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हिंदी न्यूज़ मनोरंजन फिल्म रिव्यूPanchayat 2 Review: हंसाएगी, दिमाग की बत्ती जलाएगी और फिर आंखें नम कर जाएगी 'पंचायत 2', जरूर देखें

Panchayat 2 Review: हंसाएगी, दिमाग की बत्ती जलाएगी और फिर आंखें नम कर जाएगी 'पंचायत 2', जरूर देखें

पंचायत 2 में आप मुस्कुराएंगे, छोटी छोटी समाज और लोगों से जुड़ी बातों पर अपना दिमाग भी लगाएंगे और आखिर में आंखें नम कर जाएंगे। यह ऐसे मोड़ पर खत्म होती है, जो तीसरे पार्ट के लिए उत्साहित करती है।

Panchayat 2 Review: हंसाएगी, दिमाग की बत्ती जलाएगी और फिर आंखें नम कर जाएगी 'पंचायत 2', जरूर देखें
Avinash Singhअविनाश सिंह पाल, हिन्दुस्तान,मुंबईFri, 20 May 2022 12:04 AM

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वेब सीरीज:पंचायत 2
प्रमुख कास्ट: जितेंद्र कुमार, नीना गुप्ता, रघुबीर यादव, फैसल मलिक, चंदन रॉय, सानविका और दुर्गेश कुमार
निर्देशक: दीपक कुमार मिश्रा
ओटीटी: अमेजन प्राइम वीडियो

क्या है कहानी: पंचायत 2 की कहानी वहीं से शुरू होती है, जहां पर पहले सीजन की कहानी में ब्रेक लगा था। पंचायत सचिव अभिषेक त्रिपाठी (जितेंद्र कुमार) पंचायत के ऑफिस रहकर अपने एग्जाम की तैयारी में जुटे हैं। इसके बाद सीरीज गांव की हर दिन वाली छोटी- मोटी समस्याएं और दिनचर्या  के साथ ही आगे बढ़ती जाती है। जहां अभिषेक के साथ गांव प्रधान मंजू देवी (नीना गुप्ता) और उनके पति बृजभूषण दुबे (रघुबीर यादव), पंचायत सचिव सहायक विकास (चंदन रॉय) और उप-प्रधान प्रहलाद पांडे (फैसल मलिक) मौजूद नजर आते हैं। कहानी में अभिषेक त्रिपाठी की मंजू देवी और बृजभूषण दुबे की बेटी रिंकी (सानविका) संग बेहद क्यूट सी कथित लव स्टोरी आपके होठों पर एक हल्की सी मुस्कान भी छोड़ जाती है।

क्या कुछ है खास: पंचायत की सफलता के बाद पंचायत 2 को लेकर दर्शक काफी एक्साइटिड थे और शायद यही वजह है कि सीरीज को तय वक्त से करीब 36 घंटे पहले ही रिलीज कर दिया गया था। इस सीरीज में 30-40 मिनट के कुल 8 एपिसोड्स हैं, और हर एक एपिसोड की अपनी खासियत है। किसी एपिसोड में दिखता है कि कैसे रिश्ते काम के बीच में आते हैं तो किसी में दिखता है कि कैसे कुछ लोग सिर्फ समस्याओं को ही लेकर आगे बढ़ते हैं।सीरीज एक ओर जहां विधायक के रोल के साथ ही सरकारी काम काज पर तंज कसती है तो दूसरी ओर शादी के दौरान लड़का पसंद नहीं आने के बाद भी लड़के द्वारा लड़की को बार- बार परेशान करने की छोटी मगर मोटी समस्या भी जाहिर करती है। पंचायत 2 में ऐसे कई छोटे छोटे मुद्दे और डायलॉग्स हैं, जो आपके दिमाग की बत्ती जलाते हैं और अगली बार वैसे कुछ करने या होता देख आप भी अलग तरह से सोचने को मजबूर करेंगे।

कैसी है एक्टिंग और निर्देशन: हर फिल्म या सीरीज में कुछ चुनिंदा चेहरों का जिक्र होता है, लेकिन पंचायत में ये कहना गलत होगा कि सिर्फ मेन लीड्स ने ही बढ़िया काम किया है। सीरीज की शुरुआत में आप भले ही जितेंद्र कुमार, नीना गुप्ता और रघुबीर यादव के चेहरे जाने पहचाने लगे, लेकिन सीरीज देखते देखते आपको फैसल मलिक, चंदन रॉय, सानविका और दुर्गेश कुमार सहित हर एक किरदार अपना सा लगने लगेगा। हर एक किरदार ने बेहद शानदार एक्टिंग की है और दिल को जीतने वाला परफॉर्मेंस दिया है। एक्टिंग के अलावा बाकी तकनीकी मापदंडो पर भी सीरीज खरी बैठती है। पंचायत 2 की सिनेमैटोग्राफी और डायलॉग्स भी इसकी जान है, जो आपको पूरी सीरीज में बांधे रखती है। वहीं अनुराग साइकिया का म्यूजिक और कहानी लिखने वाले चंदन कुमार ने भी लाजवाब काम किया है। दीपक कुमार मिश्रा के निर्देशन में 8 एपिसोड्स में आपको कहीं भी ऐसा नहीं महसूस होगा कि कुछ खटक रहा है। 

देखें या नहीं: इस वेब सीरीज को जरूर वक्त निकालकर अपने परिवार के साथ देखें। काफी कम ऐसी सीरीज या फिल्में देखने को मिलते हैं, जो पहले पार्ट से बढ़िया साबित होती हैं और पंचायत 2 उन में से एक है। इस सीरीज में आप मुस्कुराएंगे, छोटी छोटी समाज और लोगों से जुड़ी बातों पर अपना दिमाग भी लगाएंगे और आखिर में आंखें नम कर जाएंगे। पंचायत 2 ऐसे मोड़ पर आकर खत्म होती है, जहां पर सोचते हैं कि काश जल्दी से इसका तीसरा सीजन भी सामने आ जाए।
 

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