AI को फोटो देने से पहले जान लें: ChatGPT या Gemini, दोनों से में कौन ज्यादा सुरक्षित?

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ChatGPT और Gemini दोनों यूजर के डेटा और फोटो को प्रोसेस करते हैं, लेकिन उनकी प्राइवेसी पॉलिसी और डेटा-कंट्रोल सेटिंग्स अलग हैं। आइए इनके बारे में समझते हैं। 

ChatGPT vs Gemini Privacy
ChatGPT vs Gemini: दोनों की प्राइवेसी पॉलिसी डाटा यूज करने की बात कहती है।

AI टूल्स अब सिर्फ आसान सवालों के जवाब ही नहीं दे रहे हैं। ढेरों लोग ChatGPT और Google Gemini जैसे AI टूल्स पर अपनी फोटो अपलोड करके उन्हें एडिट कर रहे हैं, डॉक्यूमेंट का एनालिसिस करा रहे हैं और पर्सनल जानकारी से जुड़े सवाल पूछ रहे हैं। यहां एक बड़ा सवाल है कि जो फोटो या डेटा हम AI को दे रहे हैं, उसका होता क्या है? क्या कंपनी उसे सिर्फ जवाब देने के लिए इस्तेमाल करती है या भविष्य में अपने AI मॉडल को बेहतर बनाने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है? ChatGPT और Gemini की ऑफीशियल पॉलिसी को देखें तो दोनों में डेटा कंट्रोल के ऑप्शंस हैं, लेकिन इनके काम करने का तरीका अलग है।

कैसी है ChatGPT की प्राइवेसी पॉलिसी?

OpenAI के मुताबिक Data Controls के जरिए यूजर यह तय कर सकता है कि उसकी बातचीत और इंटरैक्शन का इस्तेमाल मॉडल को बेहतर बनाने के लिए किया जाए या नहीं। यानी सामान्य consumer ChatGPT में यूजर के पास मॉडल इम्प्रूवमेंट के लिए अपने डेटा के इस्तेमाल को बंद करने का विकल्प मौजूद है। OpenAI यह भी बताता है कि मॉडल को बेहतर बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले डेटा में पर्सनल जानकारी कम करने के लिए कदम उठाए जाते हैं। इसके अलावा ChatGPT में Temporary Chat जैसे प्राइवेसी फीचर भी उपलब्ध हैं।

कैसी है Gemini की प्राइवेसी पॉलिसी?

Google Gemini में भी यूजर के पास डेटा मैनेज करने के विकल्प हैं, लेकिन यहां Gemini Apps Activity और Keep Activity सेटिंग पर गौर करना होगा। Google के मुताबिक, जब Keep Activity ऑन होती है तो Gemini की एक्टिविटी Google Account में सेव की जाती है। यूजर अपनी Gemini एक्टिविटी देख और डिलीट कर सकता है तथा Keep Activity को बंद कर सकता है। सेटिंग ऑन होने पर Gemini Live में शेयर की गई कुछ चीजें, जैसे ट्रांसक्रिप्ट, ऑडियो, इमेज, फाइल और वीडियो या स्क्रीनशेयर भी एक्टिविटी का हिस्सा बन सकते हैं।

Gemini की प्राइवेसी पॉलिसी में एक और महत्वपूर्ण बात है। Google कहता है कि Gemini की कुछ चैट्स को Google की सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए Human Reviewers देख सकते हैं। Google की Privacy Hub के मुताबिक, चैट्स को इस तरह के रिव्यू के लिए इस्तेमाल होने से रोकने के लिए Keep Activity को बंद किया जा सकता है। इसलिए Gemini इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए अपनी Activity और Privacy Settings को समझना काफी जरूरी है।

यानी सिर्फ Privacy Controls और कंज्यूमर यूज सेटिंग्स को आधार मानें तो ChatGPT थोड़ा बेहतर विकल्प नजर आता है, हालांकि इसे यह नहीं समझना चाहिए कि Gemini पूरी तरह असुरक्षित है। सवाल यह है कि आपका डाटा या फोटो कितने वक्त तक सर्वर पर रहते हैं और इसका कोई साफ जवाब नहीं मिलता।

