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CAA Protest: छात्रों के खिलाफ हिंसा पर भड़के बॉलीवुड एक्टर मनोज बाजपेयी, जानें क्या कहा

लाइव हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीPublished By: Rakesh
Mon, 16 Dec 2019 11:18 PM
CAA Protest: छात्रों के खिलाफ हिंसा पर भड़के बॉलीवुड एक्टर मनोज बाजपेयी, जानें क्या कहा

दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया में पुलिस की कार्रवाई और नागरिकता संशोधन कानून को लेकर नाराजगी सोमवार को देश के कई परिसरों में सामने आई जहां विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन नेता और सामाजिक कार्यकर्ता भी करते नजर आए।  उधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन प्रदर्शनों को बहुत निराशाजनक करार देते हुए लोगों से शांति की अपील की। बॉलीवुड अभिनेता मनोज वाजपेयी ने भी छात्रों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।

उन्होंने ट्वीट किया, "ऐसा वक्त हो सकता है जब हम अन्याय को रोकने के लिए शक्तिहीन होते हैं, लेकिन किसी भी समय ऐसा नहीं होना चाहिए जब हम विरोध करने में विफल हों। विरोध करने के लिए छात्रों और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ हूं! मैं प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ हिंसा की निंदा करता हूं!!!"

राष्ट्रीय राजधानी की न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में कल हुई हिंसा के बाद सोमवार (16 दिसंबर) सुबह पुलिस कार्रवाई को लेकर गुस्सा और सीएए के विरोध में प्रदर्शन दिल्ली, केरल, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और तेलंगाना, उत्तर प्रदेश समेत देश के विभिन्न हिस्सों में पहुंच गया। जामिया विश्वविद्यालय के पुस्तकालय में आंसू गैस के इस्तेमाल और विश्वविद्यालय अधिकारियों की अनुमति के बिना परिसर में पुलिस के प्रवेश की जांच की मांग करते हुए हजारों छात्र सड़कों पर आ गए। इसके साथ ही कई नेता भी मैदान में उतर गए।

कांग्रेस के अलावा चार अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं ने रविवार (15 दिसंबर) को जामिया परिसर की घटना के मामले में उच्चतम न्यायालय के एक न्यायाधीश से जांच की मांग करते हुए संयुक्त संवाददाता सम्मेलन किया। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा, ''कानून लाकर देश में हिंसा फैलाने के लिए केवल केंद्र सरकार जिम्मेदार है। इस कानून का पूरे देश में विरोध हो रहा है और सारे विपक्षी राजनीतिक दल इसके खिलाफ हैं। अगर सरकार कानून नहीं लाई होती तो कोई हिंसा नहीं होती।"

इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कानून को लेकर हो रहे हिंसक प्रदर्शन दुर्भाग्यपूर्ण और बेहद निराशाजनक हैं।

उन्होंने अपने ट्वीट में कहा, ''संशोधित नागरिकता कानून स्वीकार्यता, सौहार्द, करुणा और भाईचारे की भारत की सदियों पुरानी संस्कृति की व्याख्या करता है। हम निहित स्वार्थी समूहों को हमें बांटने और गड़बड़ी पैदा करने की इजाजत नहीं दे सकते।"

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से हिंसा रोकने तथा जान-माल को किसी तरह का नुकसान होने से रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने को कहा।

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