
धर्मेंद्र के अंतिम संस्कार में क्यों की गई जल्दबाजी, हेमा मालिनी ने बताई वजह- वह नहीं चाहते थे कि...
धर्मेंद्र के अंतिम दर्शन ना कर पाने पर सोशल मीडिया पर उनके कई फैन्स ने दुख और गुस्सा जताया था। अब परिवार के एक करीबी ने हेमा मालिनी से मुलाकात करके उनसे बातचीत का कुछ हिस्सा सोशल मीडिया पर शेयर किया है। इसमें वजह लिखी है।
धर्मेंद्र के निधन के बाद उनके परिवार ने आनन-फानन में उनका अंतिम संस्कार कर दिया। देओल परिवार के इस फैसले की कई लोगों ने आलोचना भी की। अब देओल फैमिली के करीबी एक यूएई के जर्नलिस्ट हमद अल रेयामी का पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल है। वह धर्मेंद्र के निधन के बाद हेमा मालिनी से मिलने गए थे। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर लंबा पोस्ट लिखा है, जिसमें हेमा मालिनी से बातचीत का अंश है। हमद ने लिखा है कि हेमा ने उनको बताया कि धर्मेंद्र के फैन्स को उनके अंतिम दर्शन क्यों नहीं करने दिए गए।
पहली बार हेमा से हुई बात
हमद अल रेयामी ने उर्दू में पोस्ट किया है, तीसरे दिन की रस्म (अज़ा/श्रद्धांजलि) में मैं दिग्गज कलाकार हेमा मालिनी से मिलने गया, जो दिवंगत सुपरस्टार धर्मेंद्र की पत्नी हैं। यह पहली बार था जब मैं उनसे आमने-सामने मिला, जबकि मैंने उन्हें कई मौकों पर दूर से पहले भी देखा था। लेकिन इस बार माहौल बिल्कुल अलग था… दर्द से भरा, भारी, ऐसा मौका जिसे चाहकर भी समझ पाना आसान नहीं होता।
हेमा की आंखों में दिखा दर्द
हमद आगे लिखते हैं, मैं उनके पास बैठा और उनकी आंखों में एक टूटन महसूस की, जिसे वह पूरी कोशिश से छिपाने की कोशिश कर रही थीं। उन्होंने रुक-रुककर कहा, 'काश मैं उसी दिन फ़ार्महाउस पर होती… जहां मैं करीब दो महीने पहले धर्मेंद्र जी के साथ थी… काश मैं उन्हें वहां देख पाती।' उन्होंने मुझे बताया कि वह अक्सर धर्मेंद्र से कहती थीं, 'आप अपनी खूबसूरत कविताएं और लिखी हुई बातें पब्लिश क्यों नहीं करते? और वह जवाब देते, 'अभी नहीं कुछ और कविताएं पूरी कर लेने दो।' वक्त ने उन्हें मौका नहीं दिया और वह चले गए।'
नहीं सामने आएंगी उनकी लिखी बातें
हमद आगे लिखते हैं,उन्होंने (हेमा ने) कड़वाहट भरे दर्द से कहा, अब तो अजनबी आएंगे… वे उनके बारे में लिखेंगे, किताबें निकालेंगे… जबकि उनकी अपनी लिखी बातें कभी दुनिया के सामने नहीं आ सकीं।' फिर उन्होंने गहरी उदासी के साथ कहा कि उन्हें अफसोस है कि उनके चाहने वाले उन्हें आखिरी बार नहीं देख सके।
क्यों हुआ जल्दबाजी में अंतिम संस्कार
हमद ने लिखा, हेमा बोलती हैं, 'धर्मेंद्र ने पूरी जिंदगी नहीं चाहा कि कोई उन्हें कमज़ोर या बीमार हालत में देखे। वह अपना दर्द सबसे छुपा लेते थे, यहां तक कि अपने सबसे करीबियों से भी और इंसान के जाने के बाद… फैसला परिवार पर ही निर्भर करता है।' फिर कुछ पल रुकीं,आंसू पोंछे और साफ-साफ बोलीं, लेकिन जो हुआ, वो ठीक ही था… क्योंकि हामिद, तुम उनकी वह हालत देख ही नहीं पाते। उनके आखिरी दिनों की स्थिति बहुत कठिन थी… दर्दनाक और हम खुद भी मुश्किल से उन्हें उस हाल में देख पाए।' हामिद लिखते हैं, उनके शब्द तीर की तरह लगे… दर्दनाक और सच्चे। मैंने बातचीत खत्म करते हुए कहा, 'जो भी हो… मेरी मोहब्बत उनके लिए कभी नहीं बदलेगी… न ही उनका असर मेरी जिंगदगी से कभी कम होगा।'
हेमा से की फोटो की रिक्वेस्ट
हामिद ने हेमा के साथ फोटो भी ली, उन्होंने लिखा है, जब मैं जाने लगा, तो मैंने उनसे बहुत झिझकते हुए, कहा कि क्या मैं उनके साथ एक तस्वीर ले सकता हूं, क्योंकि मेरे पास कभी भी हेमा मालिनी जी के साथ ली हुई कोई तस्वीर नहीं रही। और उनकी प्रतिक्रिया बिल्कुल वैसी ही थी जैसी धर्मेंद्र की होती थी…मुस्कान, अपनापन और सच्चा स्वागत।

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Kajal Sharmaलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




