Hindi NewsEntertainmentNeena Gupta on women when a man starts getting pregnant we will become equa

'जब आदमी प्रेग्नेंट होना शुरू हो जाएगा हम बराबर हो जाएंगे', महिलाओं पर बोलीं नीना गुप्ता

नीना गुप्ता ने लेटेस्ट इंटरव्यू में फेमिनिज्म को फालतू बताया। उनका कहना है कि एक महिला पुरुष के बराबर नहीं है और यह बात बकवास है। उन्होंने महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने की सलाह दी।

'जब आदमी प्रेग्नेंट होना शुरू हो जाएगा हम बराबर हो जाएंगे', महिलाओं पर बोलीं नीना गुप्ता
Shrilata लाइव हिंदुस्तान, मुंबईSun, 26 Nov 2023 05:05 PM
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फिल्म बधाई हो के बाद नीना गुप्ता लगातार काम में सक्रिय हैं। फिल्मों से लेकर सीरीज की उनके पास लंबी लाइन है। नीना बॉलीवुड की बेबाक अभिनेत्रियों में से एक हैं और निजी जिंदगी पर खुलकर बात करती आई हैं। लेटेस्ट इंटरव्यू में उन्होंने पुरुषों और महिलाओं की बराबरी पर कहा कि फालतू के फेमिनिज्म पर ध्यान नहीं देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुरुष हर मामले में महिलाओं से बेहतर है और बराबरी की बात बकवास है। नीना ने महिलाओं को यह भी सलाह दी कि आर्थिक रूप से स्वतंत्र होना सबसे ज्यादा जरूरी है।

महिला-पुरुष की बराबरी पर बोलीं नीना गुप्ता
नीना ने ये बातें रणवीर अलाहबादिया यूट्यूब चैनल पर कीं। उन्होंने कहा, 'ये फालतू फेमिनिज्म है... औरत मर्द के बराबर होती है, ये सब सोचने की और उस पर विश्वास करने की कोई जरूरत नहीं है। आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो जाओ और अपने काम पर ध्यान दो। अगर आप हाउसवाइफ हैं तो उसे छोटा मत समझो, वह भी बहुत बड़ा काम होता है। अपने को छोटा मत समझो। बाकी हम बराबर नहीं हैं। जिस दिन आदमी प्रेग्नेंट होना शुरू हो जाएगा हम बराबर हो जाएंगे। नहीं हो सकते बराबर।'

'हर कोई अलग है'
जब उनसे पूछा गया कि क्या लड़के हर मामले में बेहतर हैं तो उन्होंने कहां, 'हां बिल्कुल। 100 फीसदी। वो सब कहना कि महिलाएं बहुत स्ट्रॉन्ग हैं... हम हैं स्ट्रॉन्ग लेकिन हर कोई अलग है। फिर भी बराबर नहीं हैं।' आगे वह कहती हैं, 'मैं बस यही कह रही हूं कि औरत का आर्थिक रूप से स्वतंत्र होना जरूरी है।' 

'महिलाओं को आदमियों को होती है जरूरत'
नीना ने कहा कि 'महिलाओं को आदमियों की जरूरत होती है। मैं एक छोटी बात बताती हूं। मुझे 6 बजे की फ्लाइट पकड़नी थी एक बार, मेरा कोई ब्वॉयफ्रेंड नहीं था, यंग थी मैं। खार में रहती थी। मैं बाहर निकली सुबह 4 बजे अंधेरा था। एक आदमी मेरे पीछे-पीछे आ गया। बहुत डर गई और वापस चली गई। फ्लाइट मिस हो गई। सुबह 6 बजे की फ्लाइट सस्ती होती है। तब पैसे नहीं थे। अगले दिन एक मेल फ्रेंड के यहां रूकी और वो सुबह छोड़ के आया। मुझे आदमी की जरूरत है।' उन्होंने आगे जोड़ा कि समाज ऐसा है तो लड़कियों के लिए सब मुश्किल हो जाता है। 

दोस्तों के पतियों से रखती थीं दूरी
नीना ने बताया कि जब वह सिंगल थीं तो अपनी दोस्तों के पतियों से ज्यादा बात नहीं करती थी कहीं उन्हें यह न लगे कि लाइन मार रही हैं। काफी सारे आदमियों को लगता था कि वह आसानी से उपलब्ध हैं क्योंकि वह सिंगल हैं। 

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