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डेब्यू शानदार, फिल्मी परिवार; बावजूद एक गलती से डूबा अभिनेत्री का करियर

इस अभिनेत्री को आज भी पहली फिल्म की वजह से जाना जाता है। मिस बॉम्बे बनने के बाद एक मैगजीन में फोटो देखकर डायरेक्टर ने पहली फिल्म ऑफर कर दी थी। अभिनेत्री के पिता और नाना अपने जमाने में प्रोड्यूसर रहे।

डेब्यू शानदार, फिल्मी परिवार; बावजूद एक गलती से डूबा अभिनेत्री का करियर
Shrilata लाइव हिंदुस्तान, मुंबईTue, 14 Nov 2023 10:59 PM
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पहली फिल्म की वजह से पहचान मिले और फिल्मी परिवार से ताल्लुक हो तब भी इंडस्ट्री में सफलता की गारंटी नहीं है। बहुत से ऐसे कलाकार हैं जिनकी शुरुआत तो शानदार रही लेकिन वह टॉप तक नहीं पहुंच पाए। एक ऐसी ही अभिनेत्री थीं विद्या सिन्हा, जिनका जन्म 15 नवंबर 1947 को हुआ था। विद्या 18 साल की थीं जब 1968 में उन्होंने मिस बॉम्बे का खिताब जीता था। उसके बाद से वह मॉडलिंग करने लगीं। उन्होंने कई ब्रांड्स के लिए विज्ञापन किए। उन्हीं दिनों निर्देशक बासु चटर्जी ने उनकी फोटो मैगजीन में देखी। उन्होंने फोटो देखकर विद्या को फिल्म 'रजनीगंधा' (1974) का रोल ऑफर किया। आज भी विद्या को उनकी पहली फिल्म से जाना जाता है। इसके गाने हिट रहे थे।

फिल्मी खानदान से थीं विद्या
विद्या के पिता प्रताप ए राना प्रोड्यूसर थे। उनके नाना 40 के दशक के बड़े प्रोड्यूसर थे। शुरुआत से उन्होंने फिल्मों के बारे में देखा सुना लेकिन घर पर माहौल बिल्कुल अलग था। फिल्म से जुड़े लोग उनके घर पर नहीं आते थे। परिवार ने बच्चों की परवरिश सामान्य तरीके से की। फिल्मी माहौल को देखते हुए विद्या को छोटी उम्र से एक्टिंग में इंटरेस्ट होने लगा लेकिन बोलने की हिम्मत नहीं होती थी। जब उन्होंने बोला भी एक दो बार तो घरवालों ने मना कर दिया। फिर उनकी शादी हो गई और तब फिल्मों में काम करना शुरू किया। 
 

इन फिल्मों में किया काम
विद्या की मुख्य फिल्मों में 'छोटी सी बात', 'कर्म', 'पति पत्नी और वो', 'किताब' और 'मुक्ति' सहित अन्य हैं। 10 सालों में उन्होंने करीब 30 फिल्में की थीं लेकिन वह उस ऊंचाई तक नहीं पहुंच पाईं कि उनकी गिनती टॉप अभिनेत्रियों में होने लगे। जल्दी ही उन्हें साइड किरदार मिलने लगे। इसके लिए विद्या खुद की ही गलती मानती हैं। एक टीवी इंटरव्यू में उन्होंने माना कि वह और कई साल तक हीरोइन का रोल कर सकती थीं लेकिन उनके एक फैसले की वजह से मां के किरदार मिलने लगे। दरअसल 80 के दशक में जब वह करियर के पीक पर थीं तब उन्होंने अचानक फैसला किया कि वह फिल्मों में काम नहीं करेगीं। वह बेबी प्लानिंग कर रहीं थीं। उसके बाद उनका लंबा गैप हो गया। जब विद्या वापस लौटीं तब उन्हें मां के किरदार मिलने लगे। 1981 में आई फिल्म 'लव स्टोरी' में वह विजेता पंडित की मां बनी थी।

टीवी में भी रहीं सक्रिय
फिल्मों के साथ विद्या ने कई टीवी सीरियल में काम किया। इनमें 'काव्यांजलि', 'कबूल है', 'इश्क का रंग सफेद' और 'कुल्फी कुमार बाजेवाला' है। 
15 अगस्त 2019 को 71 साल की उम्र में विद्या का निधन हो गया। उनकी एक बेटी जान्हवी है जो विदेश में रहती है।

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