'हॉटस्पॉट पर नहीं चलेगा अनलिमिटेड 5G डेटा!' इस कंपनी ने दी सफाई, यूजर्स ने कहा- स्विच करेंगे

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Airtel ने अपनी वेबसाइट पर टर्म एंड कंडीशन पेज को अपडेट करते हुए साफ-साफ बताया है कि वे अन्य डिवाइस के साथ मोबाइल हॉटस्पॉट पर अनलिमिटेड 5G डेटा शेयर करने की अनुमति नहीं देता है। यूजर्स अब जियो पर स्विच करने की बात कर रहे हैं। 

'हॉटस्पॉट पर नहीं चलेगा अनलिमिटेड 5G डेटा!' इस कंपनी ने दी सफाई, यूजर्स ने कहा- स्विच करेंगे

Airtel इस समय Hotspot पर Unlimited 5G Data यूज करने के नियमों को लेकर सुर्खियों में है। कई यूजर्स ने शिकायत की थी कि हॉटस्पॉट शेयर करने पर उन्हें 5G डेटा मिलना बंद हो रहा है। कुछ लोगों ने मामला सामने आने के बाद एयरटेल के T&C पेज सोशल मीडिया पर शेयर किया था जिसमें ऐसी किसी पाबंदी का जिक्र नहीं था, जिससे स्थिति थोड़ी उलझन भरी हो गई है। मामला तूल पकड़ता देख एयरटेल को सफाई देनी पड़ गई है। अब लोग सोशल पर गुस्सा जाहिर कर रहे हैं और कुछ यूजर्स ने जियो में शिफ्ट होने का बात कर कह डाली है। एयरटेल अनलिमिटेड 5G डेटा ऑफर पहली बार भारत में 2023 में लॉन्च किया गया था। हालांकि, कंपनी के सूत्र से यह जानकारी मिली है कि इस दावे में कोई सच्चाई नहीं है और यूजर्स बेझिझक हॉटस्पॉट पर 5G डेटा शेयर कर सकते हैं।

एयरटेल का कहना है कि मोबाइल हॉटस्पॉट के जरिए अनलिमिटेड 5G डेटा इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं होगी

गैजेट्स360 की रिपोर्ट के अनुसार, एयरटेल ने अपनी वेबसाइट पर नियम और शर्तों वाले पेज को अपडेट किया है और यह साफ किया है कि वे ग्राहकों को मोबाइल हॉटस्पॉट के जरिए अनलिमिटेड 5G डेटा शेयर करने की इजाजत नहीं देते हैं। कंपनी की वेबसाइट पर यह साफ बताया गया है कि अनलिमिटेड 5G डेटा ऑफर सिर्फ "पर्सनल और नॉन-कमर्शियल इस्तेमाल" के लिए हैं।

इसके अलावा, एयरटेल की वेबसाइट पर बताया गया है कि अगर अनलिमिटेड 5G डेटा ऑफर का इस्तेमाल कमर्शियल मकसद या किसी धोखाधड़ी के लिए किया जाता है, तो कंपनी के पास "खास मामलों में" ऑफर या सर्विस को खत्म करने, रोकने या उनमें बदलाव करने का अधिकार है। दिलचस्प बात यह है कि नियम और शर्तों में यह भी बताया गया है कि जिन ग्राहकों ने अनलिमिटेड 5G डेटा एक्टिवेट किया है, वे मोबाइल हॉटस्पॉट के जरिए डेटा शेयर नहीं कर सकते।

इस अपडेट से अब यह साफ हो गया है कि अनलिमिटेड 5G डेटा सिर्फ फोन के लिए है। इसलिए, अगर कोई ग्राहक अपने फोन का इंटरनेट किसी दूसरे डिवाइस पर इस्तेमाल करना चाहता है, तो डेटा उनके रेगुलर प्लान से इस्तेमाल होगा। साथ ही, बताया जा रहा है कि यह जियो के अनलिमिटेड 5G ऑफर से अलग है, जिसमें मोबाइल हॉटस्पॉट के जरिए डेटा शेयरिंग पर कोई रोक नहीं होती है।

पिछले साल नवंबर में एयरटेल ने घोषणा की थी कि उसने अपने मौजूदा 5G ग्राहकों को डुअल-मोड 5G नेटवर्क पर शिफ्ट करना शुरू कर दिया है, जो नॉन-स्टैंडअलोन (NSA) + स्टैंडअलोन (SA) मॉडल पर काम करता है। कंपनी ने कहा कि यह भारत में 5G एडवांस्ड नेटवर्क को अपनाने की दिशा में एक कदम था। हालांकि, यह अभी भी साफ नहीं है कि 5G एडवांस्ड नेटवर्क के लागू होने के बाद भी मोबाइल हॉटस्पॉट पर लगी पाबंदी बनी रहेगी या नहीं।

एयरटेल के इस नियम से यूजर्स नाराज, एक्स पर निकाल रहे गुस्सा

लेकिन इंटरनेट पर वायरल हो रहे इस स्क्रीनशॉट से लोग बिल्कुल भी खुश नहीं हैं। एक X यूजर ने लिखा कि उन्हें काम के लिए अपने लैपटॉप पर इंटरनेट इस्तेमाल करने के लिए मोबाइल हॉटस्पॉट की जरूरत पड़ती है। उस व्यक्ति ने बताया, “मेरे लैपटॉप पर इंटरनेट चलाने का एकमात्र तरीका मेरे फोन का हॉटस्पॉट इस्तेमाल करना है। अगर इसकी भी इजाजत नहीं है, तो मैं अपने PC पर डेटा का इस्तेमाल कैसे करूंगा?”

