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मनोरंजन'रहना है तेरे दिल में' के दौरान दिया मिर्जा को करना पड़ा था सेक्सिज्म का सामना, बोलीं- लोग सेक्सिस्ट सिनेमा बना रहे थे और मैं

लाइव हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीPublished By: Radha Sharma
Wed, 12 May 2021 06:27 AM
'रहना है तेरे दिल में' के दौरान दिया मिर्जा को करना पड़ा था सेक्सिज्म का सामना, बोलीं- लोग सेक्सिस्ट सिनेमा बना रहे थे और मैं

बॉलीवुड एक्ट्रेस दीया मिर्जा ने 2001 में आई फिल्म  'रहना है तेरे दिल में' से बॉलीवुड डेब्यू की थीं। करियर के शुरुआती दिनों में दीया की लाइफ में कई उतार-चढ़ाव आए। जिसके बारें में बात करते हुए दीया मिर्जा ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के अंदर सेक्सिज्म को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है।

एक्ट्रेस ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा है कि उनकी पहली फिल्म के दौरान उन्हें सेक्सिज्म का सामना करना पड़ा था। दीया मिर्जा के अनुसार, फिल्म इंडस्ट्री में सेक्सिज्म को पुरुषों की तरफ से ही बढ़ावा मिलता है।

सेक्सिस्ट सिनेमा की हिस्सा बनीं

ब्रूट इंडिया को दिए इंटरव्यू के दौरान दीया मिर्जा ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि लोग सेक्सिस्ट सिनेमा लिख रहे थे,जिसके बारें में बातें कर रहे थे और मैं भी उन कहानियों का एक हिस्सा थी। वह आगे कहती है कि मेरी पहली फिल्म 'रहना है तेरे दिल में' में भी सेक्सिज्म था। मैं ऐसे लोगों के साथ ही एक्टिंग कर रही थी। जो किसी पागलपन से कम नहीं था।

दीया अपनी बात को समझाने के लिए एक उदाहरण देते हुए कहती हैं कि एक मेकअप आर्टिस्ट केवल एक पुरुष ही हो सकता है, महिला नहीं। एक हेयर ड्रेसर महिला ही होगी।

 

फिल्म इंडस्ट्री में सबसे ज्यादा सेक्सिज्म 

दीया मिर्जा ने आगे बताया कि जब उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा तब उनकी फिल्म में यूनिट में  120 से ज्यादा क्रू मेंबर की यूनिट हुआ करता था, लेकिन उस यूनिट में केवल 4 या 5 महिलाएं होतीं थी।

दीया मिर्जा के अनुसार,  हम एक पुरुष प्रधान देश में रहते हैं जहां पितृसत्तात्मक समाज कायम है और जो फिल्म इंडस्ट्री है, जिसका नेतृत्व काफी हद तक पुरुषों के हाथ में है। तो जगजाहिर है कि इस  इंडस्ट्री में सबसे ज्यादा सेक्सिज्म है। 

फिल्म इंडस्ट्री भी सेक्सिज्म को लेकर जागरूक ही नहीं

दीया आगे कहती हैं कि मुझे लगता है कि फिल्म इंडस्ट्री का एक बड़ा हिस्सा भी सेक्सिज्म को लेकर जागरूक ही नहीं है, क्योंकि यहां बहुत सारे ऐसे पुरूष हैं, जो लेखक, निर्देशक , एक्टर हैं जो सेक्सिज्म से भरी सोच वाले हैं, लेकिन उन्हे इसका अंदाजा ही नहीं है।

धीरे-धीरे हो रहा है सुधार

इस बातचीत में दीया मिर्जा ने आगे कहा कि अब धीरे-धीरे इस बॉलीवुड में भी सेक्सिज्म को लेकर सुधार हुआ है। वह कहती हैं कि मुझे यकीन है कि चीजों में अब सुधार हुआ है, क्योंकि कई लोग इसके फेवर में और आवाज भी उठाए और पितृसत्ता क्या है और सेक्सिज्म क्या है? इस बारे में लोगों की बेहतर समझ डेवेलप हुई है। 

 

दीया का प्रोफेशनल वर्क

अगर बात करें अगर दीया के प्रोफेशनल वर्क की तो दीया मिर्जा को आखिरी बार अनुभव सिन्हा की फिल्म ‘थप्पड़’ में देखा गया था। इस फिल्म में उनके अलावा तापसी पन्नू पवेल गुलाटी और अन्य स्टार्स भी नजर आये थे। इससे पहले दीया फिल्म ‘संजू’ में शानदार अभिनय कर चुकी है। इस फिल्म में उन्होंने मान्यता दत्त का किरदार निभाया था।

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