इन iPhone यूजर्स को मिलेंगे 8,000 तक रुपये! ऐपल ने दिया मुआवजा देने का ऐलान
Apple Inc ने Siri के AI फीचर्स को लेकर हुए विवाद में सेटलमेंट करते हुए iPhone यूजर्स को 2,000 से 8,000 रुपये तक मुआवजा देने पर सहमति दी है। हालांकि इसका फायदा अमेरिका में चुनिंदा यूजर्स को मिलेगा।

दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनी Apple ने अपने चुनिंदा iPhone यूजर्स को 8000 रुपये तक का मुआवजा देने का ऐलान किया है और ऐसा उसे एक बड़े विवाद के बाद सेटलमेंट के तौर पर करना पड़ा है। iPhone 15 Pro और iPhone 16 खरीदने वाले लाखों यूजर्स को कंपनी 2000 रुपये से 8000 रुपये तक का मुआवजा दिया जाएगा। यह मुआवजा करीब 25 करोड़ डॉलर के एक सेटलमेंट का हिस्सा है।
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पूरा मामला Apple के नए AI प्लेटफॉर्म Apple Intelligence और उससे जुड़ी Siri की 'स्मार्टनेस' से शुरू हुआ। कंपनी ने अपने इवेंट्स और एडवर्टाइजमेंट में यह दिखाया था कि अब Siri सिर्फ एक वॉइस असिस्टेंट नहीं रहेगी, बल्कि यूजर के बिहेवियर, मेसेज, ईमेल और ऐप्स को समझकर एक पर्सनल AI कंपैनियन की तरह काम करेगी। यह वादा इतना बड़ा था कि कई यूजर्स ने सिर्फ इसी उम्मीद में नए iPhones खरीद लिए कि उन्हें एक पूरी तरह नया AI एक्सपीरियंस मिलेगा।
यूजर्स को नहीं मिले ज्यादातर AI फीचर्स
जैसे ही नए डिवाइस यूजर्स के हाथ में पहुंचे, तस्वीर कुछ और ही निकली। जिन AI फीचर्स की चर्चा सबसे ज्यादा थी, वे या तो मौजूद ही नहीं थे या बहुत लिमिटेड थे। यहीं से असंतोष शुरू हुआ और धीरे-धीरे यह मामला कोर्ट तक पहुंच गया। यूजर्स ने आरोप लगाया कि Apple ने AI फीचर्स को लेकर बढ़ा-चढ़ाकर दावे किए थे और उसी के आधार पर लोगों को महंगे डिवाइस खरीदने के लिए प्रेरित किया।
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मामला बढ़ता गया और आखिरकार Apple ने इसे कोर्ट में लंबा खींचने के बजाय सेटलमेंट का रास्ता चुना। हालांकि कंपनी ने यह साफ किया कि वह किसी भी तरह की गलती स्वीकार नहीं कर रही है, लेकिन उसने यह जरूर माना कि विवाद को खत्म करने के लिए सेटलमेंट जरूरी है। इसी समझौते के तहत प्रभावित यूजर्स को प्रति डिवाइस करीब 8,000 रुपये तक का मुआवजा मिल सकता है।
इन iPhone यूजर्स को मिलेगा मुआवजा
हालांकि यहां एक महत्वपूर्ण बात यह भी है कि यह मुआवजा फिलहाल केवल अमेरिका के चुनिंदा यूजर्स तक सीमित है। भारत जैसे बड़े मार्केट में iPhone यूजर्स को इस फैसले का कोई सीधा फायदा नहीं मिलेगा, क्योंकि कंपनी ने अब तक कोई घोषणा नहीं की है। बता दें, ऐपल इंटेलिजेंस आधारित फीचर्स घोषणा के कई महीने बाद रोलआउट किए गए थे लेकिन तब भी वे परफेक्ट नहीं थे।
आलम यह है कि ऐपल AI आधारित फीचर्स के मामले में अब भी अन्य ब्रैंड्स के मुकाबले पीछे है। इसके अलावा Siri वॉइस असिस्टेंट में भी कुछ बड़े अपग्रेड्स देखने को नहीं मिले हैं। यही वजह है कि कई ऐपल आईफोन यूजर्स कंपनी की ओर से किए गए दावों और हकीकत के बीच मौजूद अंतर को लेकर नाखुश और कंपनी से नाराज हैं।
लेखक के बारे में
Pranesh Tiwariप्राणेश वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां वे पिछले चार वर्षों से
टेक्नोलॉजी सेक्शन का अहम हिस्सा हैं। खुद को दिल से लेखक और पेशे से पत्रकार मानने वाले प्राणेश के पास पत्रकारिता के
क्षेत्र में आठ वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने अपने पूरे करियर में साइंस और टेक्नोलॉजी की जटिलताओं को आम पाठकों के
लिए सरल, सहज और रोचक भाषा में प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान दिया है।
विशेषज्ञता और कार्यशैली
प्राणेश की विशेषज्ञता गैजेट्स, टेक इनसाइट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे विषयों में है। वे तकनीकी बारीकियों और
कठिन शब्दावली को इस तरह प्रस्तुत करते हैं कि एक सामान्य पाठक भी तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया को आसानी से समझ सके। लेटेस्ट
गैजेट्स का रिव्यू करना और नए मोबाइल ऐप्स के फीचर्स को आजमाना उनके काम का पसंदीदा हिस्सा है। उनकी लेखन शैली में स्पष्टता,
रिसर्च और कहानी कहने का संतुलन देखने को मिलता है।
अब तक का सफर और उपलब्धियां
प्राणेश ने अपने प्रोफेशनल करियर की शुरुआत नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से की। इसके बाद उन्होंने न्यूजबाइट्स (NewsBytes) में
सीनियर टेक जर्नलिस्ट के रूप में काम किया, जहां उन्होंने तकनीकी रिपोर्टिंग में अपनी अलग पहचान बनाई। वे भारतीय जनसंचार
संस्थान (IIMC), नई दिल्ली के पूर्व छात्र हैं और अपनी प्रतिभा के लिए प्रतिष्ठित PTI अवॉर्ड से सम्मानित हो चुके हैं।
लेखन और व्यक्तिगत रुचियां
पत्रकारिता के साथ-साथ प्राणेश एक संवेदनशील और रचनात्मक लेखक भी हैं। लॉकडाउन के दौरान उन्होंने ‘सिर्फ दोस्त: नए जमाने की
प्रेम कहानियां’ नामक लघुकथा संग्रह लिखा, जिसमें रिश्तों की बारीकियों को भावनात्मक रूप से प्रस्तुत किया गया है।
उन्हें स्मार्टफोन, कंज्यूमर टेक और डिजिटल इनोवेशन से जुड़े विषयों पर गहराई से रिसर्च करना और पढ़ना पसंद है। काम के
अलावा, उन्हें यात्रा करना भी बेहद पसंद है। उनके लिए यात्राएं केवल सुकून का जरिया नहीं, बल्कि नए अनुभवों और कहानियों को
खोजने का तरीका हैं।
चाहे वह किसी नए AI टूल की पड़ताल हो या किसी अनदेखी जगह की यात्रा.. प्राणेश का लक्ष्य हमेशा एक बेहतरीन कहानी बुनना ही
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