आपकी आवाज की नकल करके ऐसे खाली हो सकता है बैंक अकाउंट, फोन पर बिल्कुल ना करें ये गलती

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AI Voice Cloning Scam में ठग किसी परिचित की आवाज की नकल करके इमरजेंसी का बहाना बनाकर पैसे या सेंसिटिव जानकारी मांग सकते हैं। पैसे भेजने या OTP शेयर करने से पहले दूसरे नंबर या तरीके से व्यक्ति की पहचान जरूर verify करें।

Audio Cloning Scam
Audio Cloning Scam में आपके परिचित की आवाज इस्तेमाल की जाती है।

AI ने हमारी जिंदगी को आसान बनाने के साथ-साथ साइबर क्रिमिनल्स के लिए भी ठगी के नए रास्ते खोल दिए हैं। अब स्कैमर्स सिर्फ फेक मैसेज या कॉल करके लोगों को नहीं फंसाते, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से किसी आपके परिचित व्यक्ति की आवाज की हूबहू नकल भी कर सकते हैं। इसे AI Voice Cloning Scam कहा जाता है और कोई भी आसानी से इसका शिकार बन सकता है।

ऐसे स्कैम में अटैकर किसी व्यक्ति की मौजूदा ऑडियो रिकॉर्डिंग का इस्तेमाल करके उसकी आवाज जैसी आवाज तैयार कर सकता है। इसके बाद वह परिवार के सदस्य, दोस्त, अधिकारी या किसी भरोसेमंद व्यक्ति की तरह फोन करके पैसे या सेंसिटिव जानकारी मांग सकता है। अमेरिकी FTC भी चेतावनी दे चुका है कि इंटरनेट पर उपलब्ध छोटी ऑडियो क्लिप का इस्तेमाल करके भी किसी व्यक्ति की आवाज क्लोन की जा सकती है।

AI Voice Cloning Scam आखिर कैसे काम करता है?

मान लीजिए आपके पास किसी रिश्तेदार का फोन आता है। दूसरी तरफ आवाज बिल्कुल उसी व्यक्ति जैसी सुनाई देती है। वह घबराकर कहता है कि उसके साथ कोई परेशानी हो गई है और उसे तुरंत पैसे चाहिए। ऐसी स्थिति में इंसान अक्सर आवाज पहचानकर भरोसा कर लेता है, लेकिन हो सकता है कि फोन करने वाला आपका रिश्तेदार हो ही नहीं। स्कैमर AI से उसकी आवाज की नकल तैयार करके आपको इमोशनल प्रेशर में ला सकता है।

अक्सर स्कैमर कहानी को इतना जल्दी और गंभीर बनाते हैं कि विक्टिम के पास सोचने या जांच करने का समय ही नहीं रहता। उदाहरण के लिए दुर्घटना, अस्पताल, पुलिस, गिरफ्तारी या किसी जरूरी भुगतान जैसी कहानी सुनाई जाती है।

सबसे खतरनाक: असली जैसी लग सकती है आवाज

पहले लोग मानते थे कि AI की आवाज में रोबोट जैसी टोन, अजीब पॉज या असामान्य उच्चारण सुनाई देगा लेकिन आधुनिक AI-generated आवाजें काफी नेचुरल हो चुकी हैं। FBI ने भी चेतावनी दी है कि AI-generated आवाजें इतनी बेहतर हो गई हैं कि केवल आवाज सुनकर असली और नकली में अंतर करना मुश्किल हो सकता है। इसलिए सिर्फ इस आधार पर भरोसा करना सुरक्षित नहीं है।

आवाज पर नहीं, पहचान पर करें भरोसा

अगर परिवार का कोई सदस्य फोन करके अचानक पैसे मांगता है, तो उसी कॉल पर भरोसा करके पैसे ट्रांसफर ना करें। कॉल काटकर उस व्यक्ति के पहले से सेव किए गए नंबर पर खुद कॉल करें। अगर वह फोन नहीं उठा रहा है, तो परिवार के किसी दूसरे सदस्य या उसके दोस्त से संपर्क करके पुष्टि करें। FTC भी यही सलाह देता है कि कथित व्यक्ति से अलग और पहले से पता कॉन्टैक्ट मीडियम से पुष्टि की जाए।

AI Voice Scam का मकसद केवल पैसे ट्रांसफर करवाना ही नहीं होता। स्कैमर आवाज की नकल करके आपसे बैंकिंग जानकारी, OTP, UPI PIN, कार्ड की जानकारी या दूसरा डेटा हासिल करने की कोशिश भी कर सकता है। इसलिए सामने वाले की आवाज कितनी भी असली क्यों ना लगे, फोन पर कभी भी OTP, UPI PIN, पासवर्ड या कार्ड का CVV शेयर ना करें।

Pranesh Tiwari

लेखक के बारे में

Pranesh Tiwari

प्राणेश वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां वे पिछले चार वर्षों से टेक्नोलॉजी सेक्शन का अहम हिस्सा हैं। खुद को दिल से लेखक और पेशे से पत्रकार मानने वाले प्राणेश के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में आठ वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने अपने पूरे करियर में साइंस और टेक्नोलॉजी की जटिलताओं को आम पाठकों के लिए सरल, सहज और रोचक भाषा में प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान दिया है।

विशेषज्ञता और कार्यशैली
प्राणेश की विशेषज्ञता गैजेट्स, टेक इनसाइट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे विषयों में है। वे तकनीकी बारीकियों और कठिन शब्दावली को इस तरह प्रस्तुत करते हैं कि एक सामान्य पाठक भी तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया को आसानी से समझ सके। लेटेस्ट गैजेट्स का रिव्यू करना और नए मोबाइल ऐप्स के फीचर्स को आजमाना उनके काम का पसंदीदा हिस्सा है। उनकी लेखन शैली में स्पष्टता, रिसर्च और कहानी कहने का संतुलन देखने को मिलता है।

अब तक का सफर और उपलब्धियां
प्राणेश ने अपने प्रोफेशनल करियर की शुरुआत नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से की। इसके बाद उन्होंने न्यूजबाइट्स (NewsBytes) में सीनियर टेक जर्नलिस्ट के रूप में काम किया, जहां उन्होंने तकनीकी रिपोर्टिंग में अपनी अलग पहचान बनाई। वे भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली के पूर्व छात्र हैं और अपनी प्रतिभा के लिए प्रतिष्ठित PTI अवॉर्ड से सम्मानित हो चुके हैं।

लेखन और व्यक्तिगत रुचियां
पत्रकारिता के साथ-साथ प्राणेश एक संवेदनशील और रचनात्मक लेखक भी हैं। लॉकडाउन के दौरान उन्होंने ‘सिर्फ दोस्त: नए जमाने की प्रेम कहानियां’ नामक लघुकथा संग्रह लिखा, जिसमें रिश्तों की बारीकियों को भावनात्मक रूप से प्रस्तुत किया गया है।

उन्हें स्मार्टफोन, कंज्यूमर टेक और डिजिटल इनोवेशन से जुड़े विषयों पर गहराई से रिसर्च करना और पढ़ना पसंद है। काम के अलावा, उन्हें यात्रा करना भी बेहद पसंद है। उनके लिए यात्राएं केवल सुकून का जरिया नहीं, बल्कि नए अनुभवों और कहानियों को खोजने का तरीका हैं।

चाहे वह किसी नए AI टूल की पड़ताल हो या किसी अनदेखी जगह की यात्रा.. प्राणेश का लक्ष्य हमेशा एक बेहतरीन कहानी बुनना ही होता है।

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