LPG की कालाबाजारी रोकने के लिए ऐक्शन में सरकार, उत्तराखंड से तमिलनाडु तक छापेमारी; हजारों सिलेंडर जब्त
देश में गहराते एलपीजी संकट के बीच कालाबाजारी करने वाले लोग भी एक्टिव हो गए हैं। कई जगहों पर सिलेंडर को कालेबाजार के जरिए महंगे दामों में बेचे जाने की कोशिश की गई है। सरकार ने इस पर कार्रवाई करते हुए देश भर से हजारों की संख्या में गैस सिलेंडर जब्त किए हैं।
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध की वजह से भारत समेत दुनिया भर में ऊर्जा का संकट उठ खड़ा हुआ है। दुनिया की ऊर्जा का बड़ा स्त्रोत खाड़ी देशों से आता है, लेकिन होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की नाकेबंदी ने इस पूरे रास्ते को प्रभावित किया है। हालात यह है कि भारत जैसे देश, जो अपनी ऊर्जा जरूरतों का 85 फीसदी तक आयात करते हैं, वहां पर 28 फरवरी के बाद से होर्मुज से निकला हुआ केवल एक जहाज पहुंचा है, इस वजह से पूरे देश में एलपीजी और पेट्रोल को लेकर चिंता बढ़ गई है। आलम यह है कि देश भर में पेट्रोल पंप्स पर लंबी-लंबी कतारें देखी जा रही हैं, तो वहीं लोग गैस सिलेंडर के लिए भी घबराहट में बुकिंग कर रहे हैं। ऐसे में अफवाहों के साथ-साथ पश्चिम एशिया की बिगड़ती स्थिति का फायदा उठाने के लिए कालाबाजारी करने वाले भी अपना खेल खेलना जारी रखे हुए हैं। उत्तराखंड से लेकर तमिलनाडु तक प्रशासन ने ऐसे कालाबाजारी करने वालों पर नकेल कसते हुए सैकड़ों गैस सिलेंडर जब्त किए हैं। तो आइए जानते हैं, एलपीजी को लेकर देश की बिगड़ती स्थिति पर कैसे कालाबाजारी करने वालों ने अपना फायदा बनाने की कोशिश की और कैसे प्रशासन ने उनकी नाक में नकेल कस दी।
तमिलनाडु में दो लोग गिरफ्तार, 398 सिलेंडर जब्त
एलपीजी गैस सिलेंडर की कालाबाजारी की सबसे बड़ी खबर तमिलनाडु के मदुरै से आई। यहां पर पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि संकट के दौर में सिलेंडर की कालाबाजारी की खुफिया सूचना मिलने के बाद पुलिस की एक टीम ने कई ठिकानों पर छापा मारा। इस कार्रवाई के दौरान टीम ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है और कुल 398 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए हैं, जिनमें घरेलू और व्यावसायिक दोनों तरह के सिलेंडर शामिल हैं।
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक सिविल सप्लाईज क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट को सब्सिडी वाले घरेलू LPG सिलेंडरों को अवैध रूप से व्यावसायिक उपयोग के लिए मोड़ने की सूचना मिली थी, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
छत्तीशगढ़ के रायपुर में 350 से ज्यादा सिलेंडर जब्त
देश में गहराते एलपीजी संकट और अफवाहों के बीच रायपुर में भी कई जगहों पर कुछ लोगों ने गैस सिलेंडर को गैर-कानूनी रूप से स्टॉक करना शुरू कर दिया था। रायपुर पुलिस के मुताबिक यह लोग सादा दामों पर सिलेंडर खरीदकर उन्हें महंगे दामों में बेचने की कोशिश कर रहे थे। कई जगहों पर की गई कार्रवाई में पुलिस ने 350 से अधिक घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर जब्त किए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह कार्रवाई सीधे मुख्यमंत्री के निर्देश पर की गई थी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया है कि इस स्थिति में किसी भी तरह की कालाबाजारी से सख्ती के साथ निपटा जाएगा।
कर्नाटक में घरेलू सिलेंडर को व्यावसायिक तौर पर इस्तेमाल करने की कोशिश, जब्ती
कर्नाटक के यादगीर में एक विशेष निरीक्षण अभियान के दौरान होटलों में व्यावसायिक तौर पर इस्तेमाल किए जा रहे 46 घरेलू एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने गुरुवार को कई होटलों का निरीक्षण करने के बाद ये सिलेंडर जब्त किए।
पीटीआई-भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारी ने बताया कि घरेलू सिलेंडर का इस्तेमाल खाना पकाने के बजाय व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था, जो आवश्यक वस्तु अधिनियम और एलपीजी आपूर्ति नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने बताया, "विशेष अभियान के दौरान घरेलू उपयोग वाले ऐसे 46 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए, जिनका व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था।
भोपाल में 22 सिलेंडर जब्त, रिफिलिंग रैकेट का भंड़ाफोड़
देश भर में एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिए की जा रही कार्रवाई के बीच मध्य प्रदेश की राजधानी में भी प्रशासन ने 22 घरेलू गैस सिलेंडरों की जब्ती की है। इसके अलावा प्रदेश भर में कई टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। प्रदेश के सागर में एक अवैध रिफिलिंग सेंटर का भंड़ा फोड़ हुआ है, जहां से प्रशासन ने 47 गैस सिलेंडर जब्त किए हैं, वहीं छतरपुर में करीब 38 सिलेंडरों को कालाबाजियों से जब्त किया गया है। प्रशासन की तरफ से ऐसे सभी लोगों को सख्त कार्रवाई की हिदायत दी गई है, जो कि इस संकट के समय में कालाबाजारी कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में कई जिलों में कालाबाजारी का खेल, सैंकड़ों सिलेंडर जब्त
