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हिंदी न्यूज़ मनोरंजन83 फिल्म: खिलाड़ियों को इनाम देने तक के लिए BCCI के पास नहीं थे पैसे, फिर लता मंगेशकर से मांगी गई मदद

83 फिल्म: खिलाड़ियों को इनाम देने तक के लिए BCCI के पास नहीं थे पैसे, फिर लता मंगेशकर से मांगी गई मदद

रणवीर सिंह स्टारर फिल्म 83 सिनेमाघरों में आज यानी 24 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। मल्टीस्टारर इस फिल्म में रणवीर सिंह, पूर्व क्रिकेटर कपिल देव की भूमिका में है। यह फिल्म 1983 क्रिकेट...

83 फिल्म: खिलाड़ियों को इनाम देने तक के लिए BCCI के पास नहीं थे पैसे, फिर लता मंगेशकर से मांगी गई मदद
Shrilataलाइव हिन्दुस्तान,मुंबईFri, 24 Dec 2021 11:44 AM

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रणवीर सिंह स्टारर फिल्म 83 सिनेमाघरों में आज यानी 24 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। मल्टीस्टारर इस फिल्म में रणवीर सिंह, पूर्व क्रिकेटर कपिल देव की भूमिका में है। यह फिल्म 1983 क्रिकेट विश्व कप पर आधारित है जब भारत ने फाइनल में वेस्टइंडीज को हराकर विश्व कप जीता था। उस वक्त वेस्टइंडीज टॉप की टीम थी और किसी को भी भारत के जीतने पर यकीन नहीं था। तब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के पास इतना पैसा भी नहीं होता था। 83 के वर्ल्ड के बाद ही देश में क्रिकेट दिनों-दिन लोकप्रिय होता चला गया और बीसीसीआई दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड बन गया।

खिलाड़ी इनाम को लेकर पूछ रहे थे सवाल

 

1983 का वर्ल्ड कप जीतने के वक्त बीसीसीआई के अध्यक्ष एनकेपी साल्वे थे। साल्वे ने 2008 में एक कार्यक्रम में खुलासा किया था कि जब विश्वकप जीतकर टीम आई तो पुरस्कार स्वरूप देने के लिए पैसे तक नहीं थे। मीटिंग के बाद सुनील गावस्कर उनसे मिलने के लिए पहुंचे। उनके साथ कपिल देव भी थे। उस वक्त गावस्कर आए और पुरस्कार राशि के बार में पूछा। साल्वे ने बताया कि बोर्ड के पास इतना पैसा नहीं है लेकिन वो कोशिश करेंगे। उन्होंने टीम को 2 लाख रुपये देने की बात कही तो गावस्कर बोले, ‘सर हम टिप नहीं मांग रहे।‘ 

ऐसे आया विचार

 

साल्वे ने खुलासा किया कि ‘आईएस बिंद्रा मेरे पास कमाल का आइडिया लेकर आए कि लता मंगेशकर से दिल्ली में एक म्यूजिकल प्रोग्राम करने का निवेदन करें जिससे पैसे इकट्ठे किए जा सकें। क्योंकि उन दिनों बीसीआई के पास पैसे नहीं थे।‘ 

लता मंगेशकर ने नहीं लिया था पैसा

 

लता मंगेशकर क्रिकेट की बड़ी फैन रही हैं और वह मान गईं। जब उन्हें साल्वे ने पूरी बात बताई तब वह हंसने लगी थीं और उन्होंने पैसे जुटाने में मदद की जिससे टीम के प्रत्येक खिलाड़ी को बीसीसीआई की ओर से 1 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी गई, जो उन दिनों छोटी राशि नहीं थी। कार्यक्रम का आयोजन दिल्ली में किया गया जिससे 20 लाख रुपये जुटाए गए थे लेकिन लता मंगेशकर ने कोई पैसा नहीं लिया था। 
 

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