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मनोज तिवारी

भोजपुरी सिनेमा को मुख्यधारा के दर्शकों के बीच लोकप्रिय बनाने का श्रेय मनोज तिवारी को दिया जाता है। अपने इस योगदान के कारण उन्हें भोजपुरी सिनेमा का अमिताभ बच्चन भी कहते हैं।  फिल्मों में आने से मनोज तिवारी दस वर्ष तक भोजपुरी लोकगीत गाते थे। उनके गायन के अलहदा अंदाज के कारण भोजपुरी गीत युवाओं की जुबान पर चढ़ गए।

मनोज तिवारी की जोड़ी अभिनेत्री श्वेता तिवारी के साथ खूब पसंद की गई। भोजपुरी फिल्मों में सफल होने के बाद उन्होंने 2010 में टीवी रियलिटी शो 'बिग बॉस' में प्रतिभाग करके खूब सुर्खियां बटोरीं। अब वह सक्रिय राजनीति में हैं, 2009 में उन्होंने समाजवादी पार्टी में शामिल होकर शुरुआत की थी, पर फिर भारतीय जनता पार्टी से जुड़ गए और अब  उत्तर-पूर्वी दिल्ली से सांसद हैं।

सिनेमाई सफर :

2003 में फिल्म 'ससुरा बड़ा पैसा वाला' से उन्होंने भोजपुरी सिनेमा में अभिनेता के रूप में नई शुरूआत की। उनकी फिल्म 'दारोगा बाबू आई लव यू' और 'बंधन टूटे न' भी हिट रही। मनोज तिवारी और श्वेता तिवारी 'कब अइबू अंगनवा हमार' और 'ए भौजी के सिस्टर' ने उन्हें युवाओं का फेवरेट बना दिया। उनकी फिल्मों की अच्छी कमाई से माना जाने लगा कि भोजपुरी सिनेमा के दिन बहुर गए। मनोज तिवारी ने टेलीविजन कार्यक्रम 'चक दे बच्चे' होस्ट किया। मनोज तिवारी ने नयी धुनें,गाने और अल्बम बनाना जारी रखा। उन्होने अनुराग कश्यप द्वारा निर्देशित फिल्म 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' के लिए एक लोकप्रिय गीत 'जिय हो बिहार के लाला' भी गाया।

जन्म और उपलब्धियां

मनोज तिवारी एक छोटे से गांव से निकलकर राष्ट्रीय सिनेमा और फिर राष्ट्रीय राजनीति तक अपनी उपस्थिति दर्ज कराने में कामयाब रहे हैं। उनका जन्म 1973 में बिहार के कैमूर जिले के छोटे से गांव अटरवालिया में हुआ था। वह गायन और अभिनय के अलावा संगीत निर्देशक और एंकर भी हैं।

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माफ़ कीजिए आप जो खबर ढूंढ रहे हैं , वह उपलब्ध नहीं है

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शादी के बाद मुझे कहीं घुमाने नहीं ले जाते

पत्नी- शादी से पहले तुम मुझे होटल, सिनेमा और ना जाने कहां-कहां घुमाते थे...
शादी हुई तो घर के बाहर भी नहीं ले जाते...
पति- कभी चुनाव के बाद प्रचार देखा है क्या...