उत्तर प्रदेश में भी एलपीजी के इस संकट का असर देखने को मिल रहा है। राज्य के झांसी, चंदौली, हापुड़, जौनपुर समेत अन्य जिलों में प्रशासन लगातार छापेमारी कर रहा है। इस छापेमारी में अभी तक सैंकड़ों सिलेंडर जब्त किए जा चुके हैं। मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ की तरफ से कालाबारियों को चेतावनी दी गई है। इसके साथ ही जनता को भी आश्वस्त किया जा रहा है कि देश में पर्याप्त मात्रा में ईंधन मौजूद है। अफवाहों पर ध्यान न दिया जाए। हालांकि, इसके बाद भी कई जगहों पर लोग घबराहट की वजह से बड़ी संख्या में बुकिंग कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में 11 मार्च को हुए एक सिलेंडर से भरे ट्रक की चोरी का भी खुलासा पुलिस ने किया है। इस चोरी में करीब 500 से ज्यादा सिलेंडर गायब हो गए थे, जिन्हें अब पुलिस ने बरामद कर लिया है। वहीं प्रदेश के कई जिलों में गैस सिलेंडर को लेकर विवाद और हंगामे की घटनाएं भी सामने आई हैं। बाराबंकी में गैस एजेंसी पर लाइन में आगे-पीछे होने को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट होने की सूचना है जबकि गाजियाबाद के मोदीनगर में सिलेंडर से भरा ट्रक पहुंचते ही लोग उस पर टूट पड़े और कालाबाजारी का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। वहीं महराजगंज में सिलेंडर न मिलने से नाराज लोगों ने नौतनवा-गोरखपुर मार्ग पर जाम लगा दिया, जिसे पुलिस ने समझाकर खुलवाया।
प्रयागराज, कानपुर, अयोध्या, रायबरेली, देवरिया और शाहजहांपुर समेत कई जिलों में गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से लंबी लाइनें लगी रहीं। कई उपभोक्ताओं का आरोप है कि बुकिंग कराने के बावजूद उन्हें सिलेंडर नहीं मिल रहा है। कुछ जगहों पर लोगों ने यह भी शिकायत की कि सिलेंडर ब्लैक में 1500 से 2000 रुपये तक में बेचे जा रहे हैं।
उत्तराखंड के रुद्र प्रयाग में 22 घरेलू सिलेंडर जब्त
उत्तराखंड में रुद्रप्रयाग जिलाधिकारी के निर्देशों में जिले में एलपीजी गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन द्वारा गठित टीमों ने विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान टीमों ने बाजारों और दुकानों का औचक निरीक्षण कर घरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध भंडारण और उपयोग की जांच की।
छापेमारी के दौरान एक टीम ने घोलतीर और सुमेरपुर बाजार क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए 22 घरेलू गैस सिलेंडर बरामद कर जब्त किए। जांच के दौरान पाया गया कि घरेलू उपयोग के लिए निर्धारित सिलेंडरों का व्यावसायिक कार्यों में इस्तेमाल किया जा रहा था, जो नियमों का उल्लंघन है। जब्त किए गए सिलेंडरों को नियमानुसार कब्जे में लेते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके अलावा चंपावत जिले में घरेलू गैस सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है।
स्थानीय प्रशासन द्वारा शुरु किए गए अभियान में जिले के मुख्य बाजार क्षेत्र में होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों पर औचक छापेमारी की कार्रवाई की गई। जांच के दौरान पाया गया कि कुछ व्यवसायी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए निर्धारित गैस सिलेंडरों का उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों में कर रहे थे जो गैस आपूर्ति नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए विभिन्न प्रतिष्ठानों से कुल 10 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किये। संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
केंद्र सरकार दे रही जनता को आश्वासन
इन मुख्य घटनाओं के अलावा देश के ओर भी राज्यों में लगातार एलपीजी की किल्लत के बीच कालाबाजारी की खबरें आ रही हैं। हालांकि केंद्र और राज्य सरकारें लगातार इस बात पर जोर दे रही हैं कि देश में एलपीजी और पेट्रोल की संतोषजनक मात्रा उपलब्ध है। लेकिन इसके बाद भी लोग लगातार बुकिंग कर रहे हैं।
शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने जनता को भरोसा दिलाया कि देश में पर्याप्त मात्रा में एलपीजी मौजूद है। उन्होंने कहा कि पांच मार्च के बाद से देश के एलपीजी उत्पादन में 30 फीसदी की वृद्धि की गई है। शर्मा ने बताया कि ईरान युद्ध से पहले औसतन 55.7 लाख बुकिंग के मुकाबले इस समय एलपीजी बुकिंग बढ़कर 75.7 लाख हो गई है, जो स्पष्ट रूप से घबराहट में की जा रही बुकिंग को दर्शाता है। उन्होंने कहा, "घबराहट में सिलेंडर की बुकिंग की कोई जरूरत नहीं है, और किसी भी एलपीजी डीलर के पास स्टॉक खत्म नहीं हुआ है।''
लेखक के बारे में
Upendra Thapakलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


