
सऊदी अरब से सूडान तक क्या है पाक का इस्लामिक नाटो वाला सपना, अब किस डील की चर्चा
पाकिस्तान ने सूडान के साथ एक बड़ी डिफेंस डील की है। वह सूडान को 1.5 अरब डॉलर के हथियार और फाइटर जेट बेचने वाला है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या पाकिस्तान सऊदी अरब से लेकर सूडान तक इस्लामिक देशों से एक डिफेंस गठजोड़ बना रहा है और यह भविष्य में कैसी शक्ल ले सकता है।
पाकिस्तान ने बीते साल सऊदी अरब से एक रक्षा समझौता किया था। इसके तहत यह कहा गया था कि दोनों से किसी भी पर हमला हुआ तो उसे दोनों पर अटैक माना जाएगा और हम साथ लड़ेंगे। इसके बाद अब इस समझौते में तुर्की के भी जुड़ने की अटकलें हैं और इसे अब इस्लामिक नाटो कहा जा रहा है। इस बीच पाकिस्तान ने सूडान के साथ एक बड़ी डिफेंस डील की है। वह सूडान को 1.5 अरब डॉलर के हथियार और फाइटर जेट बेचने वाला है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या पाकिस्तान सऊदी अरब से लेकर सूडान तक इस्लामिक देशों से एक डिफेंस गठजोड़ बना रहा है और यह भविष्य में कैसी शक्ल ले सकता है।
रक्षा सामग्री के उत्पादन से जुड़े विभाग का नेतृत्व करने वाले पाकिस्तान के मंत्री रजा हयात हर्राज का कहना है कि हम सऊदी अरब और तुर्की के साथ समझौता करने वाले हैं। इसके तहत तुर्की और सऊदी अरब को पूरा ड्राफ्ट सौंपा गया है। हम तीनों ही देश इस पर काम कर रहे हैं और यह एक तरह का इस्लामिक नाटो होगा। यह समझौता सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच पहले से ही हुई डील से अलग है। फिलहाल इस डील पर तीनों देशों के बीच अंतरिम सहमति बनना बाकी है। उन्होंने कहा कि एक ड्राफ्ट एग्रीमेंट हम तीनों के पास है। सऊदी अरब के पास यह ड्राफ्ट तैयार है। तुर्की के पास भी यह है और हम लोग इस पर बीते 10 महीनों से विचार कर रहे हैं।
इसी महीने की शुरुआत में एक खबर यह भी मिली थी कि पाकिस्तान सूडान के साथ 1.5 अरब डॉलर की डील करने के करीब है। इसके तहत वह फाइटर जेट्स और हथियार बेचेगा। इसके अलावा सऊदी अरब से लिए 2 अरब डॉलर के लोन को भी पाकिस्तान जेएफ-17 की डील में बदलना चाहता है। ये दोनों ही डील बहुत बड़ी नहीं हैं, लेकिन पाकिस्तान की इस्लामिक उम्मा में एक छवि बनाने की कोशिश है। वह दुनिया का इकलौता परमाणु संपन्न इस्लामिक देश है। ऐसी स्थिति में वह चाहता है कि इस पावर को वह भुना ले और इस्लामिक देशों के बीच एक धुरी बन जाए। इस बीच पाकिस्तान की सेना की प्रचार विंग ISPR का कहना है कि इराक भी हमसे JF-17 फाइटर जेट खरीदना चाहता है।
चीन और पाकिस्तान में मिलकर तैयार हो रहे हैं ये फाइटर जेट्स
ये फाइटर जेट्स चीन और पाकिस्तान मिलकर तैयार कर रहे हैं। चीन के चेंगदु एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन की ओर से इसे तैयार किया जा रहा है। इसका कुछ हिस्सा पाकिस्तान एयरोनॉटिकल कॉम्प्लेक्स की ओर से तैयार होता है। जानकारी के मुताबिक इस जेट का 58 फीसदी हिस्सा पाकिस्तान में तैयार होता है, जबकि 42 फीसदी हिस्सा चीन में बनता है। पाकिस्तान के लिए यह एक उपलब्धि की तरह है कि कई देशों को वह हथियार बेचने की कोशिश में है। इससे पहले वह सऊदी अरब समेत कई अरब देशों की सेनाओं को ट्रेनिंग देता रहा है। अब जो स्थिति बन रही है, उसमें पाकिस्तान की कोशिश है कि वह इस्लामिक देशों के बीच एक धुरी बन जाए। इसमें वह अपनी सुरक्षा और भारत के खिलाफ एक शक्ति संतुलन बनता देख रहा है।

सूडान और लीबिया के बीच डील में कैसे फंसा पाकिस्तान
यही नहीं पाकिस्तान इसे कमाई के जरिए के तौर पर भी देख रहा है। यहां तक कि उसने लीबिया में खलीफा हफ्तार ग्रुप को 4 अरब डॉलर के हथियार बेचे हैं। यह ग्रुप लीबिया में अलगाववादी माना जाता है। सूडान की सेना आरोप लगाती रही है कि यह ग्रुप हमारे खिलाफ रहा है। इस तरह पाकिस्तान को यह भी सावधानी रखनी होगी कि हथियारों की बिक्री का लालच कहीं उसे इस्लामिक दुनिया में ही किसी एक खेमे में ना खड़ा कर दे। भारत के मुकाबले एक इस्लामिक गठजोड़ तैयार करने की कोशिश में जुटा पाकिस्तान ऐसा बिलकुल नहीं चाहता।

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