DA Image
14 अगस्त, 2020|4:07|IST

अगली स्टोरी

साबुन और कंघी बेचते-बेचते फिल्मों में आ गए थे जगदीप, पहली मूवी के लिए मिले थे सिर्फ 6 रुपये

फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गज एक्टर जगदीप दुनिया को अलविदा कहकर चले गए। उनका बीते 8 जुलाई को निधन हो गया। जगदीप के निधन से पूरा बॉलीवुड गम में डूबा हुआ है। जगदीप ने पांच दशक से अधिक समय तक दर्शकों का मनोरंजन किया है। वह जब भी स्क्रीन पर आते थे तो दर्शकों के चेहरे पर मुस्कान आ जाती थी। जगदीप को पहली फिल्म के लिए मात्र 6 रुपये मिले थे। इसके पीछे एक दिलचस्प किस्सा है। आइये जानते हैं इसके बारे में... 

मध्यप्रदेश के दतिया में जन्मे जगदीप उर्फ सैयद इश्तियाक अहमद जाफरी ने बचपन के दिनों में गरीबी काफी करीब से देखी थी। जगदीप महज सात-आठ साल के थे तभी पिता का निधन हो गया। भारत-पाक बंटवारे के बाद जगदीप अपनी मां के साथ ग्वालियर से मुंबई आ गए। कहा जाता है कि जगदीप की मां यतीम खाने में खाना बनाने का काम करती थीं, जिससे वह अपने बच्चे को पढ़ा-लिखा सके और उसे पाल सके। एक दिन जगदीप ने निश्चय किया कि घर की परिवार की मदद के लिए उन्हें कुछ काम करना चाहिए। हालांकि, मां ने जगदीप को काम करने से मना किया, लेकिन वह नहीं माने। जगदीप पढ़ाई छोड़कर पतंग बनाने लगे, साबुन और कंघी बेचने का काम करने लगे।

पूजा भट्ट ने शेयर किया कंगना रनौत का वीडियो, पूछा- क्या यह भी झूठ है? एक्ट्रेस ने दिया जवाब

जगदीप जहां सड़क पर काम किया करते थे।  वहां एक आदमी आया और वह वैसे बच्चों को ढूंढ रहा था जो फिल्म में काम कर सके। उस शख्स ने जगदीप से फिल्मों में काम के बारे में पूछा कि क्या तुम काम करोगे? जगदीप ने उस शख्स से पूछा कि ये फिल्में क्या होती हैं। जगदीप ने उस समय तक फिल्में नहीं देखी थीं। जगदीप ने उस शख्स से पैसे की बात की उन्हें इस काम के लिए कितने मिलेंगे। जिसपर जवाब आया तीन रुपये।

सुपुर्द-ए-खाक हुए बॉलीवुड एक्टर जगदीप, जावेद जाफरी-नावेद जाफरी ने नम आंखों से दी पिता को अंतिम विदाई

जगदीप को महसूस हुआ कि जैसे उनकी लॉटरी लग गई है। जगदीप तुरंत तैयार हो गए। अगले दिन जगदीप की मां उन्हें लेकर स्टूडियो पहुंच गईं, जहां बच्चों का ही सीन चल रहा था। हालांकि, उस वक्त जगदीप को केवल चुपचाप बैठने वाला रोल मिला था, लेकिन तभी उदूर् में एक ऐसा डायलॉग आया, जिसे कोई बच्चा बोल नहीं पा रहा था। जगदीप ने किसी बच्चे से पूछा कि यदि यह डायलॉग मैंने बोल दिया तो क्या होगा, जवाब आया, पैसे ज्यादा मिलेंगे 6 रुपये। जगदीप ने सामने जाकर यह डायलॉग बड़ी ही खूबसूरती से बोल दिया और फिर यहीं से शुरू हुआ उनकी चाइल्ड आर्टिस्ट का सफर। यह फिल्म थी साल 1951 में प्रदर्शित बीआर चोपड़ा की 'अफसाना'। इसके बाद जगदीप ने सफलता की बुलंदियों को छुआ और एक से बढ़कर एक फिल्मों में अपने लाजवाब कॉमिक अभिनय से दर्शकों को दिल जीता।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:jagdeep started his career as a child actor got 6 rupees for his first film