
जिस फिल्म के लिए राजपाल यादव ने लिया कर्जा, उसकी कमाई हुई सिर्फ इतनी, 11 करोड़ था बजट
राजपाल यादव ने इस फिल्म को बनाने के लिए लिया था कर्जा। इस फिल्म में कई बड़े एक्टर ने काम किया था। लेकिन कमाई के मामले में ये फिल्म डिजास्टर निकली। जानिए एक्टर ने इस फिल्म पर कितना पैसा लगाया था और कितनी हुई कमाई।
राजपाल यादव इस समय मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। चेक बाउंस मामले में एक्टर को जेल की हवा खानी पड़ रही है। लेकिन राजपाल को फिल्मों में देखने और पसंद करने वाले कई लोग इस मामले से अनजान। एक्टर को चेक बाउंस मामले में जेल जाना पड़ा है। लेकिन आखिर ये पूरा मामला क्या है और कैसे शुरू हुआ इस बारे में थोड़ा समझते हैं। राजपाल यादव फिल्मों में एक्टिंग से अपनी अलग पहचान बना चुके थे। उनके फिल्मी किरदार ऑडियंस में मशहूर हो रहे थे। इस बीच एक्टर ने फिल्म बनाने की प्लानिंग और यहीं से ये मामला शुरू हुआ।
इस फिल्म में डूब गए राजपाल यादव के पैसे
दरअसल राजपाल यादव डायरेक्शन और प्रोडक्शन में भी किस्मत अजमाना चाहते थे। उन्होंने साल 2010 में फिल्म ‘अता पता लापता’ बनाने के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी से 5 करोड़ रुपए का कर्जा लिया था। कई दिग्गज एक्टर्स के साथ फिल्म शुरू की गई। इस फिल्म में खुद राजपाल यादव डायरेक्शन और प्रोडक्शन के काम के साथ लीड हीरो भी थे। असरानी, ओमपुरी, शरत सक्सेना, आशुतोष राणा, विजय राज, मनोज जोशी जैसे एक्टर्स शामिल थे। मोहम्मद सलीम ने कहानी लिखी थी और राजपाल यादव की पत्नी राधा यादव के नाम से फिल्म प्रोड्यूस की गई थी। इस फिल्म की कहानी एक लापता घर के केस से जुड़ी थी। 2 नवंबर 2012 को फिल्म थिएटर में रिलीज हुई। फिल्म से उम्मीदें तो बहुत थीं लेकिन जो रिजल्ट आया उसने राजपाल यादव को डुबो दिया।

फिल्म निकली डिजास्टर
बॉक्स ऑफिस इंडिया के मुताबिक फिल्म ‘अता पता लापता’ को 11 करोड़ की मोटी लागत के साथ बनाया गया था और कमाई भारत में सिर्फ 34 लाख (ग्रॉस) हुई। वर्ल्डवाइड फिल्म का कलेक्शन 42 लाख (ग्रॉस) हुआ था। मलतब ये फिल्म बुरी तरह फ्लॉप हुई। इसे डिजास्टर कहा जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक राजपाल ने इस फिल्म पर कर्जा लिए पैसे के अलावा अपनी जमापूंजी भी लगा दी थी। फिल्म डूबने के बाद शुरू हुआ पैसा वापस करने का समय।
कोर्ट पहुंचा मामला
राजपाल यादव 5 करोड़ का कर्जा चुका पाने में स्ट्रगल कर रहे थे। इस दौरान उनके कई चेक बाउंस हुए और साल 2018 मामला मजिस्ट्रेट तक पहुंच गया। अप्रैल 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा यादव को चेक बाउंस केस में दोषी मानते हुए 6 महीने की सजा सुनाई। इसी मामले में सेशन कोर्ट ने साल 2019 में सजा को बरकरार रखा। बाद में राजपाल यादव मामला दिल्ली हाईकोर्ट लेकर पहुंचे।
कोर्ट ने सरेंडर करने का दिया आदेश
जून 2024 में दिल्ली हाईकोर्ट ने सजा पर अस्थाई रूप से रोक लगाकर उन्हें पैसा चुकाने का आदेश दिया। अक्टूबर 2025 में एक्टर ने 75 लाख रुपए का भुगतान किया। लेकिन कोर्ट के मुताबिक ये रकम काफी नहीं है। उन्हें दिसंबर तक 40 लाख रुपए जमा करने का आदेश दिया गया था। लेकिन समय पर पैसे नहीं देने की वजह से कोर्ट में सवाल उठे। कोर्ट ने एक्टर पर मामले को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया। कोर्ट ने ये भी कहा कि कानून छोटे और बड़े हर किसी के लिए बराबर है। एक्टर ने इस मामले में फिर से कोर्ट से समय की मांग की। लेकिन उनकी अपील को ठुकरा दिया गया। कोर्ट ने राजपाल को सरेंडर करने के आदेश दिए।
बुरे दौर में हैं राजपाल
कोर्ट के आदेश के बाद 6 फरवरी को राजपाल यादव ने खुद को सरेंडर किया और उन्हें तिहाड़ जेल भेजा गया। उनके सरेंडर करने से पहले उन्होंने एक बयान दिया जो खबरों में बना हुआ है। न्यूज एक्स की रिपोर्ट के मुताबिक राजपाल यादव ने कहा, सर क्या करूं? मेरे पास पैसे नहीं हैं।और कोई उपाय नहीं दिखता। सर यहां हम अकेले हैं। कोई दोस्त नहीं हैं। इस संकट से मुझे खुद ही डील करना पड़ेगा’। अब राजपाल यादव की मदद के लिए कई सेलेब्रिटी आगे आए हैं।

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Usha Shrivasपरिचय और अनुभव: ऊषा श्रीवास भारतीय डिजिटल मीडिया की एक अनुभवी एंटरटेनमेंट जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 9+ सालों का प्रोफेशनल एक्सपीरियंस है। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के लाइव हिन्दुस्तान में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर रही हैं। डिजिटल एंटरटेनमेंट पत्रकारिता, वीडियो कंटेंट और ऑडियंस-ड्रिवन स्टोरीटेलिंग में उनकी गहरी समझ उन्हें इस एरिया में एक मजबूत पहचान दिलाती है। करियर: पत्रकारिता में आने से पहले ऊषा अन्य कई फील्ड के साथ जुड़ी रही हैं। एकाध NGO के साथ काम करने के बाद Visa Facilitation Service (VFS) जैसी अंतरराष्ट्रीय वीजा प्रोवाइडर कंपनी में काम किया। फिर जर्नलिज्म को करियर बनाने के लिए उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय जन संचार संस्थान(IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में प्रोफेशनल ट्रेनिंग ली, जिससे उन्हें न्यूज़ जजमेंट, कंटेंट स्ट्रक्चर और मीडिया एथिक्स की गहरी समझ मिली। अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत उन्होंने APN चैनल से की, जहां कंटेंट राइटिंग और सोशल मीडिया मैनेजमेंट की जिम्मेदारी संभाली। यहां रहते हुए उन्होंने डिजिटल ऑडियंस के लिए ट्रेंड-आधारित स्टोरीज।
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