मरने के बाद भी 'जिंदा' रहेंगे आप? आपको सोशल मीडिया पर जिंदा रखेगा Meta का पेटेंट

Feb 13, 2026 04:16 pm ISTPranesh Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
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Meta के एक नए AI पेटेंट के मुताबिक, इंसान की मृत्यु के बाद भी उसका सोशल मीडिया अकाउंट उसकी तरह व्यवहार कर सकता है। यानी सोशल मीडिया पर यूजर अकाउंट पहले की तरह काम करता रह सकता है। 

मरने के बाद भी 'जिंदा' रहेंगे आप? आपको सोशल मीडिया पर जिंदा रखेगा Meta का पेटेंट

हमारी पहचान अब सिर्फ शरीर तक सीमित नहीं रही। डिजिटल एरा में हमारी हंसी, हमारे थॉट्स, हमारी फोटोज, हमारी बातें, सब कुछ सोशल मीडिया पर मौजूद है। ऐसे में एक सवाल पहले से ज्यादा बड़ा हो गया है कि क्या इंसान मरने के बाद भी डिजिटल दुनिया में जिंदा रह सकता है? टेक कंपनी Meta की एक नई AI आधारित पेटेंट फाइलिंग ने इस सवाल को हकीकत के और करीब ला दिया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, Meta को दिसंबर, 2025 में एक ऐसा पेटेंट मिला है जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से किसी यूजर के ऑनलाइन बिहेवियर को 'सिम्युलेट' करने की बात कही गई है। यह पेटेंट साल 2023 में फाइल किया गया था और इसे कंपनी के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर Andrew Bosworth से जोड़ा गया है। इस सिस्टम में एक बड़ा लैंग्वेज मॉडल यूजर के पुराने पोस्ट, कमेंट, लाइक्स और ऐक्टिविटीज के आधार पर उसकी डिजिटल पर्सनालिटी को समझ सकता है।

मौत के बाद भी ऐक्टिव रहेगा सोशल मीडिया

कल्पना कीजिए कि आप इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन आपका अकाउंट अब भी पोस्ट कर रहा है, कमेंट कर रहा है, दोस्तों को जवाब दे रहा है। AI आपके लिखने के तरीके, आपके फेवरेट शब्द, आपके रिएक्शन के पैटर्न को कॉपी करके वैसी ही मौजूदगी बनाए रख सकता है। यानी शरीर भले खत्म हो जाए, लेकिन आपकी डिजिटल पहचान जिंदा रह सकती है।

Meta के डॉक्यूमेंट में यह भी कहा गया है कि जब कोई यूजर अचानक प्लेटफॉर्म से गायब हो जाता है, खासकर अगर वह कभी लौटकर नहीं आएगा तो इसका गहरा भावनात्मक असर पड़ता है। ऐसे में AI आधारित 'डिजिटल स्टैंड-इन' उस खालीपन को कुछ हद तक भर सकता है। जो लोग अपने करीबी को खो चुके हैं, वे उनकी डिजिटल मौजूदगी से जुड़कर सुकून पा सकते हैं।

और भी कंपनियां कर रही हैं ऐसे टेक पर काम

यह नया नहीं है और Grief Tech नाम की एक टेक्नोलॉजी कैटेगरी तेजी से उभर रही है। Replika और You, Only Virtual जैसी कंपनियां पहले से ही ऐसे टूल्स पर काम कर रही हैं, जो किसी मृत व्यक्ति की बातचीत की शैली को दोबारा क्रिएट कर सकें। वहीं Microsoft ने 2021 में एक ऐसे चैटबॉट का पेटेंट कराया था, जो मृत व्यक्तियों की डिजिटल इमेज को सिम्युलेट कर सकता है।

फिलहाल Meta ने साफ किया है कि उसके पास इस खास पेटेंट को लागू करने की कोई योजना नहीं है। टेक कंपनियां अक्सर कई यूनीक विचारों पर पेटेंट फाइल करती हैं, लेकिन वे सभी प्रोडक्ट में नहीं बदलते।

Pranesh Tiwari

लेखक के बारे में

Pranesh Tiwari

प्राणेश तिवारी पिछले चार साल से लाइव हिन्दुस्तान में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर टेक्नोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। खुद को दिल से लेखक और पेशे से पत्रकार मानने वाले प्राणेश, आठ साल से ज्यादा वक्त से साइंस और टेक्नोलॉजी की दुनिया को शब्दों में ढाल रहे हैं। गैजेट्स इनसाइट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) उनकी एक्सपर्टीज हैं, जहां वह मुश्किल टेक्नोलॉजी को सरल और असरदार भाषा में पाठकों तक पहुंचाते हैं। लेटेस्ट गैजेट्स रिव्यू करना और नए ऐप्स पर वक्त बिताना उन्हें जॉब का पसंदीदा हिस्सा लगता है।
करियर की शुरुआत नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से करने वाले प्राणेश ने न्यूजबाइट्स में सीनियर टेक जर्नलिस्ट के रूप में भी भूमिका निभाई। लॉकडाउन में 'सिर्फ दोस्त: नए जमाने की प्रेम कहानियां' लघुकथा संग्रह भी लिखा। IIMC, नई दिल्ली में PTI अवॉर्ड से सम्मानित प्राणेश ने स्मार्टफोन, AI, कंज्यूमर टेक और डिजिटल इनोवेशन जैसे विषयों पर गहराई से तथ्यात्मक रिपोर्टिंग की है। काम के अलावा उन्हें लिखना और सफर करना पसंद है, दोनों ही उनके लिए दुनिया को समझने और कहानियों में बदलने का जरिया हैं।

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