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मनोरंजनThe Family Man 2 Review: पुराने तारों से जुड़े 'फैमिली मैन' के नए कनेक्शन, क्या बेटी और पीएम को बचा पाएगा श्रीकांत तिवारी?

हिन्दुस्तान,मुंबईPublished By: Avinash Singh
Fri, 04 Jun 2021 04:56 AM
The Family Man 2 Review: पुराने तारों से जुड़े 'फैमिली मैन' के नए कनेक्शन, क्या बेटी और पीएम को बचा पाएगा श्रीकांत तिवारी?

वेब सीरीज: द फैमिली मैन 2 
कलाकार: मनोज बाजपेयी, सामंथा अक्किनेनी, शारिब हाशमी, प्रियमणि, सीमा बिस्वास, दलीप ताहिल, विपिन शर्मा, श्रीकृष्ण दयाल, सनी हिंदुजा, शरद केलकर और राजेश बालाचंद्रन आदि 
निर्देशक: राज निदिमोरू और कृष्णा डीके (राज एंड डीके)
ओटीटी: अमेजन प्राइम वीडियो

दिग्गज अभिनेता मनोज बाजपेयी की वेब सीरीज 'द फैमिली मैन 2' का दूसरा सीजन करीब 20 महीने के इंतजार के बाद रिलीज हो गया है। मजेदार बात ये रही कि सीरीज एक ओर जहां पहले चार जून को रिलीज होने वाली थी तो वहीं फैन्स की बेताबी को देखते हुए उसे रात बजे से कुछ घंटे पहले ही रिलीज कर दिया गया। 

क्या है कहानी
'द फैमिली मैन 2' की कहानी सीरीज के पहले हिस्से से ही आगे बढ़ती है। पहले ही एपिसोड में आपको उस सवाल का जवाब मिल जाता है जो सीजन वन के अंत में छूट गया था- क्या दिल्ली गैस के हमले से बच पाएगी? हालांकि इस सवाल के जवाब से पहले ही एक नई कहानी की शुरुआत हो जाती है। जहां तमिलनाडु और श्रीलंका के तार इस बार लंदन तक पहुंच जाते हैं। वहीं मनोज बाजपेयी का सीक्रेट एजेंट किरदार श्रीकांत तिवारी कुछ एपिसोड्स के बाद पूरे रंग में देखने को मिलता है, चूंकि उसके पहले तक श्रीकांत कॉरपोरेट कंपनी में जॉब कर रहा होता है। लेकिन उसका मन 'टास्क' के कामों में ही लगा रहता है। ऐसे में जब पानी सिर से ऊपर निकल जाता है तो फिर श्रीकांत की होती है टास्क में वापसी और शुरू होता है धमाका। कहानी में एक ओर जहां श्रीकांत को अपनी बेटी को मौत से बचाना होता है तो वहीं दूसरी ओर देश की प्रधानमंत्री पर भी हो रहे अटैक की साजिश को खत्म करना होता है।

बारीकियों का रखा गया है ध्यान
इस सीजन में श्रीकांत के पास न सिर्फ आपको नई कार देखने को मिलेगी, बल्कि एक्शन और गालियों का डोज भी पिछली बार से कुछ ज्यादा है। सीरीज में कई छोटी- छोटी बारीकियों पर राज और डीके ने काफी बेहतरीन काम किया है। जैसे जब भारत और लंदन के बीच में कोई फोन कॉल दिखाया गया है तो दोनों जगहों के बीच के टाइम के मुताबिक दिन और रात का ध्यान रखा गया है। इसके साथ ही सीरीज में कई छोटे- छोटे सीन्स और मैसेज हैं जो आपको सोचने पर मजबूर कर देते हैं। सीरीज के एक सीन में श्रीकांत पत्नी को कॉल लगाकर रोना चाहता है लेकिन रो नहीं पाता है। इसके साथ ही एक दूसरे सीन में जब पत्नी, श्रीकांत को कॉल करती है तो ईगो के चलते वो पिक नहीं करता है। वहीं पेरेटेंस के कामों और फैसलों का बच्चों पर क्या असर पड़ता है, ये पहलू भी राज और डीके ने बखूबी दिखाया है। 

कहां रह गई कमी
पूरी सीरीज में एक कमी मुख्य तौर से देखने को मिलती है और वो भाषा है। दरअसल सीरीज का काफी हिस्सा तमिल में हैं, ऐसे में आपको सबटाइटिल के भरोसे ही रहना पड़ता है। इस समस्या से मेट्रो शहर के दर्शक तो परेशान नहीं होंगे लेकिन इसका असर छोटे शहरों के दर्शकों पर पड़ सकता है, जो हिंदी सुनना और देखना ही पसंद करते हैं। 

कैसी है एक्टिंग
न सिर्फ मनोज बाजपेयी बल्कि सीरीज के हर अभिनेता ने अपने किरदार को बखूबी निभाया है। एक ओर जहां मनोज बाजपेयी ने बतौर हीरो दर्शकों को बांध कर रखा, तो वहीं सामंथा अक्किनेनी विलेन के किरदार में खूब जच रही हैं। सामंथा ने अपने आपको किरदार में कुछ इस कदर ढाला है कि एक बार के लिए उन्हें पहचानना मुश्किल हो जाता है। इसके साथ ही शारिब हाशमी, प्रियमणि, सीमा बिस्वास, दलीप ताहिल, शरद केलकर, सनी हिंदुजा, विपिन शर्मा और श्रीकृष्ण दयाल सहित हर अभिनेता ने अपने किरदार के साथ न्याय किया है।

देखें या नहीं
'द फैमिली मैन' के दूसरे सीजन को देखने से पहले आपको इसका पहला सीजन जरूर देख लेना चाहिए। दूसरे सीजन में कुल 9 एपिसोड्स हैं, जो दर्शकों को बांधे रखते हैं। बढ़िया निर्देशन और अच्छी एक्टिंग से लबरेज इस सीरीज को देख लेना चाहिए, हालांकि अगर आपको इसका पहला सीजन अच्छा नहीं लगा होगा तो आपको ये भी पसंद नहीं आएगा और अगर आपको इसका पहला सीजन पसंद आया होगा तो दूसरा सीजन अधिक पसंद आएगा। वैसे 'द फैमिली मैन' के फैन्स के लिए अच्छी खबर ये है कि इसका तीसरा सीजन भी दस्तक जरूर देगा, जिसकी झलक दूसरे सीजन के अंत में दिखाई गई है।

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