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मनोरंजनप्यार में धोखा, परिवार ने भी पैसों के लिए किया इस्तेमाल, दर्द से भरी थी नरगिस की जिंदगी

हिन्दुस्तान,मुंबईPublished By: Shrilata
Tue, 01 Jun 2021 09:06 AM
प्यार में धोखा, परिवार ने भी पैसों के लिए किया इस्तेमाल, दर्द से भरी थी नरगिस की जिंदगी

हिन्दी फिल्म इंडस्ट्री की महान अभिनेत्रियों में नरगिस की गिनती होती है। उनके दमदार अभिनय के अलावा खूबसूरती के लोग कायल रहे हैं। एक जून 1929 को उनका जन्म कोलकाता में हुआ। नरगिस फिल्मों के साथ अपनी निजी जिंदगी को लेकर सुर्खियों में रही हैं। उनके जन्मदिन पर बताते हैं उनकी जिंदगी से जुड़ी कुछ खास बातें।  

राज कपूर के साथ रिलेशनशिप
राज कपूर के साथ उन्होंने यादगार फिल्में दी हैं दोनों लंब समय तक रिलेशनशिप में रहे हैं। हालांकि उनका यह रिश्ता अंजाम तक नहीं पहुंचा और नरगिस ने राज कपूर से दूरी बना ली। बाद में नरगिस ने सुनील दत्त संग शादी कर फिल्म इंडस्ट्री को अलविदा कह दिया।

आत्महत्या के आने लगे थे ख्याल
किश्वर देसाई की किताब ‘द ट्रू लव स्टोरी ऑफ नरगिस एंड सुनील दत्त’ के मुताबिक 1957 में नरगिस की जिंदगी में सुनील दत्त आए। ये वक्त ऐसा था जब नरगिस अंदर से काफी टूट गई थीं और उनके मन में आत्महत्या तक के ख्याल आने लगे थे। राज कपूर से रिश्ता टूटने के बाद नरगिस के लिए यह किसी सदमे से कम नहीं था। 

सुनील दत्त बने सहारा
किश्वर ने अपनी किताब में नरगिस की निजी डायरी के हवाले से लिखा कि नरगिस की जिंदगी में अगर सुनील दत्त नहीं आए होते तो वो खुद को खत्म कर चुकी होतीं। डायरी में लिखा था- ‘केवल मैं ही जानती हूं कि मैं किस उथल पुथल से गुजर रही हूं। “मैं चाहती हूं कि तुम जीवित रहो।“ उसने कहा और मुझे लगा कि मुझे जीना है। फिर से शुरू करो।‘ 

मुश्किल वक्त में खड़े रहे
सुनील और नरगिस की लव स्टोरी के बारे में सभी जानते हैं कि किस तरह ‘मदर इंडिया’ के सेट पर सुनील ने नरगिस को आग से बचाया था। इस घटना के बाद दोनों और करीब आ गए। किश्वर लिखते हैं कि ‘वह बेड के पास बैठी थी और उन्हें यह एहसास हुआ कि किस तरह उसने हिम्मत दिखाई और आग से बाहर निकाला। एक लंबा वक्त बीत गया था जब किसी ने उनके लिए कोई बलिदान किया था। वह उन लोगों में थी जो हमेशा दूसरों के लिए करती थीं चाहे वह अपने परिवार के लिए हो या राज के लिए।‘ 

परिवार ने भी किया इस्तेमाल
नौ साल के लंबे रिलेशनशिप के बाद नरगिस को यह महसूस हो गया था कि राज कभी भी उनके लिए अपने परिवार को नहीं छोड़ेंगे। जबकि उनके अपने परिवार ने उन्हें केवल “पैसा बनाने की मशीन” की तरह सोचा। सुनील पहले व्यक्ति थे जिन्होंने उनसे एक “सामान्य इंसान” की तरह व्यवहार किया।

उनकी डायरी के हवाले से किताब में लिखा गया था कि ‘उसके कंधे हमेशा मेरे रोने के लिए सहारा देने के लिए हैं। मुझे पता है कि उसके कपड़े हमेशा मेरे आंसुओं को सोख लेंगे और उन्हें बाहर नहीं आने देंगे जिससे लोग मेरा मजाक उड़ाएं।‘ 

किश्वर के मुताबिक, 'राज उनकी जिंदगी में तब आए जब वह 19 साल की थीं और दोनों एक रिलेशनशिप में रहने के लिए तैयार थे। अगर वहां राज नहीं होते तो कोई और होता। वह बस उनके पहले ब्वॉयफ्रेंड बन गए।' 

खुद के बारे में बुरा महसूस होता था
किताब के मुताबिक, उन्होंने (नरगिस) सुनील दत्त के सामने राज के साथ अपने रिलेशन की बात कबूल की थी। उन्होंने कहा, ‘राज ने मुझे अपने लिए भी बुरा महसूस कराना शुरू कर दिया था।‘ सुनील से मिलने से पहले उनके पास जीने की कोई वजह नहीं थी। 

‘मदर इंडिया’ ने नरगिस को बड़ा स्टार बना दिया था। फिल्म के लिए उन्हें 50 हजार रुपये मिले थे जबकि सुनील दत्त को 10 से 12 हजार रुपये दिए गए थे। 

राज कपूर के साथ ही करती थीं फिल्में
इसमें कोई दो राय नहीं कि राज कपूर भी एक वक्त पर नरगिस से बहुत प्यार करते थे लेकिन सुनील ने उन्हें वो सम्मान दिया जिसकी वो हकदार थीं। राज के साथ रिलेशन में रहते हुए नरगिस ने आरके फिल्म्स बैनर के अलावा किसी दूसरे के साथ काम करने से मना कर दिया था। किश्वर लिखते हैं कि ‘सुनील एक शर्मीले और जेंटलमैन स्टाइल के व्यक्ति थे जबकि राज कपूर उनसे फ्लर्ट करते रहते थे।‘ बता दें कि 1981 में कैंसर की वजह से नरगिस की मृत्यु हो गई। उस वक्त उनकी उम्र 51 साल थी।
 

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