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सुदर्शन भगत

श्री सुदर्शन भगत वर्तमान में केंद्रीय जनजातीय मामलों के राज्य मंत्री है। इससे पहले वह केंद्रीय कैबिनेट में कृषि राज्य मंत्री थे। झारखंड की लोहरदगा संसदीय सीट के प्रतिनिधि  सुदर्शन भगत को अब आदिवासी मामलों की जिम्मेदारी दी गई है।

राजनीतिक सफर

गुमला में जन्मे सुदर्शन भगत 15वीं लोकसभा (2009-2014) के भी सदस्य थे। वह वर्ष 2000-2005 तक झारखंड विधानसभा के सदस्य रहे। वर्ष 2000-2003 के

दौरान वे झारखंड सरकार में मानव संसाधन राज्य मंत्री रहे और मुख्यमंत्री सचिवालय (स्वतंत्र प्रभार) (2003-2004) रहे। वे झारखंड सरकार में 2004-2005 में कल्याण मंत्रालय में कैबिनेट मंत्री भी रहे। श्री सुदर्शन भगत कई संसदीय समितियों के सदस्य भी रहे हैं। मई 2014 में वे लोकसभा के लिए दोबारा चुने गए। उन्हें सामाजिक कल्याण एवं अधिकारिता मंत्रालय में राज्य मंत्री बनाया गया। इसके बाद नवंबर 2014 में मंत्रिमंडल फेरबदल में उन्हें ग्रामीण विकास राज्य मंत्री बनाया गया। 2016 के फेरबदल में उन्हें कृषि एवं कृषक कल्याण राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया और 2017 के मंत्रिमंडल फेरबदल में उन्हें जनजातीय कल्याण मंत्रालय काकार्यभार सौंपा गया।

प्रारंभिक जीवन

पेशे से कृषक और सामाजिक कार्यकर्ता रहे श्री सुदर्शन भगत ने अपने छात्र जीवन की शुरुआत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के साथ जुड़कर की थी। संयुक्त बिहार के समय में वे एबीवीपी के राज्य के संयुक्त सचिव भी रहे। इसके बाद वेजनजातीय लोगों के विकास के लिए वनवासी कल्याण आश्रम की कई सामाजिक गतिविधियों से जुड़े। उन्होंने 1995 में सक्रिय राजनित में कदम रखा। वह जिलागुमला के भारतीय जनता युवा मोर्चा के महासचिव बने। उन्होंने पृथक झारखंड राज्य की स्थापना के लिए हुए आंदोलन में भी भाग लिया। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवकसंघ से भी जुड़े रहे। झारखंड में भाजपा के राज्य उपाध्यक्ष पद पर भी रहे हैं।

जन्म तिथिः 20 अक्तूबर, 1969

शिक्षाः बीए ऑनर्स, कार्तिक ओरान कॉलेज, गुमला, रांची यूनिवर्सिटी, झारखंड

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