आपको रखना होगा इन बातों का ध्यान

Aadhaar, PAN, पासपोर्ट, बैंक डिटेल, निजी मेडिकल डॉक्यूमेंट, बेहद प्राइवेट इमेजेस या ऐसी फोटो जिनसे किसी व्यक्ति की सेंसिटिव जानकारी सामने आ सकती है, उन्हें किसी भी consumer AI टूल पर अपलोड करने से बचना बेहतर है। याद रखें, किसी AI सेवा की Privacy Policy सिर्फ कंपनी की जिम्मेदारी नहीं है, यूजर को भी यह समझना चाहिए कि वह कौन-सा डेटा किस सेवा को दे रहा है और उसकी प्राइवेसी सेटिंग्स क्या हैं। इसके अलावा किसी भी अनजान ऐप और वेबसाइट के साथ डेटा और इमेजेस शेयर करने से हमेशा बचें।

Pranesh Tiwari

लेखक के बारे में

Pranesh Tiwari

प्राणेश वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां वे पिछले चार वर्षों से टेक्नोलॉजी सेक्शन का अहम हिस्सा हैं। खुद को दिल से लेखक और पेशे से पत्रकार मानने वाले प्राणेश के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में आठ वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने अपने पूरे करियर में साइंस और टेक्नोलॉजी की जटिलताओं को आम पाठकों के लिए सरल, सहज और रोचक भाषा में प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान दिया है।

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प्राणेश की विशेषज्ञता गैजेट्स, टेक इनसाइट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे विषयों में है। वे तकनीकी बारीकियों और कठिन शब्दावली को इस तरह प्रस्तुत करते हैं कि एक सामान्य पाठक भी तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया को आसानी से समझ सके। लेटेस्ट गैजेट्स का रिव्यू करना और नए मोबाइल ऐप्स के फीचर्स को आजमाना उनके काम का पसंदीदा हिस्सा है। उनकी लेखन शैली में स्पष्टता, रिसर्च और कहानी कहने का संतुलन देखने को मिलता है।

अब तक का सफर और उपलब्धियां
प्राणेश ने अपने प्रोफेशनल करियर की शुरुआत नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से की। इसके बाद उन्होंने न्यूजबाइट्स (NewsBytes) में सीनियर टेक जर्नलिस्ट के रूप में काम किया, जहां उन्होंने तकनीकी रिपोर्टिंग में अपनी अलग पहचान बनाई। वे भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली के पूर्व छात्र हैं और अपनी प्रतिभा के लिए प्रतिष्ठित PTI अवॉर्ड से सम्मानित हो चुके हैं।

लेखन और व्यक्तिगत रुचियां
पत्रकारिता के साथ-साथ प्राणेश एक संवेदनशील और रचनात्मक लेखक भी हैं। लॉकडाउन के दौरान उन्होंने ‘सिर्फ दोस्त: नए जमाने की प्रेम कहानियां’ नामक लघुकथा संग्रह लिखा, जिसमें रिश्तों की बारीकियों को भावनात्मक रूप से प्रस्तुत किया गया है।

उन्हें स्मार्टफोन, कंज्यूमर टेक और डिजिटल इनोवेशन से जुड़े विषयों पर गहराई से रिसर्च करना और पढ़ना पसंद है। काम के अलावा, उन्हें यात्रा करना भी बेहद पसंद है। उनके लिए यात्राएं केवल सुकून का जरिया नहीं, बल्कि नए अनुभवों और कहानियों को खोजने का तरीका हैं।

चाहे वह किसी नए AI टूल की पड़ताल हो या किसी अनदेखी जगह की यात्रा.. प्राणेश का लक्ष्य हमेशा एक बेहतरीन कहानी बुनना ही होता है।

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