ऐपल का दबदबा, बना नंबर 1, टॉप 5 में सैमसंग के साथ इन कंपनियों का भी नाम

Jan 13, 2026 10:48 am ISTKumar Prashant Singh लाइव हिन्दुस्तान
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ऐपल साल 2025 में शिपमेंट के मामले में दुनिया का नंबर 1 स्मार्टफोन वेंडर रहा। 10% की ईयर-ओवर-ईयर ग्रोथ के साथ कंपनी ने ग्लोबल मार्केट का 20% हिस्से पर कब्जा कर लिया है। दूसरे नंबर पर सैमसंग और तीसरे पर शाओमी को जगह मिली।

ऐपल का दबदबा, बना नंबर 1, टॉप 5 में सैमसंग के साथ इन कंपनियों का भी नाम

ग्लोबल स्मार्टफोन मार्केट में पिछले साल ऐपल का दबदबा रहा। काउंटरपॉइंट रिसर्च के डेटा के अनुसार ऐपल साल 2025 में शिपमेंट के मामले में दुनिया का नंबर 1 स्मार्टफोन वेंडर रहा। 10% की ईयर-ओवर-ईयर ग्रोथ के साथ कंपनी ने ग्लोबल मार्केट का 20% हिस्से पर कब्जा कर लिया है। 2025 में ग्लोबल स्मार्टफोन शिपमेंट में 2% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो लगातार दूसरे साल भी रिकवरी का संकेत है। यह ग्रोथ प्रीमियम प्रोडक्ट्स की मांग, उभरते बाजारों में 5G के वाइड अडॉप्शन और फाइनेंसिंग ऑप्शन के कारण हुई, जिससे हाई-एंड स्मार्टफोन्स को खरीदना अधिक आसान हो गया।

iPhone 17 सीरीज की सेल में जबरदस्त उछाल

चौथी तिमाही में ऐपल की iPhone 17 सीरीज की सेल में जबरदस्त उछाल देखा गया, जबकि iPhone 16 भारत, जापान और दक्षिण-पूर्व एशिया जैसे मार्केट्स में पॉप्युलर बना रहा। आइए जानते हैं बाकी कंपनियों का क्या हाल रहा।

दूसरे नंबर पर रहा सैमसंग

सैमसंग 19% बाजार हिस्सेदारी और 5% ऐनुअल ग्रोथ के साथ दूसरे स्थान पर रहा। इसमें इसकी मिड-रेंज गैलेक्सी A सीरीज का मेन रोल रहा, जबकि गैलेक्सी S25 और फोल्ड 7 ने प्रीमियम सेगमेंट में इसकी पकड़ बनाए रखने में मदद की। सैमसंग ने जापान में बढ़त दर्ज की, लेकिन लैटिन अमेरिका और पश्चिमी यूरोप में उसे दबाव का सामना करना पड़ा।

Photo: Counterpoint

तीसरे पर शाओमी और चौथे पर वीवो

शाओमी ने 13% हिस्सेदारी के साथ अपना तीसरा स्थान बरकरार रखा। प्रीमियम और मिड-टियर स्मार्टफोन के बैंलेस्ड पोर्टफोलियो के कारण दक्षिण-पूर्व एशिया और लैटिन अमेरिका में ब्रैंड की मांग स्थिर बनी रही। रिपोर्ट के अनुसार शाओमी के 2025 में चीनी बाजार में स्मार्टफोन शिपमेंट में पहले स्थान पर रहने की संभावना है।

प्रीमियम सेगमेंट में उछाल और भारत में शानदार ऑफलाइन परफॉर्मेंस के दम पर वीवो चौथे स्थान पर रहा। चीन में कमजोर मांग और एशिया-पैसिफिक में बढ़ते कॉम्पिटिशन के कारण ओप्पो 4% की गिरावट के साथ पांचवें स्थान पर खिसक गया। ओप्पो और रियलमी की कंबाइन्ड शिपमेंट हिस्सेदारी 11% रही।

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Kumar Prashant Singh

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