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इस पेशे में कुछ भी आसान नहीं: अमिताभ बच्चन

अमिताभ बच्चन

महानायक अमिताभ बच्चन किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। उन्होंने बॉलीवुड में जारी अपने सफर में हर उम्र के लोगों के साथ काम किया, उनसे सीखा, उन्हें कुछ सिखाया भी। वे आज भी हर फिल्म को एक चुनौती की तरह लेते हैं। पेश है उनसे हुई बातचीत 
फिल्म की सफलता और असफलता 'जनता' तय करती है। हमें उनकी भावनाओं की कद्र करनी चाहिए और उन पैसों के मूल्य को समझना चाहिए, जो वे फिल्म देखने के लिए खर्च करते हैं। 

क्या आज भी आप फिल्म के रिलीज से पहले तनाव महसूस करते हैं?

हां, हरेक फिल्म के रिलीज से कोई-न-कोई उत्सुकता जुड़ी होती ही है। यह सच सिर्फ मेरा नहीं है। यह बात फिल्म से जुड़े हर शख्स के बारे में सही है। आप तब सोचते हैं, 'दर्शकों की क्या प्रतिक्रिया रहेगी और वे मेरी 'परफॉर्मेंस' और फिल्म के बारे में क्या सोचेंगे?'

क्या आप अपनी पिछली फिल्म 'ठग्स ऑफ हिन्दोस्तान' की असफलता से परेशान या फिर चकित हुए थे?

फिल्म की सफलता और असफलता 'जनता' तय करती है। हमें उनकी भावनाओं की कद्र करनी चाहिए और उन पैसों के मूल्य को समझना चाहिए, जो वे फिल्म देखने के लिए खर्च करते हैं। किसी चीज पर उनकी राय का महत्व किसी एक व्यक्ति की तकलीफ या उसके चकित होने के भाव से कहीं बड़ा है।

फिल्म 'बदला' में आपका किरदार आसान नहीं दिखता। इसमें सबसे चुनौतीपूर्ण काम क्या था?

देखिए, हर फिल्म अपने आप में एक चुनौती होती है। इस काम में कुछ भी आसान नहीं है, बल्कि कोई भी काम आसान नहीं होता। मेरे लिए चुनौती होती है निर्देशक की अपेक्षा के हिसाब से सही-सही काम करके दिखाना। 

इस फिल्म में काम करने की कोई खास वजह?

मुझे इसकी कहानी अच्छी लगी और यह बात भी कि इसे सुजॉय घोष निर्देशित कर रहे हैं। और हां, एक अभिनेता के तौर पर मुझे अपना किरदार पसंद था।


आप सुजॉय घोष के साथ पहले भी एक फिल्म (अलादीन) कर चुके हैं। जैसा कि आप पहले भी उनके साथ काम कर चुके हैं, क्या आपको इससे कोई फायदा हुआ?

मैं मानता हूं कि एक कलाकार और निर्देशक के बीच संवाद एक महत्वपूर्ण कड़ी है। इस नजर से देखें तो यह हमेशा फायदेमंद है कि आप पहले भी किसी के साथ किसी योजना पर एक साथ काम कर चुके हैं। 

चाहे वह निर्देशक हो, एक्टर या कोई दूसरा कलाकार, लगभग हर कोई आपसे प्रेरित होता है। क्या इससे आप खुद में बड़ा महसूस करते हैं या इससे कई बार खुद में दबाव महसूस करते हैं?

यह अब तक की सबसे गलत टिप्पणी हो सकती है। बल्कि मैं हर किसी से कुछ-न-कुछ सीखने की कोशिश करता हूं। अब तक मुझे जिन निर्देशकों, अभिनेताओं, कलाकारों के साथ काम करने का मौका मिला है, मैंने उनकी प्रतिभा, रचनात्मकता से जुड़ने की कोशिश की है।

अभी आपकी दो और दिलचस्प फिल्मों 'झुंड' व 'ब्रह्मास्त्र' की रिलीज बाकी है। क्या आपको लगता है कि एक अभिनेता के तौर पर यह आपका बढ़िया दौर है।

साल 1969 से फिल्मों में अभिनेता के तौर पर काम करना शानदार अनुभव रहा है।

 

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  • Web Title:amitabh bachchan talks about hos professional life