15 मिनट की है ये फिल्म, ऑफिस से आते वक्त देख सकते हैं आप, 8.5 है इसकी रेटिंग
15 मिनट हैं? काफी हैं। इन 15 मिनट में आप ओटीटी पर एक फिल्म देख सकते हैं। कौन-सी? आइए आपको इस फिल्म के बारे में बताते हैं। दिलचस्प बात ये है कि इसकी रेटिंग 8.5 है।

वीकेंड खत्म हो गया है। ऑफिस शुरू हो गया है। लेकिन मनाेरंजन रुकना नहीं चाहिए। आइए आज हम आपको एक ऐसी शॉट फिल्म के बारे में बताते हैं जो सिर्फ 15 मिनट की है। ओटीटी पर है और इसकी आईएमडीबी रेटिंग 8 से ज्यादा है। ये शॉर्ट फिल्म साल 2017 में आई थी और इसमें शेफाली शाह ने लीड रोल प्ले किया है।
शॉर्ट फिल्म का नाम
इस शॉर्ट फिल्म को नीरज घेवान ने डायरेक्ट किया है। इसका नाम 'जूस' है। ये फिल्म इतनी जबरदस्त है कि बिना किसी लड़ाई-झगड़े या ड्रामे के, ये हमारे समाज और घरों की सच्चाई को सामने रख देती है।
किस ओटीटी पर देख सकते हैं आप?
‘जूस’ की आईएमडीबी रेटिंग 8.5 है। अगर आप ऑफिस से आते या ऑफिस जाते वक्त ये शॉर्ट फिल्म देखना चाहते हैं तो आप इसे अमेजन प्राइम वीडियो पर देख सकते हैं।
फिल्म की कहानी क्या है?
कहानी एक आम मिडिल क्लास परिवार की है। गर्मी का मौसम होता है। मंजू (शेफाली शाह) और उसके पति बृजेश के घर पर कुछ दोस्त और मेहमान आए हुए होते हैं। इसके बाद क्या होता है वो जानने के लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी।
इतनी फेमस क्यों है ये फिल्म?
आम कहानी: इस फिल्म में कोई विलेन नहीं है। इसमें दिखने वाले मर्द बुरे लोग नहीं हैं। वे तो हमारे अपने ही चाचा, पापा या पति जैसे आम लोग ही हैं।
फिल्म की थीम: इस फिल्म में दिखाया गया है कि घरों में महिलाओं को मशीन समझना कितना आम हो गया है। इसे कितना नॉर्मल बना दिया गया है।
कम शब्दों में बड़ी बात: फिल्म में डायलॉग बहुत कम हैं। सिर्फ किचन में काम करने की आवाजें और महिलाओं के चेहरे का पसीना ही दर्शकों को ये एहसास करा देता है कि वे कितनी घुटन में हैं।
शेफाली शाह की कमाल की एक्टिंग: शेफाली शाह ने बिना कुछ बोले सिर्फ अपनी आंखों और चेहरे के एक्सप्रेशन से इतना बेहतरीन काम किया है कि आप उनसे नजरें नहीं हटा पाते। आखिरी सीन में उनका चुपचाप बैठना ही फिल्म का सबसे दमदार हिस्सा है।
बदले का आसान तरीका: फिल्म का अंत बहुत खूबसूरत है। हक मांगने के लिए मंजू ने कोई तमाशा नहीं किया। उसने बस वही आराम, कूलर की हवा और थोड़ी सी शांति मांगी जो पुरुषों को आसानी से मिल जाता है।
फिल्म की खास बात
सीधी बात यह है कि 'जूस' में कोई भाषण नहीं दिया गया है, बल्कि हमें हमारे ही घरों का वो चेहरा दिखाया गया है जिसे हम अक्सर देखकर भी अनदेखा कर देते हैं। यही वजह है कि ये फिल्म आज भी इतनी पसंद की जाती है।
लेखक के बारे में
Vartika Tolaniवर्तिका तोलानी डिजिटल मीडिया की एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें एंटरटेनमेंट और न्यूज रिपोर्टिंग में 6 साल से ज्यादा समय का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (HT Media Group) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर (Digital) के तौर पर अपनी सेवाएं दे रही हैं। वर्तिका न केवल बॉलीवुड और ओटीटी की दुनिया पर पैनी नजर रखती हैं, बल्कि डेटा और रिसर्च के साथ अपनी बात कहती हैं।
करियर का सफर
वर्तिका के प्रोफेशनल सफर की शुरुआत दैनिक भास्कर (इंदौर) से हुई, जहां उन्होंने सिटी रिपोर्टर के रूप में शहर की हलचलों और सेलिब्रिटी इंटरव्यूज से अपनी पहचान बनाई । इसके बाद उन्होंने दैनिक भास्कर (भोपाल) में सब-एडिटर रहते हुए CBSE और UGC जैसी बड़ी संस्थाओं के प्रमुखों का इंटरव्यू किया ।
अमर उजाला (नोएडा) में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने नोएडा की एंटरटेनमेंट टीम को लीड किया और बतौर एंकर व प्रोड्यूसर वीडियो कंटेंट के जरिए अपनी प्रतिभा दिखाई ।
आज लाइव हिन्दुस्तान में वह फिल्मों और वेब सीरीज के ईमानदार रिव्यूज और एक्सक्लूसिव सेलिब्रिटी इंटरव्यूज के जरिए पाठकों तक बेहतरीन जानकारी पहुंचा रही हैं ।
पढ़ाई-लिखाई (Education)
वर्तिका ने मीडिया की बारीकियों को किताबी और प्रैक्टिकल, दोनों स्तरों पर समझा है:
B.Sc (इलेक्ट्रॉनिक मीडिया): डी.ए.वी.वी. (इंद्राैर) के एजुकेशनल मल्टीमीडिया रिसर्च सेंटर से 2016-19 में ग्रेजुएशन पूरी की ।
PG डिप्लोमा (मास कम्युनिकेशन): इग्नू (IGNOU) से 2019-21 में पत्रकारिता की डिग्री ली ।
खासियत और हुनर (Expertise)
एंटरटेनमेंट जर्नलिज्म: बॉलीवुड, साउथ, ओटीटी और टीवी स्टार्स के एक्सक्लूसिव इंटरव्यू और गहराई से रिसर्च करना ।
मूवी रिव्यूज: फिल्मों और वेब सीरीज का बारीकी से विश्लेषण और सटीक रिव्यू ।
फिल्म रिकमेंडेशन: वह पहले खुद फिल्में और सीरीज देखती हैं और उसके बाद ही पाठकों को उन्हें देखने की सलाह देती हैं।
लाइव कवरेज: ब्रेकिंग न्यूज और लाइव ब्लॉग्स के जरिए सबसे तेज और भरोसेमंद खबरें पहुंचाना ।
विजन
वर्तिका मानती हैं कि आज के दौर में पत्रकार का काम सिर्फ खबर देना नहीं, बल्कि सही और सच्ची जानकारी देना है। वह अपनी राइटिंग और प्लानिंग के जरिए कंटेंट को एक अलग और बेहतर नजरिए से पेश करने की कोशिश करती रहती हैं।
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