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बिलकिस बानो को वंडर वुमेन बता ट्रोल हुईं एक्ट्रेस Gal Gadot, अब डिलीट की पोस्ट

हॉलीवुड एक्ट्रेस  Gal Gadot ने शाहीन बाग में सीएए विरोधी आंदोलन में प्रदर्शन करने वाली बिलकिस बानो को पर्सनल वंडर वुमेन बताया था, लेकिन अब उस पोस्ट को डिलीट कर दिया है। शाहीन बाग वाली दादी...

बिलकिस बानो को वंडर वुमेन बता ट्रोल हुईं एक्ट्रेस Gal Gadot, अब डिलीट की पोस्ट
Surya Prakashहिन्दुस्तान ,नई दिल्लीThu, 31 Dec 2020 04:29 PM
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हॉलीवुड एक्ट्रेस  Gal Gadot ने शाहीन बाग में सीएए विरोधी आंदोलन में प्रदर्शन करने वाली बिलकिस बानो को पर्सनल वंडर वुमेन बताया था, लेकिन अब उस पोस्ट को डिलीट कर दिया है। शाहीन बाग वाली दादी के नाम से चर्चित हुई बिलकिस बानो को यह सम्मान देने के लिए इजरायली मूल की एक्ट्रेस को ट्रोल किया जा रहा था। माना जा रहा है कि इसी के चलते उन्होंने अपनी पोस्ट को डिलीट कर दिया है। दरअसल एक्ट्रेस ने साल 2020 में समाज के लिए योगदान देने वाली महिलाओं को 'वंडर वीमन' का खिताब देते हुए पोस्ट शेयर की थी। इसमें न्यूजीलैंड की पीएम जेसिंडा अर्डर्न भी शामिल थीं। 

इजरायली मूल की एक्ट्रेस ने अब अपनी उस इंस्टाग्राम स्टोरी को डिलीट कर दिया है। उन्होंने अपनी इंस्टा स्टोरी में बिल्किस बानों के लिए लिखा था, 'भारत में महिलाओं की समानता के लिए लड़ने वालीं 82 वर्षीय एक्टिविस्ट।' इस तरह से  Gal Gadot ने बिल्किस बानो को लेकर गलत जानकारी दी थी। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का एक चेहरा बनीं बिलकिस बानो को महिलाओं की समानता के लिए संघर्ष करने का क्रेडिट दिए जाने पर उन्हें ट्रोल किया जा रहा था। इस साल की शुरुआत में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन करने वालीं बिल्किस बानो हाल ही में एक बार फिर से चर्चा में आई थीं।

दिल्ली के सिंघू बॉर्डर पर किसानों के आंदोलन में भी वह पहुंची थीं। टाइम मैगजीन ने उन्हें 2020 के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों में शुमार किया था, जिसे लेकर भारत में काफी चर्चा हुई थी। बता दें कि हाल ही में आई फिल्म  Wonder Woman 1984 में  Gal Gadot ने एक्टिंग की थी। यह फिल्म 24 दिसंबर को ही भारत में रिलीज हुई है। 

पत्रकार राणा अय्यूब ने अपने एक आर्टिकल में बिलकिस बानो की सराहना करते हुए उन्हें भारत में पीड़ित लोगों की आवाज करार दिया था। रिपोर्ट में बिलकिस बानो के बयान का उल्लेख किया गया था, जिसमें उन्होंने कहा था, 'मैं यहां तब तक बैठूंगी, जब तक मेरी नसों में खून रहेगा। अपने देश के बच्चों के लिए मैं इस प्रदर्शन का हिस्सा हूं ताकि वे न्याय और समानता के माहौल में सांस ले सकें।'

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