'जय श्री राम' नहीं बोलती Apple की Siri? लगा एंटी-हिंदू होने का आरोप; जानें पूरा सच
सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि Apple की Siri ‘जय श्री राम’ नहीं बोलती, इसलिए वह हिंदू विरोधी है। आइए इस वायरल दावे के पीछे की सच्चाई विस्तार से समझते हैं।

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक दावा तेजी से वायरल हो रहा है कि Apple की वॉइस असिस्टेंट Siri एंटी-हिन्दू है और ‘जय श्री राम’ नहीं बोलती। इस दावे को लेकर कई वीडियो और पोस्ट भी शेयर किए जा रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सच में Apple की Siri हिन्दू धर्म का सम्मान नहीं करती या मामला कुछ और ही है। आइए आपकी समझने में मदद करें कि Siri ‘जय श्री राम’ क्यों नहीं बोलती और इस आरोप से जुड़ा पूरा मामला किया है।
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो विवाद मध्य प्रदेश के उज्जैन से शुरू हुआ, जहां एक राइट विंग कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि Siri ‘अस्सलामु अलैकुम’ कहने पर जवाब देती है, लेकिन ‘जय श्री राम’ और ‘जय श्री महाकाल’ बोलने पर कोई जवाब नहीं देती। अपने दावे को साबित करने के लिए उसने मीडिया के सामने Siri का डेमो भी दिया और आरोप लगाया कि Apple भारतीय संस्कृति का सम्मान नहीं कर रहा है और हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा रहा है।
कार्यकर्ता ने यह दावा भी किया कि iPhone भारत में एक स्टेटस सिंबल बन चुका है और लोग महंगे होने के बावजूद इसे कर्ज लेकर खरीदते हैं। उसके मुताबिक, जब भारतीय ग्राहक Apple पर इतना भरोसा करते हैं तो कंपनी को भारतीय संस्कृति और धार्मिक भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।
क्या सच में 'जय श्री राम' नहीं बोल रही है Siri?
लाइव हिन्दुस्तान ने भी किए गए दावे के बाद Siri को आजमाकर देखा। हमने पाया कि Apple का AI असिस्टेंट कोई भी धार्मिक नारा नहीं बोलता। टेक्निकली देखें तो 'अस्सलामु अलैकुम' एक तरह का अभिवादन है, जिसका दुनियाभर में उत्तर 'वअलैकुम अस्सलाम' माना जाता है। कई डिजिटल असिस्टेंट ऐसे अभिवादनों के लिए पहले से तय किए गए जवाब देते हैं। उदाहरण के लिए अगर आप Siri से ‘नमस्ते’ कहें तो वह भी बदले में ‘नमस्ते’ बोलती है।
दूसरी ओर, ‘जय श्री राम’ एक धार्मिक उद्घोष है। यह जरूरी नहीं कि Siri या कोई अन्य AI असिस्टेंट हर धार्मिक नारे, उद्घोष या किसी धर्म की आस्था से जुड़े वाक्य का सही उत्तर दे। यही वजह है कि कई अन्य धार्मिक और सांस्कृतिक वाक्यांशों पर भी Siri कोई प्रतिक्रिया नहीं देती। उदाहरण के लिए, ‘अल्लाहु अकबर’ या ‘सत श्री अकाल’ जैसे उद्घोषों का भी यह असिस्टेंट कोई जवाब नहीं देता।
बिना पूरी जांच ऐसे आरोप लगाना सही नहीं
साफ है कि केवल ‘जय श्री राम’ का जवाब ना देना यह साबित नहीं करता कि Siri या ऐपल किसी धर्म के खिलाफ है। किसी AI असिस्टेंट के जवाब उसके प्रोग्रामिंग रूल्स, लैंग्वेज मॉडल और सपोर्ट किए गए कमांड्स पर डिपेंड करता है। जब तक किसी इंडिपेंडेंट जांच या कंपनी के आधिकारिक बयान से यह साबित ना हो जाए कि जानबूझकर किसी विशेष धर्म के साथ ऐसा किया गया है, तब तक ऐसे आरोपों को तथ्य नहीं कहा जा सकता।
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Pranesh Tiwariप्राणेश वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां वे पिछले चार वर्षों से
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चाहे वह किसी नए AI टूल की पड़ताल हो या किसी अनदेखी जगह की यात्रा.. प्राणेश का लक्ष्य हमेशा एक बेहतरीन कहानी बुनना ही
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