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20 सितम्बर, 2020|6:31|IST

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Angrezi Medium Movie Review : इमोशन-कॉमेडी से भरपूर है इरफान खान-राधिका मदन और करीना कपूर की फिल्म अंग्रेजी मीडियम

फिल्म : अंग्रेजी मीडियम

कास्ट: इरफान खान, राधिका मदन, करीना कपूर ,दीपक डोबरियाल, डिंपल कपाड़िया, रणवीर शोरे ,पंकज त्रिपाठी

निर्देशक: होमी अदजानिया 

स्टार: 2.5

लंबे अंतराल के बाद इरफान ने बड़े पर्दे पर वापसी की है। फिल्म अंग्रेजी मीडियम के जरिए। यह उनकी हिट फिल्म हिंदी मीडियम की अगली किस्त है। अंग्रेजी मीडियम सीक्वल नहीं है, क्योंकि इसकी कहानी वहां से शुरू नहीं होती, जहां हिंदी मीडियम की खत्म हुई थी। दोनों फिल्मों में इरफान और दीपक डोबरियाल हैं, लेकिन उनके किरदार की पृष्ठभूमि अलग है। अब वे दिल्ली से उदयपुर पहुंच गए हैं। हालांकि दोनों फिल्मों का केंद्रीय विषय शिक्षा ही है, लेकिन कहानी और किरदार बदल गए हैं। 

कहानी

चंपक बंसल (इरफान) उदयपुर में अपनी बेटी तारिका (राधिका मदान) उर्फ तरू के साथ रहता है। उसकी मिठाइयों की खानदानी दुकान है। गोपी (दीपक डोबरियाल) उसका कजिन है। चंपक और गोपी में खूब लड़ाइयां होती है, लेकिन वे एक दूसरे के बिना रह भी नहीं पाते। इनका ए क दोस्त है गज्जू (कीकू शारदा)। तीनों की केमिस्ट्री बहुत मजेदार है। तरु लंदन जाकर पढ़ाई करना चाहती है। उसे स्कूल की तरफ से लंदन की ट्रूफोर्ड यूनिवर्सिटी में जाकर पढ़ने का चांस मिलता है, लेकिन चंपक की एक बेवकूफी से वह चांस हाथ से चला जाता है। तरु को लगता है कि चंपक ने ऐसा जान - बूझकर किया है, क्योंकि वह नहीं चाहता कि तरु उससे दूर जाए। चंपक उससे वादा करता है कि वह उसे किसी कीमत पर पढ़ने के लिए लंदन भेजेगा। लेकिन उसके लिए बहुत पैसों की जरूरत पड़ती है। चंपक अपना सब कुछ दांव पर लगा देता है।
चंपक, गोपी अपने दोस्त बबलू (रणवीर शौरी) के झांसे में आकर तरु के साथ लंदन पहुंच जाते हैं। लेकिन चंपक और गोपी के अंग्रेजी  न जानने की वजह से इमिग्रेशन अधिकारियों को  ऐसी गलतफहमी होती है कि वे दोनों को ब्लैकलिस्ट कर वापस भारत भेज देते हैं। तरु लंदन में अकेली पड़ जाती है। गज्जू के एक कजिन टोनी (पंकज त्रिपाठी) की मदद से दोनों किसी तरह फिर लंदन पहुंच जाते हैं। वहां उनकी मुलाकात पुलिस ऑफिसर नैना (करीना कपूर) और उसकी मां मिसेज कोहली (डिंपल कपाड़िया) से होती है...

निर्देशन

यह फिल्म मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों के विदेश में पढ़ाई करने की आकांक्षा को केंद्र में रख कर बनाई गई है। फिल्म ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि देश में रहकर भी अच्छी शिक्षा हासिल की जा सकती और अच्छा करियर बनाया जा सकता है। विदेश में कई अच्छी बातें हैं, लेकिन भारत भी बुरा नहीं है। निर्देशक युवा पीढ़ी की आधुनिक सोच की वकालत करते हुए भारतीय मूल्यों के महत्व को बताने की कोशिश करते हैं। एक गंभीर संदेश को निर्देशक होमी अदजानिया ने हल्के फुल्के अंदाज में देने की कोशिश की है। कॉमेडी ही इस फिल्म की जान है। निर्देशक ने फिल्म में एक बाप बेटी के रिश्तों को भी भावनात्मक रूप से पेश किया है। फिल्म की पटकथा बहुत कसी हुई नहीं है। फिल्म बार बार पटरी से उतरती है, हालांकि क्लाइमैक्स फिल्म को थोड़ा संभालता है। जिन्होंने हिंदी मीडियम देखी है, उन्हें ये फिल्म थोड़ी कमजोर लगेगी। बतौर निर्देशक होमी अदजानिया औसत से ऊपर नहीं उठ पाए हैं। जाहिर है, इसी वजह से अच्छी कॉमेडी और अच्छे अभिनय के बावजूद फिल्म भी औसत से बेहतर नहीं बन पाई।

एक्टिंग

इरफान बीमारी की वजह से काफी समय बाद दिखे हैं। उनका अभिनय पहले की तरह ही बेहतरीन है। वे हंसाते हैं, भावुक करते हैं और पूरा मनोरंजन करते हैं। राधिका मदान प्रभावित करती हैं। उनका काम बढ़िया है। दीपक डोबरियाल ने कमाल का काम किया है। वे पूरे फॉर्म में हैं। उनकी कॉमिक टाइमिंग शानदार है। करीना कपूर और डिंपल कपाड़िया की भूमिकाएं छोटी हैं। डिंपल छोटे रोल में भी असर छोड़ती हैं। करीना ठीक हैं। कीकू शारदा ने भी बढ़िया काम किया है। बाकी कलाकारों का अभिनय भी ठीक है। अभिनय इस फिल्म का एक सशक्त पहलू है।यह फिल्म एक बार देखने लायक है। मनोरंजन करती है और संदेश भी देती है।

 


 

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  • Web Title:Angrezi Medium Movie Review: Irrfan Khan Deepak Dobriyal Radhika Madan Kareena Kapoor film An emotional story packed with powerful performances