फोटो गैलरी

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ मनोरंजन फिल्म रिव्यूSaas Bahu Achaar Pvt Ltd Review: 'पंचायत' से एक कदम आगे निकला टीवीएफ, परिवार के साथ जरूर देखें 'सास बहू अचार प्राइवेट लिमिटेड'

Saas Bahu Achaar Pvt Ltd Review: 'पंचायत' से एक कदम आगे निकला टीवीएफ, परिवार के साथ जरूर देखें 'सास बहू अचार प्राइवेट लिमिटेड'

अमृता सुभाष के साथ ही यामिनी दास, आनंदेश्वर द्विवेदी, अनूप सोनी, अंजना सुखानी, मनु बिष्ट, निखिल चावला, श्रेयांश कौरव सहित अन्य किरदारों ने भी सीरीज में चार चांद लगाने का काम किया है।

Saas Bahu Achaar Pvt Ltd Review: 'पंचायत' से एक कदम आगे निकला टीवीएफ, परिवार के साथ जरूर देखें 'सास बहू अचार प्राइवेट लिमिटेड'
Avinash Singhहिन्दुस्तान,मुंबईFri, 08 Jul 2022 12:02 AM
ऐप पर पढ़ें

वेब सीरीज: सास बहू अचार प्राइवेट लिमिटेड
ओटीटी: जी5
निर्देशक: अपूर्व सिंह कार्की
प्रमुख कास्ट: अमृता सुभाष, यामिनी दास, आनंदेश्वर द्विवेदी, अनूप सोनी, अंजना सुखानी, मनु बिष्ट, निखिल चावला, श्रेयांश कौरव 

क्या है कहानी: 'सास बहू अचार प्राइवेट लिमिटेड', सुमन (अमृता सुभाष) की कहानी है, जो अब अपने पति दिलीप (अनूप सोनी) के साथ नहीं रहती है। दिलीप ने मनीषा (अंजना सुखानी) के साथ घर बसा लिया है। मनीषा का एक बेटा विवान (श्रेयांश कौरव) है। वहीं दिलीप- सुमन के दो बच्चे जूही- रिशू (मनु बिष्ट- निखिल चावला) हैं। इन पाचों के साथ ही दिलीप की मां (यामिनी दास) भी रहती हैं। सुमन अनपढ़ है, लेकिन अचार बहुत अच्छा बनाती है और इसका बिजनेस शुरू करने की कोशिश करती हैं, ताकि आर्थिक तौर पर सक्षम होने पर वो अपने दोनों बच्चों के साथ रह सके। इस काम में उसकी सास (यामिनी) और शुक्ला जी (आनंदेश्वर द्विवेदी) उसकी मदद करते हैं। अब सुमन का बिजनेस चल पाता है या नहीं, सुमन को अपने दोनों बच्चे मिल पाते हैं या नहीं और कितनी आसान- मुश्किल होती है सुमन की जिंदगी.... ये सब जानने के लिए आपको इस वेब सीरीज को देखना होगा।

कैसी है एक्टिंग और निर्देशन: ये पूरी सीरीज अमृता सुभाष के ईर्द गिर्द घूमती है और राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुकीं अमृता ने एक बार फिर बेहतरीन अदाकारी का नमूना दिया है। जिस अंदाज में उन्होंने सुमन को दिखाया है, वो काफी उम्दा रहा है। अमृता सुभाष के साथ ही यामिनी दास, आनंदेश्वर द्विवेदी, अनूप सोनी, अंजना सुखानी, मनु बिष्ट, निखिल चावला, श्रेयांश कौरव सहित अन्य किरदारों ने भी सीरीज में चार चांद लगाने का काम किया है। एक्टिंग के अलावा बात निर्देशन की करे तो अपूर्व सिंह कार्की ने कमाल का काम किया है। 

क्या कुछ है खास: 'सास बहू अचार प्राइवेट लिमिटेड' की कहानी भले ही काफी आम लगती है, लेकिन इसकी जान है इसका प्रेजेंटेशन। 'सास बहू अचार प्राइवेट लिमिटेड' में कई ऐसे छोटे छोटे डायलॉग्स हैं, जिनको काफी बारीकी से लिखा गया है। सिर्फ डायलॉग्स ही नहीं इस सीरीज की सिनेमैटोग्राफी भी काबिल-ए-तारीफ है। वहीं स्क्रीनप्ले के साथ ही कैमरा शॉट्स भी काफी कसे हुए हैं। कुल मिलाकर ये कहना बिलकुल भी गलत नहीं होगा कि सीरीज सिर्फ जितनी अच्छी कागज पर लिखी गई, उतनी ही अच्छी बनाई भी गई है। हालांकि फैक्ट्स के तौर पर कुछ बिजनेस के लिहाज से कुछ चीजें ऐसी हैं, जिन पर ध्यान दिया जाता तो और बेहतर होता। लेकिन बतौर दर्शक न तो वो जरूरी लगती है और न ही एक सीरीज में छोटी से छोटी चीज को दिखाया जा सकता है। 'सास बहू अचार प्राइवेट लिमिटेड' में कई ऐसे सीन्स हैं, जो चली आ रही सोच पर चोट करते हैं, जैसे सौतेली मां सिर्फ बुरी ही होती है... या फिर एक अनपढ़ औरत क्या ही बिजनेस करेगी। सीरीज में उस सोच पर भी प्रहार किया गया है, जहां लड़की को पढ़ाने लिखाने से ज्यादा इस बात के लिए तैयार किया जाता है कि 'एक दिन एक राजकुमार आकर उसे ले जाएगा', लेकिन जब जीवन में समस्याएं आती हैं तो उसे पता ही नहीं होता है कि उसे करना क्या है? ऐसे कई छोटी छोटी बातों सीरीज देखते वक्त आपके दिमाग में आती हैं और काफी हद तक ऐसी रूढ़िवादी बातों से बाहर खींचती है। 

देखें या नहीं: 'सास बहू अचार प्राइवेट लिमिटेड' को आपको जरूर अपने परिवार के साथ देखना चाहिए। इस वेब सीरीज वो सब कुछ है जो एक फैमिली एंटरटेनर में होता है। इसे देखकर आप भावुक भी होंगे, हंसेंगे भी और कई बार किरदार से जुड़ाव के कारण आपको उसके साथ बुरा होने पर गुस्सा भी आएगा। ये कहना भी कतई गलत नहीं होगा कि टीवीएफ बीते दिनों खूब चर्चा में रही 'पंचायत' से 'सास बहू अचार प्राइवेट लिमिटेड' को एक कदम आगे ले गए हैं।

epaper