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हिंदी न्यूज़ मनोरंजन'शोले' से जुड़ी 10 अनसुनी कहानियां: ‘ठाकुर’ बनना चाहते थे धर्मेंद्र, ‘जय’ के लिए शत्रुघ्न सिन्हा थे पहली पसंद

'शोले' से जुड़ी 10 अनसुनी कहानियां: ‘ठाकुर’ बनना चाहते थे धर्मेंद्र, ‘जय’ के लिए शत्रुघ्न सिन्हा थे पहली पसंद

Shrilataलाइव हिन्दुस्तान,मुंबईSun, 23 Jan 2022 04:10 PM

कुछ अनसुने किस्से

कुछ अनसुने किस्से1 / 11

रमेश सिप्पी निर्देशित ‘शोले’ हिन्दी सिनेमा की एक ऐतिहासिक फिल्म है। ‘शोले’ ने सिनेमा निर्माण को नई दिशा दी। फिल्म दो दोस्तों जय (अमिताभ बच्चन) और वीरू (धर्मेंद्र) की कहानी है जिन्हें ठाकुर (संजीव कुमार) ने डाकू गब्बर सिंह (अमजद) से बदला लेने के लिए रखा था। फिल्म के एक-एक डायलॉग से लेकर सीन तक लोगों को याद हैं। ऐसी यादगार फिल्म बनाने वाले रमेश शिप्पी आज 23 जनवरी को अपना 74वां जन्मदिन मना रहे हैं। तो चलिए उनके जन्मदिन के मौके पर बताते हैं ‘शोले’ के कुछ ऐसे किस्से जिनके बारे में लोगों को शायद ही पता हो।

शूटिंग के वक्त का एक सीन

शूटिंग के वक्त का एक सीन2 / 11

मुंबई के Minerva थियेटर में ‘शोले’ 1975 से 1980 तक लगातार 5 साल तक चलती रही। किसी फिल्म को लेकर दर्शकों की दीवानगी किस कदर थी इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है।

सलीम खान और जावेद अख्तर

सलीम खान और जावेद अख्तर3 / 11

फिल्म को सलीम खान और जावेद अख्तर ने लिखा था, जो उस वक्त सलीम-जावेद के नाम से फिल्म लेखन का काम करते थे। इसके लिए उन्हें 10 हजार रुपये दिए गए। 1970 में यह बड़ी रकम होती थी।

धर्मेंद्र के साथ रमेश सिप्पी

धर्मेंद्र के साथ रमेश सिप्पी4 / 11

फिल्म में ठाकुर का किरदार धर्मेंद्र करना चाहते थे। फिल्म की स्क्रिप्ट सुनने के बाद उन्हें लगा इसकी कहानी ठाकुर और गब्बर के इर्द-गिर्द ही है। निर्देशक रमेश सिप्पी ने उन्हें बहुत होशियारी के साथ मनाया। रमेश सिप्पी ने धर्मेंद्र को बताया कि अगर संजीव कुमार वीरू का रोल करते हैं तो आखिर में वह हेमा मालिनी के साथ होंगे। उस वक्त धर्मेंद्र, हेमा मालिनी से प्यार करने लगे थे। दूसरी ओर संजीव कुमार ने पहले ही हेमा को प्रपोज कर दिया था। उन्हें हेमा के साथ वक्त बिताने का और मौका मिल जाता।

सेट पर अमिताभ-धर्मेंद्र संग रमेश सिप्पी

सेट पर अमिताभ-धर्मेंद्र संग रमेश सिप्पी5 / 11

बहुत कम लोगों को पता होगा कि जय के रोल लिए पहली पसंद शत्रुघ्न सिन्हा थे जिसे बाद में अमिताभ बच्चन ने  किया था।

सलीम खान ने अमिताभ का नाम सुझाया

सलीम खान ने अमिताभ का नाम सुझाया6 / 11

सलीम खान ने जय के किरदार के लिए अमिताभ बच्चन का नाम सुझाया था। सलीम खान पहले ही फिल्म ‘जंजीर’ के वक्त अमिताभ बच्चन से मिल चुके थे। वहीं धर्मेंद्र ने भी अमिताभ के नाम की सिफारिश की थी।

जया बच्चन को सीन समझाते रमेश सिप्पी

जया बच्चन को सीन समझाते रमेश सिप्पी7 / 11

फिल्म का वह सीन काफी लोकप्रिय हुआ जिसमें जया बच्चन लैम्प बुझाती हैं जबकि अमिताभ बच्चन माउथ ऑर्गन बजाते हैं, उस सीन को शूट करने में 20 दिन लग गए थे। दरअसल रमेश शिप्पी और सिनेमैटोग्राफर द्वारका दिवेचा सीन में सूरज डूबने और रात के बीच के कुछ मिनट को फिल्म में दिखाना चाहते थे।

शोले के सेट पर अमजद खान और संजीव कुमार

शोले के सेट पर अमजद खान और संजीव कुमार8 / 11

गब्बर का रोल पहले डैनी डेंजोंगपा को अप्रोच किया गया था लेकिन वह उस वक्त अफगानिस्तान में ‘धर्मात्मा’ कर रहे थे जिस वजह से उन्होंने फिल्म को मना कर दिया। 

संजीव कुमार को सीन बताते रमेश सिप्पी

संजीव कुमार को सीन बताते रमेश सिप्पी9 / 11

गब्बर के जिस रोल ने तहलका मचा दिया और आज भी उसके डायलॉग इतने हिट हैं। आपको हैरानी होगी कि फिल्म में गब्बर के केवल 9 सीन हैं।

ऐसे पड़ा गब्बर नाम

ऐसे पड़ा गब्बर नाम10 / 11

सलीम खान के पिता पुलिस में थे उन्होंने गब्बर नाम के एक डाकू की कहानी उन्हें सुनाई थी जो कुत्ते पालता था और पुलिस की नाक काट देता था। इस तरह गब्बर सिंह का नाम पड़ा।

3 करोड़ का हो गया था बजट

3 करोड़ का हो गया था बजट11 / 11

‘शोले’ उस वक्त की सबसे महंगी फिल्मों में से थी। पहले इसके बजट का अनुमान 1 करोड़ था लेकिन बाद में यह 3 करोड़ तक पहुंच गया।

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