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अच्छी कहानी के बिना फिल्म सफल नहीं हो सकती: एकता कपूर

टीवी, फिल्म और अब वेब सिरीज में महारत हासिल कर चुकीं एकता कपूर का कहना है कि लोग भले ही उनके शो और फिल्मों का मजाक बनाएं, पर यह उनके लिए कमाई का जरिया है। वह इसके लिए कुछ भी करने को तैयार रहती हैं। पेश हैं उनसे हुई बातचीत के कुछ अंश:

 'आप फिल्म इंडस्ट्री में सालों से हैं। पुराने दिनों को याद करती हैं तो कैसा लगता है?

मुझे हंसी आती है। पहले मुझे इंडस्ट्री में लोग सास-बहू और ड्रामा क्वीन की नजर से देखते थे। इसलिए जब भी मैं अपनी फिल्म को लेकर किसी हीरो या हीरोइन के पास जाती थी, तो वे बहाने बना कर कन्नी काट लेते थे। उन्हें लगता था कि मैं फिल्म में भी ‘किचन पॉलिटिक्स' डाल दूंगी। लोग मुझे गंभीरता से नहीं लेते थे। लेकिन फिर समय बदला और मेरी फिल्मों ने शोहरत पानी शुरू की। बस, वहीं से मेरे लिए लोगों की सोच बदली और मुझे कलाकार चुनने में आसानी होने लगी। .

'कहा जाता है कि आप एक-एक पैसे का हिसाब रखती हैं और फिजूलखर्ची के सख्त खिलाफ हैं। ऐसा क्यों?

मैंने बहुत मेहनत करके पैसा कमाया है, मेरे लिए एक-एक रुपया कीमती है। मुझे याद है कि कंपनी शुरू होने के कई सालों तक मैं 4 हजार रुपए बचाने के लिए ‘इकोनॉमी क्लास' में यात्रा करती थी। मैं तब एक एपिसोड सिर्फ 40 हजार में शूट करती थी। मैं आज सेट पर खर्च करने की बजाय अपने लेखकों और उनकी टीम पर खर्च करना पसंद करती हूं। मुझे लगता है कि अगर लेखक अच्छी कहानी नहीं लिखेंगे, तो करोड़ों के बने भव्य सेट शो को सफल नहीं बना सकते। इसलिए मैं अपने लेखकों को खुश रखती हूं। मैं उन्हें पूरी ताकत देती हूं और इसी का फल है कि वह अच्छा काम करते हैं। एक निर्माता होने के नाते मुझे पता है कि अगर मेरा एक शो या फिल्म फ्लॉप हो जाती हैं, तो उसकी भरपाई मुझे दो सफल शो बनाकर करनी होती है।

'आप फिल्मों के अलावा टीवी पर एक दर्जन से ज्यादा शो पर काम कर रही हैं। कैसे काम को समय दे पाती हैं?

मां बनने के बाद समय देना मुश्किल हो गया है, फिर भी मैं कोशिश करती हूं कि सुबह जल्दी उठूं, ताकि रवि के साथ कुछ समय बिता सकूं। पहले मैं कभी-कभी 24 घंटे भी काम करती थी और एक दिन में करीब 15 से 20 मीटिंग करती थी, पर अब मैंने हर काम के लिए दिन बांटे हुए हैं, जिसके कारण मैं टीवी हो या फिर वेब शो हर किसी पर काम कर पाती हूं। मैं स्क्रिप्ट और एडिटिंग पर काम करती हूं। मैं एक दिन में 8 स्क्रिप्ट पढ़ती हूं और मेरा काम होता है उनके कमजोर हिस्से को मजबूत बनाना। बाकी काम मेरी टीम कर देती है। आजकल मैं अपनी टीम के साथ 'कवच 2' व 'बेपनाह' पर काम कर रही हूं। 

'आप एक कामकाजी मां है। मां बनने के बाद आप किस तरह की चुनौतियां महसूस करती हैं?

मैंने सात साल के इंतजार के बाद मां बनने की खुशी पायी है, इसलिए मेरे लिए मां बनना किसी वरदान से कम नहीं था। हालांकि मां बनने के बाद एक चीज जो अपने आप आपके अंदर आती है, वह है अफसोस। मुझे काम पर जाते समय अपने बेटे के साथ न रह पाने का अफसोस होता है। घर पर होती हूं तो काम न करने का अफसोस होता है। मतलब आप कुछ भी करें, मन में अफसोस बना ही रहता है। वहीं एक कामकाजी मां होने के नाते, चीजों को संभालना पड़ता है। मैं खुशकिस्मत हूं कि मेरी मां मेरी मदद करती हैं, इसलिए मैं पूरा काम कर पाती हूं।

'इन दिनों आपका स्ट्रीमिंग एप अपने बोल्ड दृश्यों को लेकर विवादों में है। सुनने में आ रहा है कि डिजिटल कन्टेंट पर लगाम लगाने के लिए नियंत्रक संस्था बनाने पर चर्चा हो रही है। आप इस बारे में क्या कहेंगी?

मुझे लगता है कि डिजिटल में आपको खुली सोच का होना पड़ेगा। वैसे भी जिसको जितना छुपाया जाता है, वह उतना ही सामने आता है। और जिस शो की आप बात कर रही हैं, वह अभी मेरे एप का नंबर वन शो है। उसे अभी तक सबसे ज्यादा लोगों ने देखा है। यह मेरा कारोबार है। अगर ऐसे शो से मेरा बिजनेस बढ़ रहा है तो मुझे कोई परेशानी नहीं है। अगर वह इतना ही गलत होता तो लोग देख क्यों रहे हैं। मैं किसी भी शो का कन्टेंट हवा में 'ओके' नहीं करती।

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  • Web Title:ekta kapoor says without having good story a film cannot made