नई मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम को मिली मंजूरी, बजट 62,500 करोड़, 60 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार
सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय (MeitY) ने घोषणा की कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम को मंजूरी दे दी है। इस स्कीम का बजट 62,500 करोड़ रुपये रखा गया है। इससे लगभग 60,000 नौकरियां पैदा होंगी।

बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग (LSEM) के लिए भारत की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम इस साल की शुरुआत में 31 मार्च को खत्म हो गई। Apple और Samsung समेत कई स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियाँ PLI स्कीम का फायदा उठाने वालों में शामिल थीं। यह स्कीम सरकार के 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत शुरू की गई थी, जिसका मकसद देश को वॉल्यूम के हिसाब से फोन मैन्युफैक्चरिंग का दूसरा सबसे बड़ा हब बनाना था। अब, केंद्रीय कैबिनेट ने एक और स्कीम को मंजूरी दी है, जिसका मकसद भारत के फोन मैन्युफैक्चरिंग उद्योग को और मजबूत करना है। नई मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के तहत, सरकार भारत में मैन्युफैक्चरर्स को इंसेंटिव देने की योजना बना रही है। हालांकि, यह स्कीम सरकार की ओर से आधिकारिक तौर पर नोटिफाई किए जाने के बाद लागू होगी।
मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम को कैबिनेट की मंजूरी मिली
गैजेट्स360 की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय (MeitY) ने घोषणा की कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम को मंजूरी दे दी है। इस स्कीम का बजट 62,500 करोड़ रुपये रखा गया है। इस स्कीम का उद्देशय भारत में मोबाइल फोन का प्रोडक्शन और बढ़ाना, फोन बनाने में ज्यादा मूल्य जोड़ना और फोन मैन्युफैक्चरिंग में शामिल सप्लाई चैन को मजबूत करना है। मंत्रालय का यह भी कहना है कि इस स्कीम से भारत को दुनियाभर में मोबाइल फोन बनाने में और ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनाना है। यानी सरकार मोबाइल फोन बनाने के कारोबार को भारत में और बड़ा और बेहतर बनाना चाहती है।
घरेलू ब्रांडों की मदद करने के उद्देश्य से, यह स्कीम भारतीय ब्रांड्स को "तकनीकी संप्रभुता" और पैमाने की अर्थव्यवस्था हासिल करने में सक्षम बनाने का दावा करती है, जिसमें डिजाइन पेटेंट बनाने और भारत के भीतर पहुंचने और विकास करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। नई मैन्युफैक्चरिंग स्कीम का कार्यकाल पांच साल का है, जो वित्त वर्ष 2026-27 से शुरू होकर वित्त वर्ष 2030-31 तक है।
मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के तहत, सरकार भारत में पात्र बिक्री के आधार पर फोन निर्माताओं को 2.25 प्रतिशत से 5 प्रतिशत तक अलग-अलग दरों पर प्रोत्साहन प्रदान करेगी।
सरकार इस आधार पर 1.5 प्रतिशत तक का अतिरिक्त प्रोत्साहन भी देगी कि कितने कंपोनेंट स्थानीय स्तर पर हासिल किए गए हैं। इसके अलावा, भारतीय ब्रांड भारत में डिजाइन और R&D के लिए योग्य बिक्री पर 3 प्रतिशत का अतिरिक्त प्रोत्साहन पाने के हकदार होंगे।
लगभग 60,000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद
MeitY ने आगे कहा कि सरकार को उम्मीद है कि मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम से भारत में सीधे तौर पर लगभग 60,000 नौकरियां पैदा होंगी। इस स्कीम के दौरान, भारत में फोन मैन्युफैक्चरिंग को 39,00,000 करोड़ रुपये तक बढ़ाने और देश से डिवाइस के एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने में मदद मिलने की उम्मीद है। यह PLI-LSEM स्कीम के 31 मार्च को खत्म होने के कुछ महीनों बाद हुआ है, जिसके तहत मैन्युफैक्चरर्स को प्रोडक्शन के आधार पर इंसेंटिव दिए जाते थे।
लेखक के बारे में
Arpit Soniअर्पित सोनी को शुरुआत से ही नए-नए गैजेट्स को एक्सप्लोर करने और उन्हें आजमाने का शौक रहा है। अब अर्पित ने अपनी इस हॉबी को ही अपना पेशा बना लिया है। भोपाल के रहने वाले अर्पित को नए-नए गैजेट्स का रिव्यू करना और उनके बारे में लिखना काफी पसंद है। टेक्नोलॉजी, रोबोट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इनसे जुड़ी खबरें लिखना भी इन्हें काफी भाता है। लाइव हिन्दुस्तान में अर्पित पिछले चार साल से बतौर सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रहे हैं। मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें करीब 9 साल का अनुभव है। अर्पित ने मीडिया जगत में शुरुआत एक रीजनल चैनल से की थी। इससे बाद उन्होंने नवभारत टाइम्स और दैनिक भास्कर की गैजेट्स बीट में काम किया। अर्पित की स्कूलिंग भोपाल से हुई है। उन्होंने कंप्यूटर साइंस से इंजीनियरिंग की है। मीडिया में झुकाव के चलते उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU) से पोस्ट ग्रेजुएशन करके मीडिया जगत में एंट्री की। मीडिया में इन्हें आठ साल से ज्यादा समय हो चुके हैं और सफर अभी जारी है। गैजेट्स के अलावा, इन्हें नई-नई जगहों पर घूमना और उनके बारे में जानने का भी बहुत शौक है।
और पढ़ेंलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


