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21 अप्रैल, 2021|8:46|IST

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पिता कैफी आजमी का स्कूल में नाम बताने से कतराती थीं शबाना, फिर अचानक यूं खुला भेद

kaifi azmi

कैफी आजमी भले ही आज शायरी की दुनिया में बड़ी हस्तियों में शुमार किए जाते हैं, लेकिन एक दौर में वह फाकामस्ती में जीवन गुजार रहे थे। यहां तक कि खुद उनकी बेटी शबाना आजमी अपने स्कूल में उनका नाम बताने भी कतराती थीं। पिता पर लिखी पुस्तक में शबाना आजमी लिखती हैं, 'मैं स्कूल में दोस्तों से उनके बारे में बात करने से कतराती थी। कई बार झूठ ही कह देती थी कि वो कुछ बिजनेस करते हैं।' इसकी वजह यह थी कि उस दौर में शायर होने को बहुत अच्छा नहीं माना जाता था। यह कोई पेशा नहीं था और ऐसा करने को लेकर बेकार वक्त गंवाना समझते थे। 

कैफी आजमी का न तो कोई ऑफिस था और न ही वह कभी पैंट-शर्ट पहनते थे। वह हमेशा सफेद रंग के कुर्ते पायजामे में रहा करते थे। शबाना आजमी कहती हैं कि बचपन में उन्हें ज्यादा समझ नहीं थी और यह चीज कुछ अजीब सी लगती थी कि उनके पिता ऑफिस नहीं जाते हैं। यही नहीं कैफी आजमी बेटी शबाना का एडमिशन अंग्रेजी स्कूल में कराना चाहते थे और इसके लिए जरूरी था कि मां-बाप को भूी अंग्रेजी आती हो।

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ऐसी स्थिति में उन्होंने अलग रास्ता निकाला और उस वक्त के मशहूर शायर सरदार जाफरी की पत्नी ने स्कूल में शबाना का रोल अदा किया। वहीं कैफी आजमी के एक दोस्त मुनीश नारायण सक्सेना ने पिता का रोल प्ले किया। इस तरह से किसी और को मां-बाप बनाकर शबाना का स्कूल में दाखिला कराया गया था।

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इसे लेकर एक दिलचस्प वाकया शेयर करते हुए शबाना आजमी बताती हैं, 'एक दिन वाइस प्रिन्सिपल ने मुझे बुलाकर कहा कि कल रात आपके पिता को एक मुशायरे में देखा और वह उनसे बिलकुल अलग हैं, जो अकसर पैरेंट्स डे पर आते हैं। इस पर मैंने प्रिंसिपल से कहा कि टायफाइड होने के चलते वह काफी दुबले हो गए हैं। इसलिए कई बार पहचान में ही नहीं आते हैं। यह बात वाइस प्रिंसिपल ने मान भी ली थी।' 

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हालांकि पिता के शायर होने की बात पर हिचकने वालीं शबाना आजमी उस दिन गर्व से भर गईं, जब उनका नाम एक अखबार में छपा था। शबाना आजमी लिखती हैं, 'एक दिन मेरी एक दोस्त ने क्लास में आकर बताया कि उसने मेरे अब्बा का नाम अखबार में पढ़ा है। उस पल के बाद बाजी पलट गई- जहां शर्मिंदगी थी, वहां गौरव आ गया। चालीस बच्चे क्लास में थे, लेकिन सिर्फ मैं ही थी, जिसके पिता का नाम अखबार में छपा था।'

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  • Web Title:shabana azmi was not easy to tell his father kaifi azmi name in school