DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

MOVIE REVIEW: विज्ञान संग मसालों का छौंक है मिशन मंगल

यार ये कोई रॉकेट साइंस थोड़ी न है!

आम बोलचाल में हम अकसर यह जुमला इस्तेमाल करते हैं... किसी ऐसे काम के लिए, जो जटिल नहीं है। पर मामला अगर सचमुच रॉकेट साइंस का ही हो तो? बात हो रही है हालिया रिलीज जगन शक्ति निर्देशित फिल्म ‘मिशन मंगल’ की जिसमें बॉलीवुड के कई बड़े सितारे हैं। फिल्म में यूं तो मनोरंजन के कई मसाले हैं, पर यह उस संघर्ष को नहीं उभार पाती, जो इस जटिल मिशन को अंजाम देते वक्त इसरो के काबिल मेहनतकश वैज्ञानिकों ने किया होगा। विज्ञान पर बनी इस फिल्म में विज्ञान की घोर कमी है। वैज्ञानिक पक्ष को आसान बनाने के चक्कर में देश के बेहद गौरवशाली मिशन (मॉम) की गंभीरता घटती हुई नजर आती है।

अक्षय कुमार फिल्म में अंतरिक्ष वैज्ञानिक राकेश धवन की भूमिका में हैं, जो ‘फैट बॉय’ नामक एक अंतरिक्ष मिशन का नेतृत्व कर रहे हैं। दुर्भाग्यवश यह मिशन असफल हो जाता है जिसके चलते राकेश को ‘मार्स मिशन’ का प्रमुख बना दिया जाता है। ‘फैट बॉय’ मिशन ठंडे बस्ते में चला जाता है जिसकी असफलता के लिए राकेश के साथ काम करने वाली वैज्ञानिक तारा शिंदे (विद्या बालन) खुद को जिम्मेदार मानती हैं।

एक दिन पूरियां तलते हुए तारा को आइडिया आता है कि मार्स तक कैसे पहुंचा जा सकता है। वह राकेश को अपना आइडिया बताती हैं जिसके बाद ये दोनों इसरो के अधिकारियों को विश्वास में लेने की कोशिश करते हैं। आइडिया स्वीकार भी हो जाता है, पर आड़े आता है बजट। तय होता है कि इस मिशन का बजट होगा 800 करोड़ रुपए। पर फिर इस बजट में भी अड़चनें आती हैं और यह घट कर 400 करोड़ रह जाता है। राकेश और तारा इस मिशन के लिए सीनियर वैज्ञानिकों की एक टीम चाहते हैं, पर नासा से लौटे भारतीय वैज्ञानिक रूपर्ट देसाई (दिलीप ताहिल) ऐसी चाल चलते हैं कि राकेश की टीम में सिर्फ जूनियर वैज्ञानिकों को ही शामिल किया जाता है।

ये वैज्ञानिक हैं एका गांधी (सोनाक्षी सिन्हा), कृतिका अग्रवाल (तापसी पन्नू), वर्षा पिल्लई (नित्या मेनन), नेहा सिद्दीकी (कीर्ति कुल्हारी) और परमेश्वर नायडू (शरमन जोशी)। साथ ही इस टीम में अनंत अय्यर (एच जी दत्तात्रेय) भी हैं, जो रिटायरमेंट के करीब हैं। यह टीम मिलकर कैसे मंगल ग्रह तक पहुंचने के सपने को साकार करती है, यही है फिल्म की कहानी।

‘मिशन मंगल’ देखकर लगता है कि हिन्दुस्तानी जुगाड़ जैसे हर जगह काम आ जाता है, वैसे ही मंगल ग्रह तक भी हम इसी जुगाड़ की वजह से पहुंच गए! फिल्म के एक दृश्य में इसरो हेडक्वार्टर का संपर्क सैटेलाइट से टूट जाता है। सब भौचक, करें तो क्या करें! अचानक तापसी पन्नू सारा सिस्टम बंद करके उसे दोबारा चालू कर देती हैं। तर्क यह कि घर पर जब भी मेरा कम्प्यूटर बंद हो जाता है, तो मैं उसे एक बार स्विच ऑफ करके स्विच ऑन कर देती हूं। जी हां, आपने सही सुना, यह बयान इसरो की एक वैज्ञानिक का है! सैटेलाइट के अलग-अलग उपकरणों को बनाने से जुड़े आइडिये भी इन वैज्ञानिकों को यूं ही चलते-फिरते आते हैं, किसी को प्लास्टिक के विरोध प्रदर्शन देख कर तो किसी को कुशन कवर का डिजाइन देखकर। फिल्म में कुछ चीजें गैर-जरूरी भी मालूम होती हैं, जैसे संजय कपूर का अपने बेटे के कुरान पढ़ने पर नाराज होना।   

आयुष्मान खुराना ने पूजा बनकर रक्षाबंधन के अवसर पर दिया ये मज़ेदार मैसेज

ISRO के 50 साल पूरे होने पर रिलीज हुआ Mission Mangal का 'तोता उड़' सॉन्ग

 

एक्टिंग के लिहाज से बाजी मारी है अभिनेत्री विद्या बालन ने। विद्या ही हैं, जिनका मिशन को लेकर जुनून उनक आंखों में नजर आता है। एक खड़ूस पति (संजय कपूर) और दो आजादख्याल बच्चों को संभालते हुए जिस तरह वह अपनी मिशन से जुड़ी जिम्मेदारियां भी संभालती हैं, वह काबिलेतारीफ है। अक्षय कुमार अपने चिर-परिचित अंदाज में नजर आए। तापसी पन्नू, कीर्ति कुल्हारी और नित्या मेनन की भूमिकाएं बहुत बड़ी नहीं है, पर इन सभी ने अपनी भूमिकाओं के साथ न्याय किया है। सबसे ज्यादा चौंकाते हैं सोनाक्षी सिन्हा और शरमन जोशी। जहां सोनाक्षी एक ग्लैमरस और आजादख्याल युवा वैज्ञानिक की भूमिका में हैं, वहीं शरमन जोशी एक अंधविश्वासी वैज्ञानिक का किरदार निभा रहे हैं, जिसे पंडित ने मंगल ग्रह का दोष बताया है, जिसके चलते वह मिशन मंगल में काम नहीं करना चाहता। सोनाक्षी ऊर्जा से भरी हैं और शरमन की कॉमिक टाइमिंग फिल्म में हल्के-फुल्के पल लाती है।

सैटेलाइट लॉन्च करने से जुड़े दृश्यों का फिल्मांकन बेहद प्रभावी है। उन्हें देखते हुए सचमुच गौरव महसूस होता है। रवि वर्मन की सिनेमेटोग्राफी अच्छी है। मनोरंजन के लिहाज से इंटरवेल से पहले का हिस्सा बेहतर है। अमित त्रिवेदी और तनिष्क बागची का संगीत अच्छा है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Read mission mangal review