर सील कर दिया जाता है, जिससे आईफोन को उसकी विशिष्ट कलर डेप्थ मिलती है। लेकिन अगर वह ऑक्साइड परत क्षतिग्रस्त हो जाती है, या अगर समय के साथ यूवी लाइट कलर को तोड़ देता है, तो रंग बदल सकता है। दूसरे शब्दों में, कॉस्मिक ऑरेंज फिनिश अपने आप में थोड़ी अधिक कॉस्मिक हो सकती है।
समस्या सिर्फ ऑरेंज कलर तक सीमित
दिलचस्प बात यह है कि कलर में बदलाव की समस्या कॉस्मिक ऑरेंज मॉडल तक ही सीमित लगती है। आईफोन 17 प्रो के अन्य कलर वेरिएंट, साथ ही आईफोन 15 और 16 प्रो सीरीज के टाइटेनियम और ग्लास फिनिश मॉडल, इस समस्या से ग्रस्त नहीं दिखते है। ऐसा संभवतः इसलिए है क्योंकि उन्हें रंगा नहीं गया है, जिससे वे पर्यावरणीय या रासायनिक प्रतिक्रियाओं के प्रति अधिक प्रतिरोधी हो जाते हैं।
फिलहाल, ऐप्पल ने इस स्थिति पर कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है। हालांकि, कई यूजर्स ने बताया है कि ऐप्पल सपोर्ट ने जांच के बाद, रंग उड़े हुए डिवाइसेस को चुपचाप रिप्लेस कर दिया है, जिससे पता चलता है कि कंपनी कम से कम पर्दे के पीछे शिकायतों को गंभीरता से ले रही है। हालांकि मामलों की संख्या अपेक्षाकृत कम है।

लेखक के बारे में
Arpit Soniलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।






Space Black





