
'अवॉर्ड्स के लिए फिल्में नहीं बनाता', शाहिद कपूर बोले- अकाउंट में ₹1 लाख से ज्यादा कभी नहीं रहे
- शाहिद कपूर की फिल्म 'कबीर सिंह' को क्रिटिक्स ने चाहे कितना ही बुरा भला क्यों ना कहा हो, लेकिन यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉबस्टर हिट रही थी। इस फिल्म ने कमाई के ना जाने कितने रिकॉर्ड तोड़ दिए और इसी के बाद शाहिद कपूर को फिल्में चुनने के मामले में यह क्लैरिटी मिली कि…
बॉलीवुड एक्टर शाहिद कपूर की फिल्म 'तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया' की कमाई का ग्राफ धीरे-धीरे ऊपर जा रहा है। रिलीज डेट पर फिल्म ने 6 करोड़ 7 लाख रुपये का बिजनेस किया और फिर दूसरे दिन कमाई का आंकड़ा बढ़कर 9 करोड़ 50 लाख पहुंच गया। उम्मीद की जा रही है कि रविवार को और ज्यादा लोग कृति सैनन और शाहिद कपूर की जोड़ी को सिनेमाघरों में देखने पहुंचेंगे। शाहिद कपूर को पिछले कुछ वक्त में एक खास तरह की फिल्मों का चुनाव करते देखा गया है, लेकिन आखिर वो किस आधार पर अपनी फिल्मों का चुनाव करते हैं और इसके पीछे क्या पैरामीटर्स होते हैं?

'अवॉर्ड्स पाने के लिए फिल्में नहीं बनाना चाहता हूं'
शाहिद कपूर की मानें तो उन्होंने 'कबीर सिंह' के बाद काफी हद तक अपनी फिल्मों को जनता की पसंद के आधार पर चुनना शुरू किया है। एक्टर ने क्विंट नियॉन के साथ बातचीच में कहा कि कबीर सिंह के लिए मुझे ढेर सारा प्यार मिला और बेहिसाब क्रिटिसिज्म भी। शाहिद कपूर ने कहा, "कबीर सिंह के बाद मुझे इस बात का अहसास हुआ कि मैं क्रिटिक्स के लिए फिल्में नहीं बनाना चाहता हूं, मैं अवॉर्ड्स पाने के लिए फिल्में नहीं बनाना चाहता हूं, मैं बस लोगों के लिए फिल्में बनाना चाहता हूं।"
'हर क्रिएटिव इंसान को यह क्लैरिटी जरूरी है कि'
शाहिद कपूर ने कहा, "मुझे लगता है कि एक एक्टर या फिर एक क्रिएटिव इंसान को यह क्लैरिटी होना बहुत जरूरी है। शाहिद कपूर ने कहा कि फोकस होना बहुत जरूरी है। वरना आप यह भी, वो भी और सब कुछ करने की कोशिश में अपना बैलेंस खो देते हैं। एक बार आप वो सेंटर पा लेते हैं तो आपको संतुलन मिल जाता है जो आपको सम्मानित करता है। कबीर सिंह ने मेरे लिए यही किया है।"
'कभी नहीं लगा कि कबीर बहुत अच्छा इंसान था'
शाहिद कपूर की फिल्म 'कबीर सिंह' में कबीर सिंह के किरदार की काफी बुराई की गई थी, लेकिन बावजूद इसके यह फिल्म कमाई के मामले में रोज नए कीर्तिमान रचती दिखाई पड़ी। शाहिद कपूर ने इस फिल्म के किरदार के बारे में कहा कि मुझे कभी नहीं लगा कि कबीर बहुत अच्छा इंसान था। उसे सच्चा प्यार मिला लेकिन फिर उसे उससे भी दिक्कतें हो गईं। यही वो चीजें हैं जो उसे देखने लायक बनाती हैं। कबीर सिंह एक खराब किरदार था और यह बात हम शुरू से कहते रहे हैं।
कभी नहीं देखे थे अकाउंट में एक लाख से ज्यादा
शाहिद कपूर ने बातचीत के दौरान कहा कि रॉजर फेडरर से उन्होंने एक बात सीखी कि नंबर वन तक पहुंचना बहुत आसान काम है, मुश्किल काम है उस पोजिशन पर बने रहना। शाहिद कपूर ने कहा कि उन्होंने कभी भी अपने अकाउंट में एक लाख रुपये से ज्यादा नहीं देखे थे। फिर उन्होंने इश्क-विस्क की और इसके बाद लोगों ने उन्हें साइनिंग अमाउंट देना शुरू कर दिया। शाहिद कपूर ने कहा कि यह वो वक्त था जब वह भी हैरान थे और अपनी मां से कहते थे कि मां देखो ये लोग मुझे साइनिंग अमाउंट दे रहे हैं।

लेखक के बारे में
Puneet Parasharलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




