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जयंती: जादुई गीतकार आनंद बख्शी के इन गानों को सुनकर मिलता है दिल को सुकून

अपने सदाबहार गीतों से श्रोताओं को दीवाना बनाने वाले बालीवुड के मशहूर गीतकार आनंद बख्शी ने लगभग चार दशक तक श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया लेकिन कम लोगो को पता होगा कि वह गीतकार नहीं बल्कि प्लेबैक सिंगर बनना चाहते थे। अपने इसी सपने को पूरा करने के लिए वो 14 साल की उम्र में घर से भागकर मुंबई आ गए थे जहां उन्होंने रॉयल इडियन नेवी मे कैडेट के तौर पर दो वर्ष तक काम किया। किसी विवाद के कारण उन्हें वह नौकरी छोडनी पड़ी। इसके बाद 1947 से 1956 तक उन्होंने भारतीय सेना में भी नौकरी की।

आनंद बख्शी का नाम उन गीतकारों में शुमार हैं जिन्होंने साल दर साल एक से बढ़कर एक गीत फिल्म इंडस्ट्री को दिए हैं। 1958 में आनंद बख्शी को पहला ब्रेक मिला। भगवान दादा की फिल्म 'भला आदमी' के लिए उन्होंने चार गीत लिखे। फिल्म तो नहीं चली, लेकिन गीतकार के रूप में उनकी पहचान बन गई। 

30 मार्च 2002 को 72 साल की उम्र में आनंद बख्शी ने इस दुनियां को अलविदा कह दिया था।

आनंद बख्‍शी के लिखे बेहतरीन गाने...

1. कोरा कागज था ये मन मेरा

 

2.  कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना

 

3. गुनगुना रहे हैं भवरे

4. ऐ वतन तेरे लिए

5. हमने सनम को खत लिखा

6. अच्छा तो हम चलते हैं

7. शीशा हो या दिल हो

8. मेरे दुश्मन तू मेरी दोस्ती को तरसे

9. हम तुम्हें इतना प्यार करेंगे

10. परदेस जाकर परदेसिया भूल ना जाना पिया

 

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  • Web Title:listen anand bakshi Evergreen Songs on his birth aniversary