
'राजपाल को लोग पसंद करने लगे', 7 साल तक TMKOC के अब्दुल के पास नहीं था काम, बोले- 'मैं अब भी स्ट्रगल कर रहा हूं…'
तारक मेहता का उल्टा चश्मा में अब्दुल का किरदार निभाने वाले शरद संकला ने उस वक्त को याद किया जब उनके पास 7 साल तक काम नहीं था। उन्होंने कहा कि वो आज भी जीवन में स्ट्रगल कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने सीखा है कि समय के साथ चलना चाहिए।
तारक मेहता का उल्टा चश्मा में अब्दुल का किरदार निभाने वाले शरद संकला ने कई फिल्मों में भी काम किया है। वो लंबे वक्त से इंडस्ट्री का हिस्सा हैं। कई फिल्मों में काम करने के बाद शरद संकला के जीवन में एक ऐसा वक्त आया जब उनके पास सात साल तक कोई काम नहीं था। उन्होंने अपने उस वक्त को याद करते हुए कहा कि उस वक्त उनकी साढ़े साती चल रही थी। साथ ही, उन्होंने कहा कि उस वक्त जॉनी लीवर और राजपाल यादव को रोल्स मिलेत थे। उन्होंने कहा कि उनके जीवन में अब भी स्ट्रगल चल रहा है।
क्यों 7 साल शरद के पास नहीं था काम?
यूट्यूब के The Awaara Musaafir Show में खास बातचीत के दौरान शरद संकला से पूछा गया कि उनके जीवन में सात साल तक काम नहीं था। इसकी वजह क्या रही होगी? इसपर शरद ने कहा, “काम तो कम हो ही गया था। हम लोग बहुत छोटे-छोटे किरदार किया करते थे। हीरो के दोस्त का रोल किया करते थे। उस वक्त वो एक माहौल चल रहा था। फिर अचानक बदलती है इंडस्ट्री, कुछ बदला होगा पैटर्न। फिर हीरो खुद ही कॉमेडी कर रहा है, खुद ही सब कुछ कर रहा है। तो नॉर्मली बड़े-बड़े जो लोग थे जैसे असरानी और कुछ लोग...उस वक्त भी उनका काम चलता था। तो हम लोगों का ऐसा था कि किरदार अगर मैं चुनने जाऊं तो वो मुमकिन नहीं था। 90 से लेकर 2000-2003 तक जॉनी लीवर का वक्त चल रहा था। हालांकि, वो उनका काम अब भी चल रहा है। वो हर फिल्म में दिखा करते थे। फिर जॉनी भाई को देखते-देखते…राजपाल यादव आ गया। फिर राजपाल यादव को पब्लिक पसंद करने लगी। तब बड़े-बड़े रोल ये सब किया करते थे। तो हम लोगों को इतना मौका नहीं मिलता था।”
साढ़े साती में मानते हैं शरद संकला
इसके बाद शरद ने कहा कि उन सात साल उनके जीवन में साढ़े साती चल रही थी। उन्होंने कहा कि वो इन सब में मानते हैं। शरद ने कहा, “मैं मानता हूं इस बात को...जो साढ़े साती बोलते हैं, वो भी चल रही थी। शनिदेव की कृपा है...फिर उन्होंने मुझे इस मुकाम पर लाकर खड़ा कर दिया।” शरद ने कहा कि उनके जीवन में अभी भी साढ़े साती चल रही है। ये अब खत्म होने वाली है। शरद ने कहा कि कहते हैं कि जब दूसरी बार साढ़े साती आती है तो आपको कुछ अच्छा देखकर जाती है। उन्होंने कहा कि वो अपनी जिंदगी में अब भी स्ट्रगल कर रहे हैं।

किसी को फोटो या ऑटोग्राफ के लिए मना नहीं करते शरद
इसी बातचीत के दौरान शरद ने कहा कि उन्होंने अपने स्ट्रगल से बहुत कुछ सीखा है। उन्होंने कहा कि वो 90 से चार्ली चैपलिन के नाम से फेमस हो गए थे। लोग ऑटोग्राफ लेते थे। फिर ऐसा वक्त आया जब वो ऑडियंस के सामने नहीं आ पा रहे थे। उन्हें अपना करियर धुलता नजर आ रहा था। उन्होंने कहा कि अब मैं अभी अब्दुल भाई हूं। अब्दुल भाई ने ये चीज सीखी है कि वक्त ऐसी चीज है जो आती-जाती रहेगी। आपको अपने आप में रहना चाहिए।
समय के साथ चलने की कही बात
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि आज फैंस अगर फोटो या आटोग्राफ लेने आते हैं तो वो किसी को मना नहीं करते हैं, चाहे वो कितने भी थके हों। उन्होंने कहा कि उस वक्त वो तरसते थे कि काश… अपना भी एक टाइम था, अब वो नहीं है। ऊपर वाले ने फिर वो टाइम अपने को दिखाया। तो ये चीज सीखने को मिली कि अपने आप में अच्छे से रहो, खुश रहो। वक्त आता-जाता रहता है। बस वक्त के साथ चलो।

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Harshita Pandeyलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




