'लगभग हर चीज' में इंसानों से आगे निकल सकता है AI, Antropic CEO का चौंकाने वाला दावा

Feb 24, 2026 08:22 pm ISTPranesh Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
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Anthropic CEO डारियो अमोडेइ का कहना है कि आने वाले सालों में AI ‘लगभग हर चीज’ में इंसानों से बेहतर हो सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे में उसे सुरक्षित रखना और भी जरूरी हो जाएगा। 

'लगभग हर चीज' में इंसानों से आगे निकल सकता है AI, Antropic CEO का चौंकाने वाला दावा

आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस के हर क्षेत्र में विस्तार के बाद से ही इस बात पर लगातार सवाल उठ रहे हैं कि आने वाले वक्त में AI इंसानों से बेहतर तो नहीं हो जाएगा। अब इससे जुड़ा एक चौंकाने वाला और चेतावनी भर दावा AI कंपनी Anthropic के को-फाउंडर और CEO डारियो अमोडेइ की ओर से किया गया है। उन्होंने कहा है कि आने वाले वक्त में AI 'लगभग हर चीज में' इंसानों से बेहतर परफॉर्म कर सकता है। उनके इस दावे को आने वाले दिनों के सामाजिक और आर्थिक बदलावों का संकेत भी माना जा रहा है।

डारियो का मानना है कि AI की क्षमताएं बेहद तेजी से डिवेलप हो रही हैं। एक पॉडकास्ट में उन्होंने कहा कि आज जिन कामों को हम पूरी तरह से ह्यूमन स्किल मानते हैं- (जैसे- राइटिंग, कोडिंग, मेडिकल एनालिसिस या रिसर्च) उनमें AI पहले ही बेहतरीन परफॉर्म कर रहा है। उनका मानना है कि अगर यही रफ्तार जारी रही, तो आने वाले सालों में A लगभग हर दिमागी क्षमता आधारित काम में इंसानों से आगे निकल सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि यह बदलाव एक झटके में नहीं होगा, बल्कि धीरे-धीरे देखने को मिलेगा।

रोजगार पर पड़ेगा बदलाव का असर

बदलाव का सबसे बड़ा असर रोजगार पर पड़ सकता है। एंट्री-लेवल व्हाइट कॉलर जॉब्स (जैसे- डाटा एनालिसिस, कस्टमर सपोर्ट, बेसिक लीगल या फाइनेंशियल ड्राफ्टिंग) सबसे पहले प्रभावित हो सकती हैं। अगर AI कम लागत में, तेजी से और ज्यादा सटीकता के साथ वही काम कर सकता है, तो जाहिर है कि कंपनियां ऑटोमेशन की ओर बढ़ेंगी। डारियो ने इस संभावित बदलाव को ‘AI सुनामी’ जैसा बताया है, जिसके लिए दुनिया अभी पूरी तरह तैयार नहीं है।

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इंसानों की भूमिका पूरी तरह खत्म नहीं होगी। इमोशनल समझ, नैतिकता से जुड़े फैसले, मुश्किल सामाजिक कनेक्ट और क्रिएटिविटी के कुछ पहलू अभी भी इंसानों पर निर्भर रह सकते हैं। उदाहरण के लिए, मेडिकल क्षेत्र में AI स्कैन का एनालिसिस बेहतर कर सकता है, लेकिन मरीज के साथ सेंसिटिव कम्युनिकेशन की जरूरत अभी भी डॉक्टर की होगी। इसी तरह, AI लेख लिख सकता है लेकिन इंसानी अनुभव की डेप्थ और रिफरेंस की समझ अलग लेवल पर होती है।

पूरी चर्चा में सुरक्षा और नैतिकता का मुद्दा भी बड़ा है। Anthropic खुद को ‘AI सेफ्टी-फर्स्ट’ कंपनी के तौर पर पेश करता है। CEO का जोर इस बात पर है कि अगर AI इंसानों से ज्यादा पावरफुल बनता है, तो उसका कंट्रोल और भी महत्वपूर्ण हो जाएगा। गलत इस्तेमाल या अनकंट्रोल्ड डिवेलपमेंट से बड़े सोशल और पॉलिटिकल रिस्क पैदा हो सकते हैं।

Pranesh Tiwari

लेखक के बारे में

Pranesh Tiwari

प्राणेश तिवारी पिछले चार साल से लाइव हिन्दुस्तान में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर टेक्नोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। खुद को दिल से लेखक और पेशे से पत्रकार मानने वाले प्राणेश, आठ साल से ज्यादा वक्त से साइंस और टेक्नोलॉजी की दुनिया को शब्दों में ढाल रहे हैं। गैजेट्स इनसाइट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) उनकी एक्सपर्टीज हैं, जहां वह मुश्किल टेक्नोलॉजी को सरल और असरदार भाषा में पाठकों तक पहुंचाते हैं। लेटेस्ट गैजेट्स रिव्यू करना और नए ऐप्स पर वक्त बिताना उन्हें जॉब का पसंदीदा हिस्सा लगता है।
करियर की शुरुआत नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से करने वाले प्राणेश ने न्यूजबाइट्स में सीनियर टेक जर्नलिस्ट के रूप में भी भूमिका निभाई। लॉकडाउन में 'सिर्फ दोस्त: नए जमाने की प्रेम कहानियां' लघुकथा संग्रह भी लिखा। IIMC, नई दिल्ली में PTI अवॉर्ड से सम्मानित प्राणेश ने स्मार्टफोन, AI, कंज्यूमर टेक और डिजिटल इनोवेशन जैसे विषयों पर गहराई से तथ्यात्मक रिपोर्टिंग की है। काम के अलावा उन्हें लिखना और सफर करना पसंद है, दोनों ही उनके लिए दुनिया को समझने और कहानियों में बदलने का जरिया हैं।

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