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ट्विंकल खन्ना बाथरूम में बैठकर बनाती हैं नोट्स, बॉलीवुड पार्टियों से यूं जुटाती हैं कॉन्टेंट

बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार की पत्नी ट्विंकल खन्ना ने बताया कि वह अपने आर्टिकल्स के लिए मसाला कहां से इकट्ठा करती हैं और कैसे वो कई बार बॉलीवुड पार्टियों में बाथरूम में बैठकर नोट्स तैयार करती हैं।

Puneet Parashar लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्लीWed, 10 Jan 2024 04:31 PM
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बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार की पत्नी राइटर ट्विंकल खन्ना का अप्रोच हर मुद्दे को लेकर काफी बेबाक और मस्तीभरा होता है। अब उन्होंने बताया है कि वह अपने न्यूजपेपर कॉलम्स की तैयारी कैसे करती हैं और किस तरह कई बार पार्टियों के बाथरूम में बैठकर अपने नोट्स तैयार करती हैं। अपने पति अक्षय कुमार के साथ मालदीव में छुट्टियां मनाकर लौटने के बाद ट्विंकल खन्ना टिस्का चोपड़ा के साथ बैठीं और अपने राइटिंग प्रोसेस पर बातचीत की। ट्विंकल खन्ना ने बताया कि कैसे लॉकडाउन के दौरान उनकी रचनात्मकता सुस्त पड़ गई थी।

ट्विंकल खन्ना यूं खोजती हैं टॉपिक
ट्वीक इंडिया के लिए बातचीत में जब ट्विंकल खन्ना से पूछा गया कि वह हर वीकेंड के लिए ऐसे मसालेदार टॉपिक कैसे खोज लेती हैं तो उन्होंने बताया, "पिछले कुछ वक्त से मैं थोड़ी स्लो हो गई हूं। मैंने वीकेंड्स पर इस बारे में सोचना शुरू कर दिया है, मेरे पास कुछ आइडिया होते हैं, कुछ नोट्स होते हैं, मैं एक ढांचा तैयार कर लेती हूं और फिर मैं इन्हें मूर्त रूप देना शुरू कर देती हूं। लेकिन यह सब मैं पिछले 10 सालों से कर रही हूं। तो यह एक प्रक्रिया बन चुकी है।"

बोलीं- मैं किसी गिलहरी की तरह
ट्विंकल खन्ना ने बताया कि वह डेडलाइन को फॉलो करती हैं। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि डेडलाइन आपका सबसे बड़ा डर होती है। अगर आपकी डेडलाइन शुक्रवार दोपहर की है तो आपके पास कोई एक्सक्यूज नहीं है। मुझे अपना काम करके देना ही है और वह दबाव आपकी मदद करता है। सिर्फ एक ही मौका था जब मैं रचनात्मक रूप से बहुत धीमी और बेमन हो गई थी और यह वक्त था लॉकडाउन का दौर। यह मेरे स्वभाव की वजह से था, क्योंकि मैं किसी गिलहरी की तरह हूं, मैं बाहर निकलती हूं और किस्से जमा करती हूं।"

बाथरूम में बैठकर बनाती हूं नोट्स
ट्विंकल खन्ना ने कहा, "ये किस्से मेरे लिए मेरी मूंगफलियों जैसे हैं और मैं उन्हें लेकर अपने बिल में घुस जाती हूं। उन्हें देखती हूं और चखती हूं। मैं हमेशा सुनने और समझने की कोशिश करती हूं कि बाकी लोग क्या बोल रहे हैं, मैं किसी पार्टी के बाथरूम में बैठकर उन पर नोट्स तैयार करती हूं। तो जब पार्टी ना हो रही हो और कहीं जाने को ना हो और जब ये सब आवाजें मेरे इर्द-गिर्द ना हों तो कुछ ऐसा ना हो जो मुझे रोक रहा हो। यह इकलौता वक्त था जब मेरी क्रिएटिविटी मंद पड़ गई थी।"

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