Amazon layoffs: बच गईं 14,000 लोगों की नौकरियां, कंपनी ने छंटनी की खबरों को बताया झूठ
Amazon Layoffs 2026: अमेजन में काम कर रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। अमेजन ने मई 2026 में होने वाली छंटनी की खबरों को झूठा और बेबुनियाद बताया है। अटकलें थी कि कंपनी कई टीमों में लगभग 14,000 नौकरियों में कटौती करेगी।

Amazon Layoffs 2026: जब से AI आया, तब से टेक कंपनियों में काफी उथल-पुथल देखने को मिल रही है। कई कंपनियां AI का हवाला देकर कर्मचारियों की छंटनी कर रही है। Amazon के सैकड़ों लोगों को नौकरी से निकाल चुकी है। लेकिन अब अमेजन ने उन रिपोर्ट्स का खंडन किया है जिनमें दावा किया गया था कि कंपनी मई 2026 में छंटनी का एक और बड़ा दौर शुरू करने की योजना बना रही है। कंपनी ने इन दावों को "झूठा और बेबुनियाद" बताया है। दरअसल, अमेजन ने यह प्रतिक्रिया छंटनी के तीसरे दौर को लेकर चल रही अटकलों के जवाब में दी गई है, जिसमें कई अलग-अलग टीमों में लगभग 14,000 नौकरियों में कटौती का अनुमान लगाया जा रहा था। ऑनलाइन फोरम और टेक पोर्टल्स पर सामने आई रिपोर्ट्स से पता चला है कि एक साल के भीतर अमेजन में छंटनी की यह तीसरी बड़ी लहर होगी।
पहले ही 30 हजार लोगों को निकाल चुकी है कंपनी
कंपनी पहले ही अपने कॉर्पोरेट कर्मचारियों की संख्या में काफी कटौती कर चुकी है। कंपनी ने अक्टूबर 2025 में लगभग 14,000 और जनवरी 2026 में 16,000 पदों को खत्म कर दिया था। ये छंटनियां सीईओ एंडी जेसी के नेतृत्व में किए जा रहे एक बड़े प्रयास का हिस्सा थीं, जिसका मकसद कामकाज को सुव्यवस्थित करना और मैनेजमेंट के स्तरों को कम करना था। अगर अब ऐसी छंटनी होती है, तो यह एक साल से भी कम समय में नौकरियों में कटौती का तीसरा बड़ा दौर होगा।
AI और एफिशियंसी पर कंपनी का फोकस
अमेजन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर में अपना निवेश लगातार बढ़ा रहा है। कंपनी ने हिंट दिया है कि जैसे-जैसे AI का इस्तेमाल बढ़ेगा, कुछ खास तरह की भूमिकाओं की जरूरत शायद पहले जितनी बड़े पैमाने पर न रहे।
इन जॉब्स पर था छंटनी का खतरा
नौकरियों में कटौती के संभावित तीसरे दौर के बारे में दावे वर्कप्लेस डिस्कशन प्लेटफॉर्म 'Blind' पर सामने आए, और चीनी भाषा के टेक पोर्टल 'Lei Feng Network' ने भी इनके बारे में रिपोर्ट किया। इन रिपोर्ट्स के अनुसार, छंटनी का असर Amazon Web Services (AWS), रिटेल और ह्यूमन रिसोर्स जैसे डिवीजनों के कर्मचारियों पर पड़ सकता है। रिपोर्ट्स में आगे यह भी बताया गया कि मिड-लेवल मैनेजर और L5 से L7 जॉब लेवल वाले व्हाइट-कॉलर रोल्स मुख्य रूप से प्रभावित हो सकते हैं, जबकि वेयरहाउस और लॉजिस्टिक्स स्टाफ पर इसका कोई असर नहीं पड़ सकता है।
अमेजन ने छंटनी के दावों को नकारा
अमेजन ने इन रिपोर्ट्स का खंडन किया है। कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा कि ऑनलाइन चल रहे ये दावे गलत हैं और तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब कंपनी के भीतर रिस्ट्रक्चरिंग को लेकर अटकलें बढ़ रही हैं, खासकर तब जब टेक इंडस्ट्री में ऑटोमेशन और ऑपरेशनल एफिशियंसी को लेकर चर्चाएं जारी हैं।
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Arpit Soniअर्पित सोनी को शुरुआत से ही नए-नए गैजेट्स को एक्सप्लोर करने और उन्हें आजमाने का शौक रहा है। अब अर्पित ने अपनी इस हॉबी को ही अपना पेशा बना लिया है। भोपाल के रहने वाले अर्पित को नए-नए गैजेट्स का रिव्यू करना और उनके बारे में लिखना काफी पसंद है। टेक्नोलॉजी, रोबोट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इनसे जुड़ी खबरें लिखना भी इन्हें काफी भाता है। लाइव हिन्दुस्तान में अर्पित पिछले चार साल से बतौर सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रहे हैं। मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें करीब 9 साल का अनुभव है। अर्पित ने मीडिया जगत में शुरुआत एक रीजनल चैनल से की थी। इससे बाद उन्होंने नवभारत टाइम्स और दैनिक भास्कर की गैजेट्स बीट में काम किया। अर्पित की स्कूलिंग भोपाल से हुई है। उन्होंने कंप्यूटर साइंस से इंजीनियरिंग की है। मीडिया में झुकाव के चलते उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU) से पोस्ट ग्रेजुएशन करके मीडिया जगत में एंट्री की। मीडिया में इन्हें आठ साल से ज्यादा समय हो चुके हैं और सफर अभी जारी है। गैजेट्स के अलावा, इन्हें नई-नई जगहों पर घूमना और उनके बारे में जानने का भी बहुत शौक है।
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