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हिंदी न्यूज़ मनोरंजनप्रियंका चोपड़ा ने ‘द एक्टिविस्ट’ शो पर मचे बवाल के बाद मांगी माफी, कहा- ‘बहुत से लोगों को निराशा हुई’

प्रियंका चोपड़ा ने ‘द एक्टिविस्ट’ शो पर मचे बवाल के बाद मांगी माफी, कहा- ‘बहुत से लोगों को निराशा हुई’

लाइव हिन्दुस्तान,मुंबईShrilata
Fri, 17 Sep 2021 11:00 AM
प्रियंका चोपड़ा ने ‘द एक्टिविस्ट’ शो पर मचे बवाल के बाद मांगी माफी, कहा- ‘बहुत से लोगों को निराशा हुई’

प्रियंका चोपड़ा के नए शो ‘द एक्टिविस्ट’ को लेकर विवाद गहराता जा रहा है जिसके बाद एक्ट्रेस ने एक पोस्ट शेयर कर माफी मांगी है। इस शो के लिए प्रियंका, अमेरिकी सिंगर-सॉन्ग राइटर अशर (Usher) और ‘डांसिंग विद द स्टार्स’ फेम जूनियन हॉफ को जज के रूप में चुना गया था। सीबीएस और ग्लोबल सिटीजन द्वारा प्रोड्यूस इस शो के ऐलान के बाद इसे असंवेदनशील बताते हुए जमकर आलोचना की गई। पहले ग्लोबल सिटीजन ने शो के फॉर्मेट पर माफी मांगी। वहीं अब प्रियंका चोपड़ा ने भी एक पोस्ट शेयर कर कहा है कि जिस किसी को भी इस शो से निराशा हुई है उससे वह माफी मांगती हैं।

क्यों हो रहा विवाद

शो में 6 सामाजिक कार्यकर्ता एक दूसरे के खिलाफ होने थे। अपने-अपने कार्यों को लेकर उन्हें चुनौती पेश करना था। विजेता एक्टिविस्ट को पुरस्कार स्वरूप प्राइज मनी और जी 20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने का मौका दिया जाना था। नेटिजन्स ने इस फॉर्मेट को लेकर आलोचना की और इसे असंवेदनशील बताया। 

पोस्ट लिखकर मांगी माफी

प्रियंका ने इस मामले पर एक पोस्ट शेयर किया और कहा कि ‘मैं पिछले कुछ हफ्ते से आपकी आवाज की शक्ति देखकर प्रभावित हुई हूं। एक्टिविज्म को हमेशा उसके मूल कारणों और प्रभावों से प्रेरणा मिलती है। जब लोग किसी चीज के बारे में आवाज उठाने के लिए एक साथ आते हैं, तो हमेशा एक प्रभाव पड़ता है। आपको सुना गया। शो गलत हो गया, और मैं माफी मांगती हूं कि इसमें मेरे हिस्सा लेने से आप में से कई लोगों को निराशा हुई। हमारा इरादा इन विचारों और कार्यों के पीछे काम कर रहे लोगों और उन बदलावों को सामने लाना था। मुझे यह जानकर खुशी हुई कि इस नए फॉर्मेट में, उनकी कहानियां मुख्य आकर्षण होंगी और मुझे उन कार्यकर्ताओं के साथ सहयोग करने पर गर्व है जो इस दिशा में काम कर रहे हैं।‘ 

कार्यकर्ताओं के लिए कही ये बात

प्रियंका ने आगे लिखा कि ‘यह कार्यकर्ताओं की ग्लोबल कम्युनिटी है जो हर दिन लड़ाई लड़ते हैं। वे बदलाव के लिए अपना खून, पसीना और आंसू बहाते हैं लेकिन ज्यादातर बार उन्हें ना तो सुना जाता है, ना ही उनके काम को मान्यता दी जाती है। उनका काम बहुत महत्वपूर्ण है। वे मान्यता और सम्मान के पात्र हैं। आप उनके लिए जो कुछ भी करते हैं उसके लिए हर एक का धन्यवाद।‘ 
 

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