
पॉर्न वेबसाइट पर हजारों CCTV फुटेज लीक, कहीं लीक वीडियोज में आपका चेहरा तो नहीं?
सबसे बड़े CCTV डाटा लीक्स जैसे मामलों में से एक राजकोट में सामने आया है। पता चला है कि हजारों CCTV क्लिप्स बड़े हैक में लीक हुए हैं, और इन्हें पॉर्न वेबसाइट को बेचा गया है।
दुनियाभर के कोने-कोने में अब क्लोज्ड सर्किट टेलीविजन (CCTV) कैमरे मौजूद हैं, जो पल-पल की निगरानी करते हैं। हालांकि अब CCTV कैमरा में रिकॉर्ड हुए हजारों फुटेज लीक होने का मामला सामने आया है। मामला गुजरात के राजकोट का है, जहां हैकर्स ने बीते 9 महीने में कम से कम 50 हजार CCTV क्लिप चोरी कर उन्हें 700 रुपये से 40 हजार रुपये के बीच कीमत पर एक इंटरनेशनल पॉर्न वेबसाइट को बेच दिया है।
सामने आए स्कैम ने लोगों के होश उड़ा दिए हैं और पता चला है कि मुंबई, नासिक, दिल्ली, सूरत, पुणे और अहमदाबाद जैसे शहरों में हॉस्पिटल, स्कूल, कॉर्पोरेट ऑफिस, फैक्ट्री, सिनेमाहॉल और लोगों के घरों में लगे करीब 80 CCTV डैशबोर्ड हैकर्स की गिरफ्त में थे। जांच अधिकारियों की मानें तो डैशबोर्ड्स के admin123 जैसे डिफॉल्ट पासवर्ड्स की वजह से इस साइबर अपराध को अंजाम दिया गया।
बड़े स्तर पर लीक हुए सेंसिटिव वीडियोज
स्कैम का खुलासा राजकोट के पायल मैटरनिटी हॉस्पिटल के क्लिप Megha Mbbs और CP Monda जैसे यूट्यूब चैनल्स पर देखने को मिले। यहां से ग्राहक टेलीग्राम लिंक तक पहुंचे, जहां चोरी किए गए फुटेज खरीदे जा रहे थे। सामने आया है कि ये क्लिप्स बीते जून महीने से टेलीग्राम ग्रुप्स पर उपलब्ध थे। कई CCTV सिस्टम फैक्ट्री में सेट हुए डिफॉल्ट पासवर्ड यूज कर रहे थे, जिन्हें बदला नहीं गया था।
कैमरों पर किया गया था ब्रूट फोर्स अटैक
जांच में पता चला है कि लीक हुए CCTV फुटेज चोरी करने के लिए ब्रूट फोर्स अटैक किया गया था। टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि कैमरों का IP एड्रेस पाने के लिए sulIP.biz वेबसाइट यूज किए गए थे। इसके अलावा SWC सॉफ्टवेयर इस्तेमाल किया गया था। बता दें, ब्रूट फोर्स अटैक में प्रोग्राम या बॉट की मदद से लेटर्स और नंबर्स के कॉम्बिनेशंस ट्राई किए जाते हैं।
हमेशा रखना चाहिए इन बातों का ध्यान
सिक्योरिटी सिस्टम में ऐसे अटैक्स या सेंधमारी को बचाने के लिए आपको WiFi और CCTV कैमरा के पासवर्ड्स समय-समय पर बदलते रहने चाहिए। इसके अलावा कभी भी admin123, 123456789 और Password जैसे डिफॉल्ट पासवर्ड्स नहीं यूज करने चाहिए और उन्हें कैमरा सेटअप करते वक्त बदल देना चाहिए। रिमोट ऐक्सेस के दौरान आपको मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन मिल जाता है।

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Pranesh Tiwariलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




