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MOVIE REVIEW: फिल्म देखने से पहले पढ़ें कैसी है 'तू है मेरा संडे'

tu hai mera sunday

सितारे : बरुन सोबती, शहाना गोस्वामी, विशाल मल्होत्रा, नकुल भल्ला, अविनाश तिवारी, जय उपाध्याय  
निर्देशक-लेखक: मिलिंद धैमेढ़
निर्माता : वरुण शाह

क्या संयोग है कि 6 अक्तूबर से देश में अंडर-17 फीफा वर्ल्ड कप शुरू हुआ और इसी दिन एक ऐसी फिल्म रिलीज हुई, जिसके पांच किरदार फुटबाल के दीवाने हैं। लेकिन, मुंबई जैसे महानगर में उन्हें फुटबाल खेलने के लिए जगह मयस्सर नहीं है। हालांकि, मिलिंद धैमेढ़ की फिल्म ह्यतू है मेरा संडेह्ण केवल फुटबाल पर के्द्रिरत नहीं है। इसकी पटकथा में फुटबाल एक सूत्रधार की तरह है, जिसमें पांच दोस्त, फुटबाल के प्रति उनका प्रेम, संडे की गतिविधियों के साथ-साथ उनके दोस्त-रिश्तेदार और उनसे जुड़ी जटिलताएं भी शामिल हैं। ये पांच दोस्त ऊपर देखने में बड़े सहज और सुखी लगते हैं, लेकिन सबकी अपनी दिक्कतें और विवशताएं हैं।  
अर्जुन आनंद (बरुण सोबती) अच्छा-खासा पढ़ा-लिखा है, लेकिन कॉरपोरेट की नौकरी नहीं करना चाहता और न ही शादी करना चाहता है। गुजराती भाई, जयेश (जय उपाध्याय) को घर में टिकना पसंद नहीं है और डॉमिनिक (विशा मल्होत्रा) की अपने बड़े भाई से नहीं बनती। राशिद (अविनाश तिवारी) दिलफेंक है, लेकिन सच्चे प्यार के लिए भटक रहा है और पारसी मेहरुनोश (नकुल भल्ला), जिसे सब बावा पुकारते हैं, को अपनी बात कहने में हमेशा हिचक होती है। इन दोस्तों का फुटबाल प्रेम इन्हें एक बुजुर्ग व्यक्ति से मिलवाता है, जो अपनी सुध-बुध खो चुका है। यही से अर्जुन उस बुजुर्ग की बेटी काव्या रंगनाथन उर्फ कावी (शहाना गोस्वामी) की दोस्ती शुरू होती है और शुरू होता है एक सफर, जहां ये दोस्त खुद को जान पाते हैं। 
इस फिल्म की सबसे अच्छी बात है इसके किरदार, जो सच्चे और विश्वसनीय लगते हैं। दूसरी खास बात है इसकी सहज पटकथा। यहां कहीं कुछ जताने और समझाने की कोशिश नहीं की गयी है। हर किरदार की कहानी नई और असर करने वाली लगती है। कुछ अपनी सी लगती है और अहसास कराती है कि, जिन्हें दो वक्त की भूख नहीं सताती, उन्हें कई चीजें और भी सताने-परेशान करने वाली होती हैं। अगर निर्देशक इसमें कुछ ऐसे तत्व भी डालते, जिससे समाज में हाशिये पर रहने वाले भी जुड़ पाते तो अच्छा रहता। हालांकि फिल्म दो घंटे की है, लेकिन कई जगह धीमी होने की वजह से थोड़ी सी उकताहट भी होती है। फिर भी यह फिल्म एक नया सा, अच्छा अहसास देकर जाती है। 


रेटिंग: 3 स्टार
 

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