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हिंदी न्यूज़ मनोरंजनB'DAY SPL: कभी एक स्टेज पर गाने के लिए सिर्फ इतने रुपये चार्ज करती थीं लता मंगेशकर,एक दिन में खाती थीं 12 मिर्चे

B'DAY SPL: कभी एक स्टेज पर गाने के लिए सिर्फ इतने रुपये चार्ज करती थीं लता मंगेशकर,एक दिन में खाती थीं 12 मिर्चे

लाइव हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीSushmeeta
Sat, 28 Sep 2019 07:04 AM
B'DAY SPL: कभी एक स्टेज पर गाने के लिए सिर्फ इतने रुपये चार्ज करती थीं लता मंगेशकर,एक दिन में खाती थीं 12 मिर्चे

भारतीय सिनेमा जगत में लता मंगेश्कर ने अपनी मधुर आवाज से लोगों को अपना दीवाना बनाया हुआ है। लेकिन उनके बारे में कुछ ऐसे दिलचस्प फैक्ट्स हैं जिनसे आप आज तक अंजान हैं। आज लता मंगेशकर अपना 89वां बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में जन्मी लता एक मध्यम वर्गीय मराठी परिवार से हैं। उन्होंने साल 1942 में 'किटी हसाल' के लिए अपना पहला गाना गाया लेकिन उनके पिता दीनानाथ मंगेश्कर को लता का फिल्मों के लिए गाना पसंद नहीं आया और उन्होंने उस फिल्म से लता के गाए गीत को हटवा दिया था। हालांकि इसी साल लता को 'पहली मंगलगौर' में अभिनय करने का मौका मिला। लता की पहली कमाई 25 रुपए थी जो उन्हें एक कार्यक्रम में स्टेज पर गाने के दौरान मिली थी।

एक दिन में 12 मिर्चे तक खा लेती हैं लता
बहुत कम लोगों को यह पता होगा कि लता का असली नाम हेमा हरिदकर है। बचपन के दिनों से उन्हें रेडियो सुनने का बड़ा ही शौक था। 18 साल की उम्र में उन्होंने अपना पहला रेडियो खरीदा था और रेडियो ऑन करते ही उन्हें के.एल.सहगल की मृत्यु की खबर मिली थी। जिसके बाद उन्होंने वह रेडियो दुकानदार को वापस लौटा दिया। लता को अपने बचपन के दिनों में साईकिल चलाने का काफी शौक था जो पूरा नहीं हो सका। बता दें कि उन्होंने अपनी पहली कार 8000 रुपये में खरीदी थी। स्पाइसी खाने की शौकीन लता एक दिन में तकरीबन 12 मिर्चे तक खा लेती हैं। उनका मानना है कि मिर्च खाने से गले की मिठास बढ़ती है। लता को किक्रेट देखने का भी काफी शौक रहा है। लार्डस में उनकी एक सीट हमेशा रिजर्व रहती हैं।

सिर्फ एक दिन के लिए गईं स्कूल
बहुत कम लोगो को पता होगा कि लता महज एक दिन के लिये स्कूल गयी थीं। इसकी वजह यह रही कि जब वह पहले दिन अपनी छोटी बहन आशा भोंसले को स्कूल लेकर गयी तो टीचर ने आशा को यह कहकर स्कूल से निकाल दिया कि उन्हें भी स्कूल की फीस देनी होगी। बाद में लता ने निश्चय किया कि वह कभी स्कूल नहीं जाएंगी। इसके बाद उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा घर में ही रहकर अपने नौकर से प्राप्त की। हालांकि बाद में उन्हें न्यूयार्क यूनिवर्सिटी सहित छह विश्वविधालयों से मानक उपाधि से नवाजा गया। 

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