सतलुज की मुश्किलें नहीं हो रहीं खत्म, दिलजीत दोसांझ की फिल्म को एक और झटका
दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज को एक और झटका लगा है। भारत के बाद अब फिल्म को ग्लोबली भी जी5 से हटा दिया गया है। दिलजीत की इस फिल्म को लेकर बवाल थमने का नाम ही नहीं ले रहा है।

दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज को लेकर बवाल थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। जी5 पर रिलीज होने के दो दिन के अंदर फिल्म को भारत के व्यूर्स के लिए हटा दिया गया है। अब इस फिल्म को एक और झटका लगा है। भारत से हटाने के बाद जी5 ने इस फिल्म को ग्लोबली भी अपने प्लेटफॉर्म से हटा दिया है।
दिलजीत की फिल्म को एक और झटका
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म को जी5 से ग्लोबली हटा दिया गया है। इस फिल्म को लेकर लंबे वक्त से विवाद चल रहा है। फिल्म का नाम पहले पंजाब 95 था। फिल्म थिएटर में रिलीज की राह देख रही थी, लेकिन फिल्म को सीबीएफसी से क्लीयरेंस नहीं मिला था।
2022 में सीबीएफसी के पास गई थी फिल्म
साल 2022 में पंजाब 95 के नाम से ये फिल्म सीबीएफसी के पास सर्टिफिकेट के लिए पहुंची थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म सीबीएफसी ने फिल्म में कुल 127 कट्स लगाने को कहा था, लेकिन मेकर्स को ऐसा नहीं चाहिए था। लंबे इंतजार के बाद मेकर्स ने फिल्म का नाम सतलुज रखकर फिल्म को जी5 पर रिलीज किया।
दिलजीत को पहले से ही था फिल्म के हटने का अंदेशा
रिलीज के दो दिन बाद ही फिल्म को जी5 से भारत के यूजर्स के लिए हटा दिया गया। अब ये फिल्म ग्लोबल व्यूर्स के लिए भी जी5 से हटा दी गई है। फिल्म के जी5 से हटने के बाद दिलजीत का एक वीडियो सामने आया था। इस वीडियो में दिलजीत दोसांझ ने कहा था कि उन्हें पहले से ही अंदेशा था कि फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटा दिया जाएगा।
इसी वीडियो में दिलीजत दोसांझ ने कहा था कि कुछ लोगों ने फिल्म को डाउनलोड कर लिया है। उन्होंने डाउनलोड लिंक को ज्यादा से ज्यादा वायरल करने की बात कही ताकि और भी लोग फिल्म को देख पाएं। दिलजीत की ये फिल्म कई लोगों ने देख ली है, सोशल मीडिया पर कुछ लोग फिल्म की तारीफ भी कर रहे हैं। वहीं, जी5 ने भी लोगों को भरोसा दिलाया है कि वो फिल्म को जी5 पर दोबारा लाने की कोशिश कर रहे हैं।
फिल्म की कास्ट
दिलजीत की फिल्म को हनी त्रेहान ने डायरेक्ट किया है। वहीं, फिल्म में दिलजीत के अलावा अर्जुन रामपाल, वीर अभिनव, सौरभ सचदेवा, वरुण बडोला और ज्योति डोगरा जैसे कलाकार नजर आए हैं।
किस बारे में है फिल्म?
दिलजीत दोसांझ की इस फिल्म की कहानी ह्मयूमन राइट एक्टिविस्ट जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन के बारे में है। उन्होंने पंजाब में 1984-94 के बीच में लापता हुए लोगों और अज्ञात शवों के अंतिम संस्कार से जुड़ी जांच करके मानवाधिकार उल्लंघन का मुद्दा उठाया था।


