DA Image

अगली स्टोरी

मधुमिता कुमारी

मधुमिता कुमारी भारतीय महिला तीरंदाज हैं। मधुमिता कुमारी तीरंदाजी की 'कंपाउंड श्रेणी' में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी हैं। एशियन गेम्स 2018 के तीरंदाजी प्रतियोगिता में रजत पदक मेडल जीतकर मधुमिता कुमारी ने यह साबित कर दिया कि झारखंड में धनुर्धरों की कमी नहीं है। मधुमिता ने अपने खेल करियर की शुरुआत 2008 में की, जब उन्होंने पहली बार टाटा स्टील द्वारा संचालित फीडर सेंटर में भाग लिया। उन्हें यहां दो साल तक तैयार किया गया, जिसके बाद उन्हें उन्नत प्रशिक्षण के लिए कंपाउंड श्रेणी में बिरसा मुंडा तीरंदाजी अकादमी, सिली में शामिल होने का मौका मिला था। तब से उन्होंने पीछे मुड़ कर नहीं देखा। मधुमिता ने अपने खेल करियर में राष्ट्रीय स्तर पर 50 से ज्यादा पदक हासिल किए, साथ ही उन्होंने एशियाई ग्रैंड पिक्स, एशिया कप, युवा विश्व चैम्पियनशिप और विश्व कप सहित 12 अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में देश का भी प्रतिनिधित्व किया है।

निजी जीवन

मधुमिता कुमारी रामगढ़ जिले की रहने वाली हैं। वर्ल्ड कप खेल चुकी मधुमिता बचपन से ही तीर चला रही है। पिता चंद्रशेखर सिंह टाटा कंपनी में कार्यरत हैं। मधुमिता के एक भाई और तीन बहनें हैं। तीन बहनों में दूसरी नंबर पर मधुमिता को खेलने के लिए परिवार का पूरा सहयोग मिला। तीरंदाजी के प्रति मधुमिता का झुकाव बचपन से ही था, लेकिन उनकी इस प्रतिभा को आकार मिला रांची की सिली बिरसा मुंडा तीरंदाजी अकादमी में जहां उसके हुनर को कोच प्रकाश राम और शिशिर महतो ने तराशा।

  • 1
  • of
  • 184067

माफ़ कीजिए आप जो खबर ढूंढ रहे हैं , वह उपलब्ध नहीं है

  • 1
  • of
  • 184067

माफ़ कीजिए आप जो खबर ढूंढ रहे हैं , वह उपलब्ध नहीं है

  • 1
  • of
  • 184067

शादी के बाद मुझे कहीं घुमाने नहीं ले जाते

पत्नी- शादी से पहले तुम मुझे होटल, सिनेमा और ना जाने कहां-कहां घुमाते थे...
शादी हुई तो घर के बाहर भी नहीं ले जाते...
पति- कभी चुनाव के बाद प्रचार देखा है क्या...