Swiggy-Zomato से खाना मंगाते हैं तो ध्यान दें! इस वजह से ऑनलाइन खाना होने वाला महंगा, अब खर्च करने होंगे ज्यादा पैसे

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पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर अब Swiggy और Zomato के फूड डिलीवरी चार्ज पर पड़ सकता है। जिससे आने वाले दिनों में ऑनलाइन खाना मंगाना महंगा हो सकता है।

Swiggy-Zomato से खाना मंगाते हैं तो ध्यान दें! इस वजह से ऑनलाइन खाना होने वाला महंगा, अब खर्च करने होंगे ज्यादा पैसे

अगर आप अक्सर घर बैठे Swiggy या Zomato से खाना ऑर्डर करते हैं, तो आने वाले दिनों में आपको ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों का असर अब फूड डिलीवरी बिजनेस पर भी दिखने लगा है। इकनोमिक टाइम्स की रिपोर्ट्स के मुताबिक फ्यूल कॉस्ट बढ़ने से डिलीवरी पार्टनर्स का खर्च बढ़ गया है, जिसकी वजह से कंपनियां डिलीवरी फीस और दूसरे चार्ज बढ़ाने पर विचार कर सकती हैं। अगर डिलीवरी चार्ज बढ़ता है, तो इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा। खासकर उन यूजर्स पर जो रोजाना या हफ्ते में कई बार ऑनलाइन खाना मंगाते हैं। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि बढ़ती फ्यूल कीमतों और ऑपरेशन कॉस्ट की वजह से कंपनियों के सामने खर्च कंट्रोल करना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में आने वाले समय में यूजर्स को ज्यादा पैसा चुकाना पड़ सकता है।

क्यों महंगा हो रहा ऑनलाइन खाना

फूड डिलीवरी कंपनियों का सबसे बड़ा खर्च डिलीवरी नेटवर्क पर होता है। Swiggy और Zomato जैसी कंपनियां हजारों डिलीवरी पार्टनर्स के जरिए हर दिन लाखों ऑर्डर पहुंचाती हैं। इनमें ज्यादातर डिलीवरी बाइक से होती है और बाइक सीधे पेट्रोल पर निर्भर हैं। जब पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ती हैं, तो डिलीवरी पार्टनर्स का खर्च भी बढ़ जाता है। ऐसे में कंपनियों पर अतिरिक्त बोझ आता है। यही वजह है कि अब फूड डिलीवरी कंपनियां अपने चार्ज बढ़ाने की प्लानिंग कर रही हैं।

डिलीवरी चार्ज और प्लेटफॉर्म फीस बढ़ सकती

रिपोर्ट के मुताबिक कंपनियां सीधे खाने की कीमत नहीं बढ़ाएंगी, लेकिन डिलीवरी फीस, प्लेटफॉर्म फीस और दूसरे छोटे चार्ज में बढ़ोतरी हो सकती है। यानी यूजर को कुल बिल पहले से ज्यादा दिख सकता है। पिछले कुछ समय में कई यूजर्स ने देखा है कि अलग-अलग शहरों में प्लेटफॉर्म फीस पहले से बढ़ चुकी है। कुछ जगहों पर यह फीस 2 से 3 रुपए थी पहले जो अब बढ़-बढ़कर 10 रुपए तक पहुंच गई है। कई डिलीवरी एजेंट पहले भी बेहतर इंसेंटिव और फ्यूल सपोर्ट की मांग कर चुके हैं।

फूड डिलीवरी सेक्टर में काम करने वाले डिलीवरी पार्टनर्स पर भी इसका असर दिख रहा है। पेट्रोल महंगा होने की वजह से उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा अब फ्यूल पर खर्च हो रहा है। अगर कंपनियां उन्हें ज्यादा इंसेंटिव देती हैं, तो उसका असर भी यूजर्स के बिल पर पड़ सकता है।

Himani Gupta

लेखक के बारे में

Himani Gupta

हिमानी गुप्ता लाइव हिन्दुस्तान में गैजेट्स सेक्शन से जुड़ी हुई हैं और 2020 से इस संस्थान का हिस्सा हैं। मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें करीब 12 साल का अनुभव है। इससे पहले वह नेटवर्क 18 में गैजेट्स और बिजनेस सेक्शन देखती रही हैं, जहां बेहतरीन प्रदर्शन के लिए उन्हें दो बार बेस्ट परफॉर्मर ऑफ द मंथ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। नेटवर्क 18 से पहले भी हिमानी ने कई अन्य मीडिया संस्थानों में काम किया है। हिमानी स्मार्टफोन, कंज्यूमर गैजेट्स और AI से जुड़ी खबरों और फीचर्स पर लिखती हैं। लेटेस्ट गैजेट्स को एक्सप्लोर करना, उनकी टेस्टिंग करना और नए ऐप्स पर काम करना उनके काम का अहम हिस्सा है।

शिक्षा के क्षेत्र में हिमानी ने आईपी यूनिवर्सिटी से एमजेएमसी (MJMC) की पढ़ाई की है। इसके अलावा उन्होंने डिजिटल विद्या (Digital Vidya) से सोशल मीडिया मार्केटिंग का कोर्स भी किया है। एडिटोरियल के अलावा, हिमानी को गूगल एनालिटिक्स और सोशल मीडिया की भी काफी जानकारी है और बतौर सोशल मीडिया मैनेजर भी काम कर चुकी हैं। काम के अलावा उन्हें टेक ट्रेंड्स को समझना और उन्हें कहानियों में ढालना पसंद है, ताकि पाठक बदलती डिजिटल दुनिया से हमेशा अपडेट रह सकें।

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