airtel unlimited 5G data hotspot controversy

एक और यूजर ने कहा कि हॉटस्पॉट की इस लिमिटेशन के बारे में पता चलने के बाद वे Jio पर स्विच करने का प्लान बना रहे हैं। यूजर ने कहा, "एयरटेल का अनलिमिटेड 5G डेटा अब हॉटस्पॉट शेयरिंग को सपोर्ट नहीं करता है। लगता है कि मैं Jio पर स्विच कर रहा हूं।"

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एक व्यक्ति ने कहा कि इस पाबंदी से "आम जनता को परेशानी हो रही है।" उस व्यक्ति ने आगे कहा, “हममें से ज्यादातर लोग काम के दौरान लैपटॉप चलाने के लिए हॉटस्पॉट का इस्तेमाल कर रहे हैं। एयरटेल, आपकी कंपनी का यह एक बड़ा घोटाला है; इसे जल्द से जल्द ठीक करें, वरना लोग आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे और फिर सोचिए कि आपको इसका कितना नुकसान उठाना पड़ेगा।”

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लेकिन एयरटेल को कैसे पता चलता है?

इंडियाटूडे की रिपोर्ट के अनुसार, कुछ यूजर्स यह जानने के लिए भी उत्सुक हैं कि एयरटेल को कैसे पता चलता है कि कोई हॉटस्पॉट के जरिए अपना 5G डेटा शेयर कर रहा है। हमें ठीक-ठीक यह नहीं पता कि कंपनी कैसे पता लगाती है कि हॉटस्पॉट का इस्तेमाल हो रहा है, लेकिन कोई भी टेलीकॉम कंपनी नेटवर्क लेवल पर डेटा यूसेज को ट्रैक कर सकती है। एक संभावित तरीका TTL या 'टाइम-टू-लिव' (Time-to-Live) है। फोन से आने वाला ट्रैफिक और हॉटस्पॉट से कनेक्टेड दूसरे डिवाइस से आने वाला ट्रैफिक अलग-अलग TTL सिग्नेचर दिखाते हैं। इसका मतलब है कि टेलीकॉम कंपनियां यह देख सकती हैं कि कोई दूसरा डिवाइस आपके फोन के जरिए डेटा का इस्तेमाल कर रहा है।

Airtel जैसे इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर (ISP) भी TCP/IP स्टैक फिंगरप्रिंटिंग का इस्तेमाल कर सकते हैं। अलग-अलग ऑपरेटिंग सिस्टम और डिवाइस इसे अलग-अलग तरह से करते हैं। यानी, विंडोज इस्तेमाल करने वाला लैपटॉप और एंड्रॉयड फोन, एक ही कनेक्शन से ट्रैफिक आने पर भी अलग-अलग दिख सकते हैं।

इसके अलावा और भी तरीके हैं, जैसे HTTP यूजर-एजेंट डाइवर्सिटी और डीप पैकेट इंस्पेक्शन (DPI), जिनका इस्तेमाल एक ही कनेक्शन से जुड़े अलग-अलग डिवाइस का पता लगाने के लिए किया जा सकता है।

ध्यान रखें कि हॉटस्पॉट के माध्यम से अनलिमिटेड 5G को प्रतिबंधित करने के अलावा, एयरटेल एक यूजर के लिए 5G डेटा उपयोग पर 300GB मंथली कैप भी लगाता है।

Jio और Vi का क्या?

जियो का तरीका अलग है। True 5G कवरेज वाले एलिजिबल प्लान पर, आप मोबाइल हॉटस्पॉट के जरिए अनलिमिटेड 5G डेटा शेयर कर सकते हैं। जियो अपनी शर्तों में 5G डेटा के इस्तेमाल पर कोई लिमिट भी नहीं बताता है। इसी तरह, अनलिमिटेड 5G डेटा के लिए Vi की शर्तों में भी हॉटस्पॉट के इस्तेमाल पर कोई रोक नहीं है। हालांकि, यह 28 दिनों की अवधि के लिए 300GB की लिमिट जरूर लगाता है।

Arpit Soni

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अर्पित सोनी को शुरुआत से ही नए-नए गैजेट्स को एक्सप्लोर करने और उन्हें आजमाने का शौक रहा है। अब अर्पित ने अपनी इस हॉबी को ही अपना पेशा बना लिया है। भोपाल के रहने वाले अर्पित को नए-नए गैजेट्स का रिव्यू करना और उनके बारे में लिखना काफी पसंद है। टेक्नोलॉजी, रोबोट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इनसे जुड़ी खबरें लिखना भी इन्हें काफी भाता है। लाइव हिन्दुस्तान में अर्पित पिछले चार साल से बतौर सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रहे हैं। मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें करीब 9 साल का अनुभव है। अर्पित ने मीडिया जगत में शुरुआत एक रीजनल चैनल से की थी। इससे बाद उन्होंने नवभारत टाइम्स और दैनिक भास्कर की गैजेट्स बीट में काम किया। अर्पित की स्कूलिंग भोपाल से हुई है। उन्होंने कंप्यूटर साइंस से इंजीनियरिंग की है। मीडिया में झुकाव के चलते उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU) से पोस्ट ग्रेजुएशन करके मीडिया जगत में एंट्री की। मीडिया में इन्हें आठ साल से ज्यादा समय हो चुके हैं और सफर अभी जारी है। गैजेट्स के अलावा, इन्हें नई-नई जगहों पर घूमना और उनके बारे में जानने का भी बहुत शौक है।

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