DA Image

अगली स्टोरी

जयन्त सिन्हा

जयन्त सिन्हा  भारत के नागरिक उड्डयन राज्यमन्त्री हैं। इसके पहले वे वित्त राज्य मंत्री थे। 2014 के चुनावों में ये झारखण्ड की हजारीबाग सीट से भारतीय जनता पार्टी की ओर से सांसद चुने गये। जयंत सिन्हा को 9 नवंबर 2014 को केंद्रीय मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया था। उन्हें वित्त मंत्री अरुण जेटली के सहयोगी के रूप में तैनात किया गया। वहां उन्होंने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, सामाजिक सुरक्षा अभियान के साथ बीमा बिल, दिवालिया बिल, नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स बिल तथा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक जैसे मामलों में अपना योगदान दिया। इसके बाद  जुलाई 2016 में उन्हें नागरिक उड्डयन मंत्रालय का कार्यभार सौंपा गया। उनके कार्यकाल के दौरान उड़े देश का आम नागरिक (उड़ान) कार्यक्रम काफी सराहनीय रहा है।

प्रारंभिक जीवन

वे भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवन्त सिन्हा के पुत्र हैं। यशवंत सिन्हा देश के वित्त मंत्री भी रहे हैं। जयंत सिन्हा ने भारतीय राजनीति और नीति-निर्माण कार्य में 1990 में ही योगदान देना शुरू कर दिया था। तब उनके पिता श्री यशवंत सिन्हा तत्कालीन भारतीय जनता पार्टी की अटल बिहारी सरकार (1998-2002) में वित्त मंत्री थे। जयंत सिन्हा 1998 से ही हजारी बाग में अपने पिता के संसदीय क्षेत्र में सक्रिय रहे। हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से ग्रेजुएट तथा पोस्ट ग्रेजुएट जयंत सिन्हा कई बड़ी ग्लोबल कंपनियों से जुड़े रहे हैं। वे निवेश फण्ड प्रबन्धक तथा प्रबन्धन सलाहकार भी रह चुके हैं।

जन्म तिथिः 21 अप्रैल 1963, गिरीडीह

शिक्षाः जयंत सिन्हा युवावस्था में बिहार, दिल्ली और जर्मनी में रहे हैं। पटना के सेंट माइकल हाई स्कूल के बाद वे दिल्ली के सेंट कोलंबिया स्कूल में पढ़े। 1980 में जयंत सिन्हा ने जेईई पहले ही प्रयास में पास की और आईआईटी दिल्ली में प्रवेश ले लिया। वे युववाणी में रेडियो अनाउंसर भी रहे हैं। इसके बाद उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिलवेनिया से आगे की पढ़ाई की। उन्होंने हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की है।

  • 1
  • of
  • 184068

माफ़ कीजिए आप जो खबर ढूंढ रहे हैं , वह उपलब्ध नहीं है

  • 1
  • of
  • 184068

माफ़ कीजिए आप जो खबर ढूंढ रहे हैं , वह उपलब्ध नहीं है

  • 1
  • of
  • 184068

शादी के बाद मुझे कहीं घुमाने नहीं ले जाते

पत्नी- शादी से पहले तुम मुझे होटल, सिनेमा और ना जाने कहां-कहां घुमाते थे...
शादी हुई तो घर के बाहर भी नहीं ले जाते...
पति- कभी चुनाव के बाद प्रचार देखा है क्या...